रिश्तेदारों द्वारा गोद लेने की प्रक्रिया (गैर-धार्मिक कानून)

आखिरी अपडेट Aug 18, 2022

एक बच्चे के रिश्तेदार के तौर पर, गोद लेने के लिए गैर-धार्मिक कानून का पालन करते हुए, आप भारत के भीतर और भारत के बाहर (अंतर्देशीय दत्तक) भी बच्चे को गोद ले सकते हैं।

भारत के भीतर दत्तक ग्रहण या गोद लेना (अंतरादेशीय दत्तक ग्रहण)

अंतरादेशीय दत्तक ग्रहण यानी भारत के भीतर ही रिश्तेदारों द्वारा गोद लेने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।

चरण 1: आपको यह निर्धारित करना चाहिए कि क्या आप बच्चे को गोद ले सकते हैं। आपका बच्चे के साथ निम्नलिखित में से किसी भी तरह का एक संबंध होना चाहिए:

  • आप उस बच्चे का चाचा या चाची हो,
  • आप उसके मामा या मामी हो,
  • आप उसके दादा-दादी हो,
  • आप उसके नाना-नानी हो।

आप या तो एक भारतीय निवासी हों, या अनिवासी भारतीय (एन.आर.आई) हों, या भारत का एक प्रवासी नागरिक (ओ.सी.आई) हों जो कम से कम एक साल से भारत में रह रहें हों।

चरण 2: आपको यहां केंद्रीय दत्तक संसाधन संस्था (कारा) (CARA) की वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा। यह आपको बाल दत्तक ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शन प्रणाली (CARINGS) की वेबसाइट पर रीडायरेक्ट करेगा। जहाँ आपको निम्नलिखित आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा:

  • निवास प्रमाण-पत्र
  • अगर बच्चा 5 वर्ष से अधिक उम्र का है, तो उस बच्चे की सहमति।
  • उसके असली माता-पिता की सहमति, या बच्चे के कानूनी अभिभावक को गोद लेने के लिए बाल कल्याण समिति (सी.डब्ल्यू.सी) की अनुमति
  • गोद लेने के लिए कोर्ट का आदेश, जैसा कि चरण 3 में बताया गया है।
  • आपका और आपके पति/पत्नी के रिश्ते के सम्बन्ध में, और आपकी वित्तीय और सामाजिक स्थिति की हलफनामा

चरण 3: इसके बाद, आपको इस प्रारूप में गोद लेने लेने के लिए एक आवेदन दाखिल करना होगा। एक बार आवेदन प्राप्त करने के बाद, आपको इसे चाइल्ड एडॉप्शन रिसोर्स इंफॉर्मेशन एंड गाइडेंस सिस्टम (CARINGS) की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।

विभिन्न देशों में गोद लेने के लिए (अंतर-देशीय दत्तक ग्रहण)

विभिन्न देशों में रिश्तेदारों द्वारा बच्चे को गोद लेने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।

चरण 1: आपको यह निर्धारित करना चाहिए कि क्या आप बच्चे को गोद ले सकते हैं। अगर आप अनिवासी भारतीय (एन.आर.आई) या भारत के प्रवासी नागरिक (ओ.सी.आई) हैं तो आप किसी रिश्तेदार के बच्चे को गोद ले सकते हैं।

चरण 2: आप जिस देश में रह रहें हैं, उस देश के संबंधित प्राधिकरण यानी अधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण एजेंसी या केंद्रीय प्राधिकरण से संपर्क करना चाहिए। आप जिस देश में निवास कर रहें हैं, अगर उस देश में कोई अधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण एजेंसी या केंद्रीय प्राधिकरण नहीं है, तो आपको (भारतीय नागरिक होने पर) उस देश में संबंधित सरकारी विभाग या भारतीय राजनयिक मिशन में संपर्क करना चाहिए। आपके द्वारा जो होम स्टडी आयोजित किया जाएगा, उसके बारे में वे मार्गदर्शन देंगे और एक बार यह होम स्टडी हो जाने के बाद, पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होगी।

चरण 3: आपको जरूरी दस्तावेज जमा करना चाहिए। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया उस प्राधिकारी से पूछें जिससे आपने संपर्क किया है।

चरण 4: एक बार आपके दस्तावेज जमा हो जाने के बाद, संबंधित प्राधिकारी आपके आवेदन को जिला बाल संरक्षण इकाई (डी.सी.पी.यू) को एक पारिवारिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट तैयार करने के लिए भेज देगा, (इसके लिए पैसा भी लग सकता है)। रिपोर्ट के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां देखें। आप जिस देश में बच्चे को ले जाना चाहते हैं, उस देश के संबंधित प्राधिकारी को यह रिपोर्ट भेजी जाएगी।

चरण 5: आपको बच्चे के असली माता-पिता की सहमति पत्र और अन्य सभी दस्तावेजों के साथ, जिस जिला में बच्चा रह रहा हो, उस जिले के कोर्ट में गोद लेने के लिए एक आवेदन दाखिल करना चाहिए। वे सभी दस्तावेज नीचे दिए गए हैं:

  • बच्चे की सहमति, अगर बच्चे की उम्र 5 साल से अधिक है।
  • जिस देश में बच्चे को ले जाना चाहते हैं, उस देश की अनुमति।
  • बच्चे के साथ आपका रिश्ता (वंशावली)
  • आपकी, बच्चे और उसके असली माता-पिता की हाल की पारिवारिक फोटो
  • इस तरह बच्चे का असली माता-पिता की सहमति या बाल कल्याण समिति (सी.डब्ल्यू.सी) से बच्चे को उसके कानूनी अभिभावक को आत्मसमर्पण करने और उसे गोद देने की अनुमति
  • पारिवारिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट

इसके बाद, आपको दत्तक आदेश की एक प्रमाणित प्रति डी.सी.पी.यू को देनी चाहिए।

चरण 6: संबंधित प्राधिकारी डी.सी.पी.यू के द्वारा दत्तक ग्रहण आदेश प्राप्त करने के दस दिनों के भीतर गोद लेने के पक्ष में एक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एन.ओ.सी) प्रदान की जाएगी।

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.

क्या आपके पास कोई कानूनी सवाल है जो आप हमारे वकीलों और वालंटियर छात्रों से पूछना चाहते हैं?

Related Resources

गोद लेना किसे कहते हैं?

‘गोद लेना’ वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से गोद लेने वाले भावी माता-पिता कानूनी रूप से बच्चे की जिम्मेदारी लेते हैं, जिसमें बच्चे को पहले से ही दिए गए सभी अधिकार, विशेषाधिकार और जिम्मेदारियां शामिल हैं। गोद लेने की कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, बच्चे को उनके असली माता-पिता से स्थायी रूप से अलग […]

कौन गोद ले सकता है?

गैर-धार्मिक कानून के तहत गोद लेने के लिए, आपको एक भावी माता-पिता के रूप में माने जाने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा |

न्यायालयों की भूमिका

गोद लेने की प्रक्रिया के दौरान कोर्ट बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कोर्ट द्वारा निभाई गई कुछ महत्वपूर्ण भूमिकाएं नीचे दी गई हैं |

कर में कटौती

कटौती एक व्यय है जिसे किसी व्यक्ति की सकल कुल आय से घटाया जाता है ताकि उस धनराशि को कम किया जा सके जिस पर कर लगाया जा रहा है। यह कटौती आय की राशि से कम, अधिक या उसके बराबर हो सकती है। यदि कटौती योग्य राशि आय की राशि से अधिक है तो […]

भारतीय निवासियों द्वारा गोद लेने की प्रक्रिया (गैर-धार्मिक कानून)

एक निवासी भारतीय के रूप में, आप देश में गोद लेने का विकल्प चुन सकते हैं, यानी भारत के भीतर गोद लेना।

ओ.सी.आई या अनिवासी भारतीय (एन.आर.आई) या किसी दूसरे देश में रहने वाले विदेशी नागरिक (गैर-धार्मिक कानून) द्वारा गोद लेना

अगर आप भारत के प्रवासी नागरिक (ओ.सी.आई), प्रवासी भारतीय (एन.आर.आई) या किसी अन्य देश में रहने वाले विदेशी हैं |