विभिन्न क्षेत्रों में ध्वनि की सीमा

प्रत्येक राज्य सरकारें, विभिन्न स्थानों को निम्नलिखित क्षेत्रों में वर्गीकृत करती है, जहां भिन्न-भिन्न ध्वनि सीमाओं का पालन किया जाना है:

• औद्योगिक

• व्यावसायिक

• आवासीय

• साइलेंट ज़ोन (ध्वनि वर्जित क्षेत्र)

विकास प्राधिकरणों, स्थानीय निकायों और अन्य प्राधिकरणों को विकास कार्यों की योजना बनाते समय या नगर, राज्य से संबंधित कार्यों को करते समय शोर के खतरे से बचने और ध्वनि मानकों को बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है। उदाहरण के लिए, सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में, एक बर्तन निर्माता के कारोबारी से शोर को कम करने और इसे ध्वनि सीमा के भीतर लाने के लिए जवाब माँगा, क्योंकि इससे निकलने वाली आवाज़ आस-पास के शिक्षकों, छात्रों और पड़ोसियों को परेशान कर रही थी।

भारत में ध्वनि सीमा से संबंधित मानक

क्षेत्र या ज़ोन के आधार पर, ध्वनि की सीमाएं (मानक) तय होता है, जिसे बनाए रखने की आवश्यकता होती है। अगर ध्वनि का स्तर इस तय सीमा (मानक) से ऊपर चला जाता है, तो यह ध्वनि प्रदूषण माना जाएगा।

 

क्षेत्र या ज़ोन dB(A) Leq* में तय सीमा (दिन में सुबह 6.00 बजे से रात 10.00 बजे तक का समय) dB(A) Leq* में तय सीमा (रात में 10.00 बजे से सुबह 6.00 बजे तक का समय)
औद्योगिक क्षेत्र 75 70
व्यावसायिक क्षेत्र 65 55
आवासीय क्षेत्र 55 45
साइलेंस जोन/मौन क्षेत्र 50 40

अगर आप उपर की तालिका में दी गई इन सीमाओं का उल्लंघन करते हैं, तो आपको कानून के तहत जुर्माना और जेल की सजा होगी।

बच्चों को सिगरेट बेचना

आप 18 वर्ष से कम उम्र के किसी भी बच्चे को, सिगरेट या तंबाकू उत्पाद बेच नहीं सकते है, ना ही बेचने की पेशकश कर सकते हैं। यदि आप नाबालिगों (18 वर्ष से कम उम्र) को सिगरेट बेचते हुए पकड़े जाते हैं, तो पुलिस अधिकारी आपको हिरासत में ले लेगा, और 24 घंटे के अंदर आपको मजिस्ट्रेट के पास ले जायेगा। आपको सात साल तक की जेल की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। याद रखें कि गिरफ्तारी होने पर आपको जमानत का अधिकार है।

यदि आप किसी ऐसे स्थान के मालिक या प्रबंधक हैं जो सिगरेट या तंबाकू उत्पाद बेचता है, तो आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि:

कोई भी तंबाकू उत्पाद 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे द्वारा रखा, या बेचा नहीं जाता है।

कोई भी तंबाकू उत्पाद इस तरीके से प्रदर्शित नहीं किए जा सकते हैं कि यह 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को आसानी से उपलब्ध हो सके।

आपको यह देख लेना होगा कि आप जिस व्यक्ति को सिगरेट या तंबाकू उत्पाद बेच रहे हैं, वह एक बच्चा तो नहीं है। आप तंबाकू उत्पाद खरीदने वाले किसी व्यक्ति से उसके उम्र का सबूत दिखाने के लिए भी कह सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए इस सरकारी संसाधन को पढ़ें

LGBTQ+ व्यक्तियों के खिलाफ, चिकित्सा कर्मचारियों द्वारा भेदभाव और उत्पीड़न

आपको डॉक्टरों, नर्सों, मनोवैज्ञानिकों, मनोचिकित्सकों इत्यादि, जैसे चिकित्सा कर्मियों द्वारा उत्पीड़न या भेदभाव का सामना करना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, हो सकता है कि कुछ अस्पताल आपके यौन अभिविन्यास या लिंग पहचान के चलते, आपके यौन संक्रमण का इलाज करने से इनकार कर दे, क्यों कि आप एक समलैंगिक (गे) या उभयलिंगी (बाईसेक्शुअल) व्यक्ति हैं।

ऐसे मामलों में, आप उचित कार्रवाई कर सकते हैं, ताकि आप स्वास्थ्य सेवाएं एक सुरक्षित और सहायक वातावरण में पा सकें। अगर आप किसी उत्पीड़न का सामना करते हैं तो आप क्या कदम उठा सकते हैं यह जानने के लिए, कृपया यहां देखें। आप वकीलों, गैर सरकारी संगठनों आदि से भी मदद ले सकते हैं, जो आपको समक्ष आने वाले किसी भी मुद्दों या परेशानियों में आपका मार्गदर्शन करें सकेंगे।

एम्फ़ैटेमिन

ट्रिगर वॉर्निंग: निम्नलिखित विषय सूची में ड्रग्स और नशीले पदार्थों के बारे में जानकारी दी जा रही है जो कुछ पाठकों को विचलित कर सकती है। 

एम्फ़ैटेमिन एक साइकोट्रोपिक पदार्थ है, जिसका भारत में निर्माण, परिग्रह, परिवहन, आयात, निर्यात, बिक्री, खरीद और इस्तेमाल करना अवैध है। कुछ गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है लेकिन ऐसा सरकार से अभिव्यक्त लाइसेंस या परमिट प्राप्त करने के बाद ही किया जा सकता है। इनमें से किसी भी गतिविधि को करने की सजा पकड़े गए एम्फ़ैटेमिन की मात्रा के समानुपाती होती है।

• छोटी मात्रा (2 ग्राम)-1 साल तक की जेल और/या 10,000 रुपये तक का जुर्माना

• 2 ग्राम से 50 ग्राम-10 साल तक की जेल और 1 लाख रुपए तक का जुर्माना

• व्यावसायिक मात्रा (50 ग्राम)-10 से 20 साल के बीच जेल की सजा, और 1 लाख रुपये से 2 लाख रुपये तक का जुर्माना। कोर्ट 2 लाख से ज्यादा जुर्माना भी लगा सकती है।

 

लाउडस्पीकर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम

लाउडस्पीकर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम भारत में ध्वनि प्रदूषण का एक सामान्य स्रोत है, और इसका उपयोग केवल स्थानीय अधिकारियों से लिखित अनुमति मिलने के बाद ही किया जा सकता है। यदि लाउडस्पीकर और एम्पलीफायर या अन्य उपकरण या गैजेट से ध्वनि प्रदूषण हो रहा है, तो सरकारी अधिकारी इन सब साजो-सामान (यंत्रों) को जब्त कर सकते हैं। जहां लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम या किसी अन्य ध्वनि यंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा हो, वहाँ ध्वनि का स्तर 30 डीबीए से अधिक नहीं होना चाहिए:

• उस क्षेत्र के आसपास का शोर/ध्वनि मानक 10 डीबी (ए)/10 dB(A) से ऊपर, या

• 75 डीबी (ए)/ 10 dB(A) हो।

अधिकांश ध्वनि का स्तर डीबी(ए)/dB(A) में दिए जाते हैं, जो अलग-अलग आवाजों की फ्रीक्वेंसी के प्रति किसी व्यक्ति के कान की प्रतिक्रिया या संवेदनशीलता को डेसिबल के रूप में दर्शाते हैं।

रात के समय

रात के 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी खुले स्थान पर लाउडस्पीकर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, साउंड प्रोड्यूसिंग इंस्ट्रूमेंट (ऐसे यंत्र जिससे तेज आवाज़ निकलती हो), या एम्पलीफायर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। कानून के तहत बंद परिसरों जैसे कि सभागारों, सम्मेलन कक्षों, सामुदायिक हॉलों, बैंक्वेट हॉलों में इन सब यंत्रों का उपयोग हो सकता है, या फिर सार्वजनिक आपातकाल की स्थिति में रात के 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच में इन सब यंत्रों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

धार्मिक त्योहार

राज्य सरकार सांस्कृतिक या धार्मिक त्योहारों के अवसर पर रात के समय में (रात के 10.00 बजे से मध्यरात्रि 12.00 बजे के बीच) लाउडस्पीकर बजाने, या सार्वजनिक संबोधन करने, आदि की अनुमति दे सकती है। राज्य सरकार ऐसे दिनों की घोषणा कर सकती है, जिन दिनों में ऐसे उपकरणों को बजाना या इस्तेमाल करना ध्वनि प्रदूषण नहीं माना जाएगा। हालांकि, सरकार एक साल में अधिकतम 15 दिन ही ऐसा करने की अनुमति दे सकती है। उदाहरण के लिए, सरकार दिवाली, ओणम, पोंगल, आदि त्योहारों के दौरान लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दे सकती है।

निजी साउंड सिस्टम

यदि आपके पास खुद का साउंड सिस्टम है या फिर ऐसे यंत्र हैं जिससे तेज ध्वनि निकलती है, तो आप उसकी ध्वनि सीमा को 5 डीबी (ए) से अधिक नहीं कर सकते। अगर लाउडस्पीकर या किसी अन्य ध्वनि उत्पन्न करने वाले यंत्र के कारण आपको परेशानी हो रही है, तो आप ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं और ध्वनि प्रदूषण करने वाले ऐसे व्यक्ति को सजा होगी।

सार्वजनिक धूम्रपान करने के खिलाफ, मालिकों की ज़‍िम्मेदारी

यदि आप किसी सार्वजनिक स्थान के कामकाज के मालिक, प्रबंधक, पर्यवेक्षक या प्रभारी हैं, तो आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि :वहां कोई व्यक्ति धूम्रपान न करे

एक खास बोर्ड प्रमुखता से, उस सार्वजनिक स्थान के प्रवेश द्वारों और सीढ़ी व लिफ्ट के प्रवेश द्वार सहित प्रत्येक मंज़‍िल पर, लगा हो और दिखता हो। यह खास बोर्ड 60 सेंटीमीटर X 30 सेंटीमीटर की न्यूनतम माप का, और सफेद पृष्ठभूमि वाला होना चाहिए। इस बोर्ड में, कम से कम 15 सेंटीमीटर बाहरी व्यास वाला एक वृत्त (सर्कल) होगा, जिसकी परिधि लाल रंग की होगी। इसके केंद्र में काला धुआं उगलती एक बीड़ी या सिगरेट होगी, और इस काले धुएं पर लाल रंग का एक ‘क्रॉस’ लगा होगा। इस बोर्ड पर चेतावनी लिखी होगी-‘धूम्रपान निषिद्ध क्षेत्र-यहां धूम्रपान करना एक अपराध है’ (‘नो स्मोकिंग एरिया-स्मोकिंग हियर इज़ ऍन ऑफ़ेंस’)।

दो और लिखी और दिखायी जाने वाली सूचनाएं हैं :

  • तम्बाकू का धूम्रपान आपके स्वास्थ्य के साथ-साथ, नजदीक के धूम्रपान न करने वाले के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है
  • अठारह वर्ष से कम आयु के व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है
  • साथ ही, धूम्रपान को बढ़ावा देने वाली कोई चीज़ वहां नहीं होनी चाहिए, जैसे कि राखदानी (ऐशट्रे), माचिस, लाइटर या ऐसी कोई अन्य सामग्री।
  • होटल मालिकों के लिए विशिष्‍ट निर्देश

यदि आप 30 या अधिक कमरों वाले किसी होटल के मालिक, प्रबंधक, पर्यवेक्षक या उसके कारोबार प्रभारी हैं, तो आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि :

  • सभी निर्धारित धूम्रपान कक्ष या कमरे, उस होटल के उसी तल या विंग के एकदम अलग हिस्‍से (सेक्‍शन) में हों।
  • धूम्रपान करने वाले सभी कमरों में अंग्रेज़ी या एक भारतीय भाषा में लिखा होना चाहिए-‘धूम्रपान कक्ष’ (‘Smoking Rooms’)।
  • इन कमरों के धुएं को बाहर निकालते रहना चाहिए, लेकिन उसे होटल के गै़र धूम्रपान क्षेत्रों के लॉबी या गलियारों में फैलने नहीं देना चाहिए।
  • धूम्रपान संबंधी शिकायत मिलने पर, आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई हो। उसे धूम्रपान करने से रोकना होगा, अन्यथा आपको उन लोगों की संख्या के हिसाब से जुर्माना देना होगा जो आपकी उस सार्वजनिक संपत्ति में अवैध रूप से धूम्रपान कर रहे हैं।

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पुलिस द्वारा अवैध प्रवेश, तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी

ट्रिगर वॉर्निंग: निम्नलिखित विषय सूची में ड्रग्स और नशीले पदार्थों के बारे में जानकारी दी जा रही है जो कुछ पाठकों को विचलित कर सकती है।

कानून उन पुलिस अधिकारियों को दण्डित करता है जो दुर्भावनापूर्वक या अशिष्टतापूर्वक निम्नलिखित कार्य करते हैं:

• बिना किसी उचित संदेह के किसी स्थान या वाहन में प्रवेश करने और तलाशी लेने के लिए या दूसरे अधिकारियों को प्रवेश और तलाशी का निर्देश देना।

• नशीली दवाओं या मन:प्रभावी पदार्थों को खोजने और जब्त करने के बहाने जानबूझकर और अनावश्यक रूप से संपत्ति या दस्तावेजों को जब्त करना।

• जानबूझकर और अनावश्यक रूप से किसी व्यक्ति को हिरासत में लेना, तलाशी लेना या गिरफ्तार करना

इन अपराधों के लिए 6 महीने तक की कैद और/या 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।

झूठी शिकायतें

कानून उन लोगों को भी दंडित करता है जो जानबूझकर पुलिस अधिकारियों को गलत जानकारी देते हैं, जिसके कारण वे गलत छानबीन करते हैं। ऐसी गलत जानकारियां देने पर लोगों को 2 साल तक की कैद और/या जुर्माने के साथ-साथ गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

वाहनों का शोर

भारत में वाहन या गाड़ी ध्वनि प्रदूषण का एक सामान्य स्रोत है। अगर आप अपने वाहन के हॉर्न का गलत इस्तेमाल करते हैं तो आप पर जुर्माना लगाया जा सकता है, निम्न परिस्थितियों में हॉर्न बजाना मना है, जैसे:

• साइलेंट जोन में हॉर्न बजाना मना है

• बिना किसी वजह से या लगातार ऐसे तरीके से हॉर्न बजाना मना है, जो आपकी या दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरुरत से अधिक हो या उसकी आवाज की तीव्रता अत्यधिक हो।

• किसी आपात स्थिति को छोड़कर आवासीय इलाकों में रात के समय ( रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक) हॉर्न बजाना मना है।

• अलग-अलग टोन में हॉर्न बजाना मना है, जिससे बेचैन कर देने वाली कर्कश, तीखी, तेज या खतरनाक आवाज निकलती हो।

यहां तक कि गाड़ियों की फैक्ट्री में भी ध्वनि (हथर्न) की सीमा तय होती है जिसका पालन करना पड़ता है नहीं तो आपको जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है।

साइलेंसर

ट्रैक्टरों सहित प्रत्येक मोटर वाहनों में एक साइलेंसर लगाया जाना अनिवार्य है, जो एक एक्सपेंशन चैम्बर के माध्यम से, जहां तक ​​संभव हो, इंजन के एग्जॉस्ट गैस से निकलने वाले शोर को कम कर देता है।

हवाई अड्डा

ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए हवाई अड्डों पर भी ध्वनि को भी नियंत्रित किया जाता है। ध्वनि मानक केवल उन व्यस्त हवाई अड्डों पर लागू होते हैं, जहाँ से हर साल 50,000 से अधिक विमानों की आवाजाही होती है:

• सिविल हवाई अड्डे जहाँ सालाना 15,000 से कम विमानों की आवाजाही होती है वहाँ ये मानक लागू नहीं होते।

• रक्षा संबंधी विमान, विमान के लैंडिंग और टेक ऑफ की आवाज़, विमान के इंजन, हेलीपैड वाले स्थान पर ये मानक लागू नहीं होते।

नीचे दिए गए ध्वनि मानकों का अगर हवाईअड्डे पर पालन नहीं होता है, तो उनके खिलाफ अधिकारी कार्रवाई कर सकते हैं।

एयरपोर्ट टाइप ध्वनि प्रदूषण की तय सीमा डीबी(ए) में, लीक* (सुबह 6.00 बजे से रात 10.00 बजे तक) ध्वनि प्रदूषण की तय सीमा डीबी(ए) में, लीक* (रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक)
औद्योगिक क्षेत्र 70 65
व्यावसायिक क्षेत्र 65 60

 

धूम्रपान क्षेत्र

आप निर्दिष्ट धूम्रपान क्षेत्रों में धूम्रपान कर सकते हैं, जैसे 30 से अधिक कमरों वाले होटलों, हवाई अड्डों, या 30 से अधिक लोगों के लिए बैठ कर खाने की व्‍यवस्‍था रखने वाले रेस्तराओं में, जहां धूम्रपान करने वालों के लिए एक अलग से क्षेत्र बनाया जाता है। अलग से निर्धारित धूम्रपान क्षेत्र एक अलग से संवातित (वेंटिलेटेड) धूम्रपान के लिये एक कमरा होता है:

  • जो भौतिक रूप से अलग बना और चारो तरफ से उंची दिवारों से घिरा रहता है।
  • जिसका प्रवेश द्वार, अपने आप बंद हो जाने वाला एक दरवाज़ा होता है।
  • जिसमें एक ऐसी वायु प्रवाह प्रणाली होती है जो धुएं को सीधे बाहर ले जाती है, और फिर धुएं को उस बिल्डिंग के अन्य हिस्सों की हवा आपूर्ति से वापस घुलने-मिलने नहीं देती है। जिसके वायु प्रवाह प्रणाली को, निकास संवातन (एग्‍ज़ॉस्‍ट वेंटिलेशन) व्यवस्था, या वायु सफाई प्रणाली के साथ लगाया जाना चाहिए।
  • जिसमें वायु का दवाब, भवन के शेष भाग की तुलना में कम रखा जाता है।
  • जहां एक विशेष मार्किंग के साथ, ‘स्मोकिंग एरिया’ अंग्रेज़ी भाषा में, तथा समानार्थी शब्दों को एक अन्य भाषा में, साफ-साफ लिखा होना चाहिए।

अधिक जानकारी के लिए इस सरकारी संसाधन को पढ़ें

कैनबिस (गांजा)

ट्रिगर वॉर्निंग: निम्नलिखित विषय सूची में ड्रग्स और नशीले पदार्थों के बारे में जानकारी दी जा रही है जो कुछ पाठकों को विचलित कर सकती है। 

भारतीय कानून के अनुसार भांग रखना और उसका इस्तेमाल करना गैरकानूनी है। हालांकि, भांग के पौधे से केवल फूल वाले हिस्से, उर्फ ​​गांजा/वीड, और राल, उर्फ ​​हशीश, हैश या चरस से संबंधित गतिविधियां अवैध हैं।

गांजा/वीड 

गांजा, जिसे वीड के नाम से भी जाना जाता है, केवल भांग के पौधे के फूल वाले हिस्से से सम्बंधित है जो भांग के पौधे का फल बन जाता है। भारत में गांजा का उत्पादन, निर्माण, कब्जा, बिक्री, खरीद, परिवहन, अंतरराज्यीय आयात/निर्यात और इस्तेमाल प्रतिबंधित है। इनमें से किसी भी गतिविधि को करने की सजा उसके प्रकार की बजाय शामिल गांजा की मात्रा के आनुपातिक है।

• छोटी मात्रा (1 किलो तक): 1 साल तक की जेल और/या 10,000 रुपये तक का जुर्माना।

• 1 किलो से 20 किलो के बीच: 10 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना।

• व्यावसायिक मात्रा (20 किलो): 10 साल से 20 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये से 2 लाख रुपये तक का जुर्माना। कोर्ट फैसले में कारण दर्ज कर 2 लाख रुपये से अधिक का भी जुर्माना लगा सकता है।

चरस/हैश 

चरस, भांग के पौधे से प्राप्त अलग राल (कच्चा या शुद्ध) है और इसमें कंसेन्ट्रेटिड प्रिपेरेशन और राल भी शामिल है जिसे हशीश तेल या तरल हशीश के रूप में जाना जाता है। भारत में चरस का उत्पादन, निर्माण, कब्जा, बिक्री, खरीद, परिवहन, अंतरराज्यीय आयात/निर्यात और चरस का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। इनमें से किसी भी गतिविधि को करने की सजा उसके प्रकार की बजाय शामिल गांजा की मात्रा के आनुपातिक है।

• छोटी मात्रा (100 ग्राम तक): एक साल तक की जेल और/या 10,000 रुपये तक का जुर्माना।

• 100 ग्राम-1 किलो: दस साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना।

•व्यावसायिक मात्रा (1 किलो): दस साल से बीस साल के बीच की जेल, और 1 लाख रुपये से 2 लाख रुपये के बीच जुर्माना। कोर्ट फैसले में कारण दर्ज कर 2 लाख रुपये से अधिक का भी जुर्माना लगा सकता है।