गैर-धार्मिक कानून के तहत गोद लेना।
गैर-धार्मिक कानून के तहत, इन बच्चों को गोद लिया जा सकता है:
- अगर बाल कल्याण समिति ये तय कर दे कि इन बच्चों को अब कानूनी तौर पर गोद दिया जा सकता है, तो:
- कोई भी अनाथ बच्चा जिसके असली माता-पिता, गोद लेने वाले माता-पिता या कानूनी अभिभावक नहीं हो
- ऐसा बच्चा जिसे उसके असली माता-पिता छोड़कर चले गए हों
- ऐसा बच्चा जिसे उसके माता-पिता ने खुद ही गोद देने के लिए अधिकारियों को सौंप दिया हो
- रिश्तेदारी में किसी अपने का बच्चा
- ऐसा बच्चा, जिसे उसके असली माता-पिता ने सौंप दिया हो और जिसे सौतेले माता या पिता ने गोद ले लिया हो
हिंदू कानून के तहत गोद लेना।
हिंदू कानून के हिसाब से, बच्चों को तभी गोद लिया जा सकता है, जब वे कुछ तय शर्तों (रीति-रिवाजों के आधार पर कुछ मामलों में थोड़ी छूट होती है) को पूरा करते हों :
- वे शादीशुदा न हों।
- उनकी उम्र 15 साल से कम हो
- वे हिंदू हों।
- वे पहले से ही गोद नहीं लिए गए हों।
