ओ.सी.आई या अनिवासी भारतीय (एन.आर.आई) या किसी दूसरे देश में रहने वाले विदेशी नागरिक (गैर-धार्मिक कानून) द्वारा गोद लेना

आखिरी अपडेट Aug 18, 2022

अगर आप भारत के प्रवासी नागरिक (ओ.सी.आई), प्रवासी भारतीय (एन.आर.आई) या किसी अन्य देश में रहने वाले विदेशी हैं, तो बच्चे को गोद लेने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

चरण 1: आप जिस देश में रह रहें हैं, उस देश के संबंधित प्राधिकरण यानी अधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण एजेंसी या केंद्रीय प्राधिकरण से संपर्क करना चाहिए। आप जिस देश में निवास कर रहें हैं, अगर उस देश में कोई अधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण एजेंसी या केंद्रीय प्राधिकरण नहीं है, तो आपको (भारतीय नागरिक होने पर) उस देश में संबंधित सरकारी विभाग या भारतीय राजनयिक मिशन में संपर्क करना चाहिए। वे आयोजित किए जाने वाले होम स्टडी और पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में आपका मार्गदर्शन करेंगे। गोद लेने वाली विदेशी एजेंसियों की सूची के लिए यहां देखें।

चरण 2: आपको जरूरी दस्तावेज जमा करना चाहिए। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया उस प्राधिकारी से पूछें जिनसे आपने संपर्क किया है।

चरण 3: दो बच्चों को आपके पास गोद लेने के लिए भेजा जाएगा, और आप 96 घंटों के भीतर उसमें से किसी एक बच्चे को चुन सकते हैं, और फिर दूसरे बच्चे की प्रोफाइल वापस ले ली जाएगी। अगर आप ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो दोनों बच्चों की प्रोफाइल वापस ले ली जाएगी। किसी एक बच्चे को चुनने के बाद, आपको उस तारीख से तीस दिनों के भीतर बच्चे को स्वीकार करना होगा और बच्चे की बाल अध्ययन रिपोर्ट और चिकित्सा जाँच रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करना होगा। ऐसा नहीं कर पाने पर आपकी प्रोफ़ाइल वरीयता सूची में सबसे नीचे चली जाएगी और बच्चे की प्रोफ़ाइल वापस ले ली जाएगी। आप बच्चे से व्यक्तिगत रूप से भी मिल सकते हैं, और किसी चिकित्सक से चिकित्सा रिपोर्ट की समीक्षा करवा सकते हैं।

चरण 4: संबंधित प्राधिकारी द्वारा गोद लेने के पक्ष में एक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एन.ओ.सी) जारी किया जाएगा, और चाइल्ड एडॉप्शन रिसोर्स इंफॉर्मेशन एंड गाइडेंस सिस्टम (CARINGS) की वेबसाइट पर उसे पोस्ट किया जाएगा।

चरण 5: अगर आपको अनापत्ति प्रमाण-पत्र मिलता है, तो जब तक कोर्ट का आदेश नहीं आ जाता, तब तक आप बच्चे को दत्तक-पूर्व पालन-पोषण एवं देखभाल के लिए अस्थायी रूप से ले जा सकते हैं। ऐसा करने के लिए, आपको निम्नलिखित घोषणा पत्र या वचन देना होगा। इसके बाद आपको बच्चे की स्थायी जिम्मेदारी दे दी जाएगी:

• बच्चे का पासपोर्ट और वीजा जारी किया जाता है।

• कोर्ट द्वारा आदेश पारित किया जाता है।

चरण 6: संबंधित प्राधिकारी वहां के कोर्ट में एक आवेदन दायर करेगा। अदालत की कार्यवाही बंद या गुप्त कमरे में की जाएगी, और दो महीने के भीतर ही आपके दत्तक ग्रहण आवेदन के ऊपर फैसला सुना दिया जाएगा।

चरण 7: आपको भारत आना होगा और गोद लेने के आदेश की तारीख से दो महीने के भीतर ही बच्चे को ले जाना होगा। इसके बाद, निम्नलिखित औपचारिकताएं को पूरा किया जाएगा:

• कोर्ट द्वारा गोद लेने के आदेश जारी होने के बाद तीन कार्य दिवसों के भीतर ही संबंधित प्राधिकारी द्वारा एक अनुरूपता प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।

• वह प्राधिकरण गोद लेने की पुष्टि के बारे में संबंधित विभिन्न प्राधिकारियों को सूचित करेगा, जैसे कि अप्रवासन प्राधिकरण, आदि।

• प्राधिकरण बच्चे के लिए भारतीय पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र और ओ.सी.आई कार्ड (यदि लागू हो) प्राप्त करने में उसकी सहायता करेगा।

चरण 8: संबंधित प्राधिकरण द्वारा पहले वर्ष के दौरान हर तीन महीने पर और दूसरे वर्ष में हर छह महीने में, दत्तक-ग्रहण के विकास का आकलन करने के लिए अनुवर्ती कार्रवाई करेगा। कोई भी समस्या होने पर, इनके द्वारा परामर्श या सलाह दी जाएगी, और अगर बच्चे को गोद लेने के बाद कोई दिक्कत आती है, तो बच्चे को वापस ले लिया जा सकता है और उस बच्चे को फिर से गोद लेने के लिए कानूनी रूप से मुक्त घोषित किया जा सकता है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.

क्या आपके पास कोई कानूनी सवाल है जो आप हमारे वकीलों और वालंटियर छात्रों से पूछना चाहते हैं?

Related Resources

उत्पाद दायित्व क्या होता है?

उत्पाद में सेवा में कमी पाये जाने पर ग्राहक को हुए नुकसान की भरपाई के लिए उत्पाद निर्माता या विक्रेता की जिम्मेदारी को रेखांकित करती है।

कर में कटौती

कटौती एक व्यय है जिसे किसी व्यक्ति की सकल कुल आय से घटाया जाता है ताकि उस धनराशि को कम किया जा सके जिस पर कर लगाया जा रहा है। यह कटौती आय की राशि से कम, अधिक या उसके बराबर हो सकती है। यदि कटौती योग्य राशि आय की राशि से अधिक है तो […]

रैगिंग के लिए सज़ा

यदि कोई छात्र किसी अन्य छात्र की रैगिंग करते पकड़ा जाता है, तो उसे दंडित किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए इस सरकारी संसाधन को पढ़ें |
Crimes and Violence

रैगिंग माने जाने वाले कृत्य

छात्रों के अनेक कृत्‍यों को कानून के तहत रैगिंग माना जाता है। रैगिंग के रूप में माने जाने वाले कुछ कृत्‍य हैं |
Crimes and Violence

रिश्तेदारों द्वारा गोद लेने की प्रक्रिया (गैर-धार्मिक कानून)

एक बच्चे के रिश्तेदार के तौर पर, गोद लेने के लिए गैर-धार्मिक कानून का पालन करते हुए, आप भारत के भीतर और भारत के बाहर (अंतर्देशीय दत्तक) भी बच्चे को गोद ले सकते हैं। भारत के भीतर दत्तक ग्रहण या गोद लेना (अंतरादेशीय दत्तक ग्रहण) अंतरादेशीय दत्तक ग्रहण यानी भारत के भीतर ही रिश्तेदारों द्वारा […]

ध्वनि-प्रदूषण की शिकायत दर्ज कराना

अगर कोई शोर हो रहा है जिससे आपको झुंझलाहट होती है, या बेचैनी या कोई चोट लगती है, तो आप नीचे दिए गए अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं।