शबनम हाशमी बनाम भारत संघ मामले में तय हुआ कि किशोर न्याय अधिनियम, 2002 के तहत गोद लेने का अधिकार (जो धर्मनिरपेक्ष कानून है) सिर्फ हिंदुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी धर्मों के लोगों (हिंदू और गैर-हिंदू) को भी दिया गया है।

कौन गोद ले सकता है?

आखिरी अपडेट Sep 29, 2026

गैर-धार्मिक कानून के तहत गोद लेना

गैर-धार्मिक कानून के तहत गोद लेने के लिए, आपको संभावित यानी होने वाले माता-पिता बनने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं:

स्वास्थ्य

• आपको शारीरिक रूप से फिट होना चाहिए यानी आपको कोई जानलेवा बीमारी न हो।

• आपको आर्थिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत होना चाहिए और बच्चे को गोद लेने के बाद उसको अच्छी परवरिश देने का पूरा इरादा  होना चाहिए।

वैवाहिक स्थिति (आपकी शादी हुई है या नहीं )

• गोद लेने वाले अकेले माता/पिता: इसमें आपकी शादी हुई है या नहीं, या आपके पहले से बच्चे हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता यानी एक अकेला/तलाकशुदा/शादीशुदा व्यक्ति भी बच्चे को गोद ले सकता है। अगर आप एक लड़की को गोद लेना चाहते हैं, तो आपको एक महिला होना चाहिए। एक अकेली महिला लड़का और लड़की दोनों बच्चों को गोद ले सकती है। जबकि, एक अकेला पुरुष एक लड़की को गोद नहीं ले सकता है। 

• गोद लेने वाले शादीशुदा माता-पिता: शादीशुदा जोड़े के मामलों में, पति-पत्नी दोनों को गोद लेने के लिए सहमति देनी होती है। साथ ही, उनका रिश्ता कम से कम 2 साल से स्थिर और मजबूत होना चाहिए।

मौजूदा बच्चे (अगर पहले से आपके बच्चे हैं)

जिन पति-पत्नी के पहले से 3 या उससे ज़्यादा बच्चे हैं, उन्हें बच्चा गोद लेने की इजाज़त नहीं है। लेकिन कुछ खास मामलों में छूट है, जैसे- खास  देखभाल की जरूरत वाले बच्चे, ऐसे बच्चे जिन्हें लंबे समय से कोई गोद नहीं ले रहा या जब बच्चे के सौतेले माता-पिता या रिश्तेदार बच्चे को गोद ले रहे हों।

उम्र

बच्चे और उसे गोद लेने वाले माता-पिता के बीच कम से कम 25 साल उम्र का अन्तर होना चाहिए।

• सौतेले माता-पिता और रिश्तेदारों वाले गोद लेने के मामलों को छोड़कर,अलग-अलग उम्र के बच्चों को गोद लेने के लिए पति-पत्नी की कुल (जोड़कर) उम्र देखी जाती है।यह समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें कि आप किस उम्र के बच्चे को गोद ले सकते हैं।

 

बच्चे की उम्र गोद लेने वाले माता-पिता (पति-पत्नी) की मिलाकर अधिकतम उम्र, जिसके अंदर वे बच्चे को गोद ले सकते हैं। गोद लेने वाले अकेले माता/पिता की अधिकतम उम्र, जिसके अंदर ही वे बच्चे को गोद ले सकते हैं।
4 साल तक 90 साल 45 साल
4 साल से लेकर 8 साल तक 100 साल 50 साल
8 साल से लेकर 18 साल तक 110 साल 55 साल

 

हिंदू कानून के तहत गोद लेना

हिंदू कानून के तहत गोद लेने के लिए, आपको बच्चे का माता-पिता बनने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं।

हिंदू कानून के तहत, एक हिंदू पुरुष या महिला किसी हिंदू बच्चा या बच्ची को गोद ले सकते हैं। 

एक हिन्दू पुरुष जो एक बच्ची को गोद लेता है, तो वह उससे कम से कम 21 साल बड़ा होना चाहिए। इसी तरह,अगर एक हिंदू महिला जो एक बच्चा (लड़के) को गोद लेती है, वह उससे कम से कम 21 साल बड़ी होनी चाहिए।

हिन्‍दू दत्तक भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत गोद लेने के लिए, आपको कुछ तय शर्तें को भी पूरा करना होता है:

उम्र

• आपकी उम्र 18 साल से ज़्यादा हो और आप मानसिक रूप से स्वस्थ हो।

वैवाहिक स्थिति यानी आप शादीशुदा हैं या नहीं

• गोद लेने वाले शादीशुदा माता-पिता: अगर आप शादीशुदा हैं, तो बच्चे को गोद लेने के लिए आपको आपकी पत्नी या पति की सहमति लेनी होती है। लेकिन अगर आपका जीवनसाथी मानसिक रूप से कमजोर हो, या फिर उसकी मृत्यु हो चुकी हो, या अब वह हिंदू न हो। इस स्थिति में उसकी सहमति जरूरी नहीं होती है।

अगर एक ही पत्नी है, तो वही बच्चे की गोद लेने वाली माँ मानी जाएगी। वहीं अगर एक से ज्यादा पत्नियां हैं, तो सबसे बड़ी पत्नी को गोद लेने वाली माँ माना जाएगा और बाकी पत्नियां बच्चे की सौतेली माँ ही होंगी।

• गोद लेने वाले अकेले माता/पिता: अगर आप शादीशुदा नहीं है या फिर विधवा/विधुर हैं, तो आप एक बच्चे को गोद ले सकते हैं।  अगर आप बाद में शादी करते हैं, तो आपका जीवनसाथी उस बच्चे का सौतेला पिता या सौतेली माँ माना जाएगा।

मौजूदा बच्चे (अगर पहले से आपके बच्चे हैं)

• अगर आप एक लड़की को गोद ले रहे हैं, तो आपके पास  पहले से कोई जीवित हिंदू बेटी या पोती (अपनी या सौतेली) नहीं होनी चाहिए। इसी तरह, अगर आप एक लड़के को गोद ले रहे हैं, तो आपके पास कोई जीवित हिंदू बेटा, पोता या परपोता (अपना या सौतेला) नहीं होना चाहिए।

 

Comments

    Shilpi bhatt

    February 6, 2024

    I want to adopt girl I am a single parent

    Pawan Kumar Saini

    February 13, 2024

    श्रीमान जी पति की दुर्घटना मे मृत्यु हो गई जिनके एक पुत्री है मृतक की पत्नि ने एनाम के लड़ के से विवाह कर लिया जिनके एर पुत्र सन्तान है अब x नाम का लड़का मृतक की पुत्री को गोद लेना चाहता है क्या पह गोदनामा हो सकता है

    Alka Manral

    June 4, 2024

    नहीं, एक एकल पुरुष एक लड़की को गोद लेने का अधिकार नहीं है।

    Nirmal

    March 29, 2024

    A Christian unmarried nun lady give up her Christian organization and adopt a girl child in 1988 from Christan orphan house from Bihar.that time adopted girl age was 3 years..there is have no adoption document to foster mother. She destroyed all documents. she doesn’t want give property to orphan girl. Current foster mother age is 71 years and orphan girl age is 47 years. Tell me what action may take under Indian law against foster mother? and orphan house?

    Aalm shah

    August 31, 2024

    हम बच्चा लेना चाहते हैं 9336897949

    Sikha

    December 10, 2024

    यदि आप भारत में एक बच्चे को गोद लेने पर विचार कर रहे हैं, तो यहां केंद्रीय गोद लेने के संसाधन प्राधिकरण (CARA) और अतिरिक्त संसाधनों से प्राप्त जानकारी के आधार पर एक व्यापक मार्गदर्शिका है। यह आपको प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और संभावित माता-पिता के लिए महत्वपूर्ण विचारों को समझने में मदद करेगा।
    गोद लेने के लिए पात्रता मानदंड
    उम्र:
    संभावित गोद लेने वाले माता-पिता की न्यूनतम उम्र 25 वर्ष है। हालांकि, यदि आप विवाहित हैं, तो कम से कम एक माता-पिता की उम्र 25 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
    अधिकतम उम्र सीमा सामान्यतः 55 वर्ष है।

    वैवाहिक स्थिति:
    विवाहित जोड़े एक साथ गोद ले सकते हैं।
    एकल व्यक्ति गोद ले सकते हैं, लेकिन बच्चे की उम्र और लिंग के आधार पर कुछ प्रतिबंध हो सकते हैं।
    तलाकशुदा व्यक्ति भी पात्र होते हैं लेकिन उन्हें अतिरिक्त जांच का सामना करना पड़ सकता है।

    आर्थिक स्थिरता:
    संभावित माता-पिता को आर्थिक स्थिरता और बच्चे की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता प्रदर्शित करनी होगी।

    गोद लेने के प्रकार
    इन-कंट्री गोद लेना: भारतीय नागरिकों के लिए जो भारत में बच्चों को गोद लेते हैं।
    इंटर-कंट्री गोद लेना: भारतीय नागरिकों या विदेशी नागरिकों के लिए जो विदेश से भारतीय बच्चों को गोद लेते हैं।
    गोद लेने की प्रक्रिया
    पंजीकरण:
    CARA या एक अधिकृत गोद लेने वाली एजेंसी में पंजीकरण करें। यह गोद लेने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पहला कदम है।

    होम स्टडी:
    एक सामाजिक कार्यकर्ता आपकी उपयुक्तता का मूल्यांकन करने के लिए होम स्टडी करेगा। इसमें साक्षात्कार और आपके घरेलू वातावरण का आकलन शामिल है।

    मैचिंग:
    स्वीकृति के बाद, परिवारों को विभिन्न कारकों जैसे उम्र, स्वास्थ्य और पारिवारिक पृष्ठभूमि के आधार पर बच्चों के साथ मिलाया जाता है।

    कानूनी प्रक्रियाएं:
    जब किसी बच्चे से मिलाया जाता है, तो गोद लेने को अंतिम रूप देने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक है। इसमें गोद लेने के लिए अदालत का आदेश प्राप्त करना शामिल है।

    आवश्यक दस्तावेज़
    पहचान प्रमाण (जैसे आधार कार्ड, पासपोर्ट)
    पते का प्रमाण
    आय प्रमाण (जैसे वेतन पर्ची, बैंक स्टेटमेंट)
    चिकित्सा फिटनेस प्रमाण पत्र
    विवाह प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
    CARA या गोद लेने वाली एजेंसी द्वारा निर्दिष्ट कोई अन्य दस्तावेज़।
    गोद लेने के बाद समर्थन
    CARA गोद लेने के बाद परिवारों के लिए संसाधन और समर्थन प्रदान करता है, जिसमें परामर्श सेवाएं और अपनाए गए बच्चों की परवरिश पर मार्गदर्शन शामिल है। यह समर्थन परिवारों को समायोजित करने और अपने घर में बच्चे को लाने के बाद फलने-फूलने में मदद करने के लिए महत्वपूर्ण है।
    महत्वपूर्ण दिशानिर्देश
    सुनिश्चित करें कि सभी प्रक्रियाएं CARA दिशानिर्देशों और किशोर न्याय अधिनियम का पालन करती हैं ताकि बच्चों की तस्करी को रोका जा सके।
    जान लें कि गोद लेना एक कानूनी प्रक्रिया है जिसमें धैर्य और बारीकी से काम करने की आवश्यकता होती है।
    उपलब्ध संसाधन
    गोद लेने के बारे में सामान्य प्रश्न (FAQs): गोद लेने की प्रक्रिया से संबंधित सामान्य प्रश्नों का उत्तर दिया गया है।
    संपर्क जानकारी: अधिकृत एजेंसियों के लिए जो आपकी यात्रा में आपकी सहायता कर सकती हैं।
    नीतियों पर अपडेट्स: गोद लेने के कानून या प्रक्रियाओं में किसी भी बदलाव की जानकारी रखें।
    जागरूकता कार्यक्रम
    CARA संभावित गोद लेने वाले माता-पिता को गोद लेने की प्रक्रिया के बारे में शिक्षित करने और इसके चारों ओर गलत धारणाओं को संबोधित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है। इन कार्यक्रमों में भाग लेना मूल्यवान अंतर्दृष्टि और समर्थन प्रदान कर सकता है।

    उठाने के लिए कदम
    शोध करें: CARA की दिशानिर्देशों और समग्र गोद लेने की प्रक्रिया से परिचित हों।
    पंजीकरण करें: एक अधिकृत एजेंसी चुनें और अपनाने में अपनी रुचि पंजीकृत करें।
    डॉक्यूमेंट तैयार करें: पंजीकरण के लिए आवश्यक सभी दस्तावेज़ इकट्ठा करें।
    होम स्टडी पूरी करें: अपने होम स्टडी आकलन के लिए सामाजिक कार्यकर्ता के साथ काम करें।
    मैचिंग की प्रतीक्षा करें: बच्चे से मिलाने की प्रतीक्षा करते समय धैर्य रखें।
    गोद लेना अंतिम रूप दें: गोद लेने को अंतिम रूप देने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करें।
    समर्थन प्राप्त करें: चल रहे समर्थन के लिए CARA द्वारा प्रदान किए गए पोस्ट-अडॉप्शन संसाधनों का उपयोग करें।
    अधिक पढ़ने और विस्तृत दिशानिर्देशों के लिए आप FirstCry और India.com से लेख देख सकते हैं।
    Share

    Jitendra Singh

    September 29, 2025

    मैं शादीशुदा हूं। मेरी शादी को 9 साल हो चुके हैं। मेरे दो बेटे हैं एक बेटा 8 साल का है। दूसरा बेटा 6 साल का है। मुझे एक बेटी गोद लेनी है।मैं गाजियाबाद उत्तर प्रदेश का रहना वाला हूं

    Sikha

    February 8, 2026

    आपकी पात्रता (Eligibility)
    आप हिंदू दत्तक एवं भरण-पोषण अधिनियम, 1956 (HAMA) के अंतर्गत बेटी गोद ले सकते हैं, क्योंकि:
    आप विवाहित हैं और शादी को 9 साल हो चुके हैं
    आपके दो बेटे हैं
    कानून के अनुसार बेटी गोद लेने की अनुमति है महत्वपूर्ण शर्त
    दत्तक लेते समय पति-पत्नी दोनों की सहमति आवश्यक है
    दत्तक बेटी और पिता के बीच कम से कम 21 वर्ष का आयु अंतर होना चाहिए
    *** बेटी गोद लेने की सही प्रक्रिया (कानूनी तरीका)
    1. CARA पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
    सबसे पहले आपको केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) की वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा:
    👉 https://cara.nic.in
    Prospective Adoptive Parents (PAPs) के रूप में रजिस्टर करें
    सभी विवरण सही-सही भरें
    2. आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
    आपको निम्न दस्तावेज अपलोड करने होंगे:
    आधार कार्ड (पति-पत्नी दोनों का)
    विवाह प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र
    निवास प्रमाण (गाजियाबाद)
    पासपोर्ट साइज फोटो
    बच्चों की जानकारी
    3. होम स्टडी रिपोर्ट (HSR)
    पंजीकरण के बाद जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) / विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी (SAA) द्वारा
    आपके घर आकर सत्यापन (Home Study) किया जाएगा
    यह देखा जाएगा कि आप बच्ची की देखभाल के लिए सक्षम हैं या नहीं
    4. बच्ची का रेफरल / चयन
    होम स्टडी अप्रूव होने के बाद
    CARA पोर्टल पर उपलब्ध बच्चियों में से
    आपको बेटी का रेफरल दिया जाएगा
    5.कोर्ट प्रक्रिया
    बच्ची के चयन के बाद
    मामला जिला न्यायालय / परिवार न्यायालय में भेजा जाएगा
    कोर्ट से दत्तक ग्रहण आदेश (Adoption Order) मिलेगा

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अगर आप भारत के प्रवासी नागरिक (ओ.सी.आई), प्रवासी भारतीय (एन.आर.आई) या किसी अन्य देश में रहने वाले विदेशी हैं |

भारत में रहने वाले भारतीयों के लिए गोद लेने की प्रक्रिया (गैर-धार्मिक कानून)

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उपभोक्ता शिकायतों के प्रकार

उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत प्रत्येक व्यक्ति को निम्नलिखित प्रकार की उपभोक्ता शिकायतें दर्ज करने का अधिकार है |

उपभोक्ता शिकायत मंच

उपभोक्ता संरक्षण कानून संबद्ध प्राधिकरणों को निर्दिष्‍ट करता है कि कोई उपभोक्ता-अधिकारों का उल्‍लंघन होने पर उनसे संपर्क कर सकता है।