हिंदू कानून के तहत गोद लेने को छोड़कर, बाकी किसी भी धर्म में अगर बच्चा गोद लिया जाता है, तो पूरी प्रक्रिया किशोर न्याय अधिनियम, 2015 (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) के हिसाब से ही होगी।

गोद लेना

यह लेख भारत में बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया को आसान तरीके से समझाता है। अगर कोई बच्चा हिंदू कानून के तहत गोद नहीं लिया जा रहा, तो ऐसे मामलों में किशोर न्याय अधिनियम, 2015 (बच्चों  की देखभाल और संरक्षण) लागू होगा । वहीं अगर गोद लेना हिंदू कानून के तहत हो रहा है, तो इसके लिए हिंदू दत्तक तथा भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के नियम मानने होंगे।

गोद लेने के प्रभाव

गोद लेने की प्रक्रिया