हिंदू कानून के तहत गोद लेने के लिए कोई तय प्रक्रिया नहीं है।आपको किसी खास दिए गए नियमों को मानना जरूरी नहीं होता, लेकिन कुछ मामलों में गोद लेने का दस्तावेज़ (Adoption Deed) बनवाना पड़ सकता है।
गोद लेने की प्रक्रिया और इस दस्तावेज़ के प्रारूप के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए आप किसी वकील से सलाह ले सकते हैं।
अगर आप एक अभिभावक हैं
अगर आप बच्चे के अभिभावक (Guardian) हैं, तो कुछ मामलों में बच्चे को गोद लेने या गोद देने के लिए आपको कोर्ट से अनुमति लेनी होती है। ये मामले इस प्रकार हैं:
• जब माता और पिता दोनों की मृत्यु हो गई हो;
• जब बच्चे के माता और पिता दोनों ने पूरी तरह से सांसारिक जीवन को त्याग दिया हो।
• जब बच्चे के पिता और माता दोनों ने बच्चे को छोड़ दिया हो।
• जब संबंधित कोर्ट ने बच्चे के माता-पिता दोनों को मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित कर दिया हो।
• जब बच्चे के माता-पिता के बारे में कोई जानकारी न हो।
