गोद लेने के तरीके

आखिरी अपडेट Sep 28, 2026

नीचे बताए गए गोद लेने के तरीके सिर्फ तब लागू होते हैं जब आप गैर-धार्मिक कानून के तहत गोद ले रहे हों। हिंदू दत्तक कानूनों में ऐसा कोई विशेष तरीका नहीं होता।

गोद लेने की प्रक्रिया के ये अलग-अलग तरीके हैं:

• भारतीय निवासी द्वारा गोद लेना (भारत में रहने वाले लोग)।

• भारतीय नागरिकों द्वारा किसी दूसरे देश के बच्चे को गोद लेना।

• भारत के प्रवासी नागरिक (भारत के प्रवासी नागरिक , विदेश में रहने वाला भारतीय नागरिक) या भारत में रहने वाले किसी विदेशी नागरिक द्वारा गोद लेना।

• ओ.सी.आई या अनिवासी भारतीय (एन.आर.आई) या दूसरे देशों में रहने वाले किसी विदेशी नागरिक द्वारा गोद लेना।

• सौतेले माता-पिता द्वारा गोद लेना।

• रिश्तेदार द्वारा गोद लेना।

  • देश में गोद लेना यानी भारत में ही गोद लेना।
  • अंतर्देशीय गोद लेना यानी एक देश से किसी दूसरे देश में गोद लेना।

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न्यायालयों की भूमिका

गोद लेने की प्रक्रिया के दौरान कोर्ट बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कोर्ट द्वारा निभाई गई कुछ महत्वपूर्ण भूमिकाएं नीचे दी गई हैं |

गोद लेने के प्रभाव

दत्तक माता-पिता का बच्चा: वह गोद लेने वाले (सौतेले) माता-पिता का बच्चा बन जाता है, और वे माता-पिता बच्चे के असली माता-पिता की तरह बन जाते हैं |

हिंदू कानून के तहत गोद लेने की प्रक्रिया

हिंदू कानून के तहत गोद लेने पर, बच्चे को गोद लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया नहीं है। किसी भी दिशा-निर्देश का पालन करने की आवश्यकता नहीं है |

सौतेले माता-पिता द्वारा बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया (गैर-धार्मिक कानून)

सौतेले माता-पिता के रूप में आप जिस बच्चे को गोद लेना चाहते हैं, तो उसके लिए आप नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं।

उपभोक्ता शिकायत मंच

उपभोक्ता संरक्षण कानून संबद्ध प्राधिकरणों को निर्दिष्‍ट करता है कि कोई उपभोक्ता-अधिकारों का उल्‍लंघन होने पर उनसे संपर्क कर सकता है।

शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया

इस सबके बावजूद, शिकायत का समाधान न होने पर, आप उपभोक्ता मंचों से संपर्क हेतु किसी वकील की मदद ले सकते हैं।