अगर वायु प्रदूषण सरकारी विभागों के कारण हो, तो क्या होता है?

जब किसी सरकारी विभाग द्वारा कोई अपराध किया जाता है, तो उस विभाग के प्रमुख या प्रमुखों को उस विशेष अपराध के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही हो सकती है। इसके अलावा, अगर यह सिद्ध हो जाता है कि अपराध विभाग प्रमुख ने नहीं किया बल्कि उस विभाग के किसी अधिकारी की सहमति, संलिप्तता या लापरवाही से किया गया है, तो इस स्थिति में अपराध के लिए उस अधिकारी को जिम्मेदार माना जाएगा। वायु प्रदूषण कानूनों के तहत होने वाले अपराध और उनकी सजा के बारे में पढ़ें।

अगर अपराध बिना जानकारी के या अपराध से बचने के लिए सभी सावधानियां बरतने के बाद होता है, तो इस स्थिति में भी विभाग प्रमुख को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा।

वाहन रोकना और उसकी तलाशी लेना

ट्रिगर वॉर्निंग: निम्नलिखित विषय सूची में ड्रग्स और नशीले पदार्थों के बारे में जानकारी दी जा रही है जो कुछ पाठकों को विचलित कर सकती है।

अगर किसी अधिकृत पुलिस अधिकारी को यह लगता है कि किसी वाहन या जानवर का इस्तेमाल नारकोटिक दवाओं, साइकोट्रोपिक या नियंत्रित पदार्थों के परिवहन के लिए किया जा रहा है, तो उसके पास ऐसे वाहन या जानवर को रोकने और उसके आधार पर तलाशी लेने का अधिकार है। इसको रोकना कानून के दायरे में आता है, जिसमें यदि जरूरी हो तो वाहन या जानवर पर फायरिंग भी की जा सकती है। अगर पुलिस अधिकारी को लगता है कि तलाशी लेना जरूरी है तो वह विमान को लैंड कराने के लिए बाध्य भी कर सकता है।

ध्वनि प्रदूषण के स्रोत

ध्वनि प्रदूषण काफी हद तक औद्योगीकरण, शहरीकरण और आधुनिक सभ्यता की उपज है। ध्वनि प्रदूषण के दो स्रोत हैं-पहला: औद्योगिक और दूसरा: गैर-औद्योगिक।

  • औद्योगिक स्रोत में विभिन्न उद्योगों से होने वाला शोर और बहुत तेज़ गति एवं तेज़ आवाज़ से काम करने वाली बड़ी मशीनें शामिल हैं।
  •  गैर-औद्योगिक स्रोत में परिवहन, विभिन्न प्रकार के वाहन, ट्रैफिक से होने वाली आवाज़ शामिल है, पास-पड़ोस में होने वाली विभिन्न प्रकार के ध्वनि प्रदूषकों से होने वाले शोर को भी प्राकृतिक और मानव निर्मित श्रेणियों में बांटा जा सकता है।

ध्वनि प्रदूषण के सबसे प्रमुख स्रोत हैं:

सड़क यातायात से होने वाला शोर

बड़े ट्रकों की मोटरों और धुंए निकलने वाली पाइप्स से होने वाली आवाज़ ध्वनि-प्रदूषण के सामान्य स्रोत हैं। ध्वनि-प्रदूषण का एक कारण सड़क पर ट्रकों, बसों और प्राइवेट ऑटो के टायर घिसने से होने वाली आवाज़ भी है। शहरों में, यातायात (ट्रैफिक) से होने वाले शोर, ध्वनि प्रदूषण के मुख्य स्रोत हैं, ऑटो, छोटे ट्रक, बस और मोटरसाइकिल की इंजन और एग्ज़हॉस्ट सिस्टम भी ध्वनि प्रदूषण के मुख्य स्रोत है। वाहनों/गाड़ियों से निकलने वाले शोर के बारे में और अधिक जानने के लिए यहाँ पढ़ें।

विमानों से निकलने वाला शोर

विमान से होने वाली अवाज ध्वनि प्रदूषण का एक प्रमुख स्रोत हैं, और हवाई अड्डों पर विमान की आवाजाही और उस क्षेत्र में जहां विमान को रखा जाता है, यानी औद्योगिक क्षेत्र या वाणिज्यिक क्षेत्र के आधार पर ध्वनि की सीमा (नॉइज़ लिमिट) को कानून द्वारा निर्धारित किया जाता है।

रेलमार्ग या ट्रेनों से होने वाला शोर

लोकोमोटिव इंजन,उसके हॉर्न एवं सीटी की आवाज़, और रेल यार्ड में स्विचिंग और शंटिंग संचालन से होने वाली आवाज़ ध्वनि प्रदूषण के स्रोत हैं। उदाहरण के लिए, रेल कार रिटार्डस एक उपकरण (यंत्र) है, जो मालगाड़ी या रेलवे कोच की गति को कम करता है, इस यंत्र से हाई फ्रीक्वेंसी तरंगें निकलती हैं, जिसके कारण 100 फीट की दूरी पर 120 डीबी (dB) तक ध्वनि उत्पन्न हो सकता है।

निर्माण-कार्य से होने वाला शोर

हायीवे, शहर की सड़कों और इमारतों के निर्माण-कार्य से होने वाला शोर शहरों में ध्वनि और वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है। निर्माण-कार्य होने वाले शोर के स्रोतों में शामिल हैं:

• वायु-दाब से चलने वाले हथौड़े (एयर हैमर)

• एयर कंप्रेसर

• बुलडोजर

• लोडर और

• डंपर ट्रक

औद्योगिक कार्यों से होने वाला शोर

शोरगुल वाले उत्पादन संयंत्रों/फैक्ट्री के बाहर लगे पंखे, मोटर और कम्प्रेसर के कारण उसके आसपास रहने वाले लोग परेशान हो सकते हैं। मशीनों और फैक्ट्रियों से निकलने वाले शोर का अच्छा खासा प्रभाव औद्योगिक श्रमिकों/कामगारों पर पड़ता है, जिसके कारण उनमें सुनाई न पड़ने की बीमारी (बहरापन) हो जाती है, हलांकि यह दुर्भाग्यपूर्ण है पर यह एक आम बात है।

इमारतों/बिल्डिंग में होने वाले शोर

बिल्डिंग के भीतर प्लम्बर के कामों से, बॉयलर, जनरेटर, एयर कंडीशनर और पंखे से होने वाले शोर सुनाई पड़ सकता है, और इससे चिड़चिड़ाहट भी हो सकता है। पड़ोस में गलत ढंग से दीवारें और छत अलगाने/तोड़ने की आवाज़ भी एम्पलीफायर की तरह तेज़ हो सकती है, पैर पटक कर चलने की आवाज़ और शोरगुल वाली गतिविधियों से भी परेशानी हो सकती है। बहार से आने वाली आपातकालीन वाहनों की आवाज़, ट्रैफिक, कबाड़खाना, और शहर के अन्य शोर भी शहरी लोगों के लिए एक समस्या हो सकती है, खासकर जब खिड़कियां खुली हों।

घरों में उपयोग होने वाले चीजों से शोर, उपभोक्ता उत्पादों से शोर

कुछ घरेलू उपकरण (वस्तुएं), जैसे कि वैक्यूम क्लीनर और रसोई में उपयोग होने वाली कुछ मशीन जिससे शोर होता है, वे भी ध्वनि प्रदूषण के सामान्य स्रोत हैं, हालांकि हर दिन होने वाले शोर के स्तर में उनका योगदान आमतौर पर बहुत ज्यादा नहीं होता है।

आतिशबाजी/पटाखे

विशेष अवसरों जैसे दशहरा, दिवाली, शादी-विवाह, आदि के अवसर पर खुशी मनाने के लिए आतिशबाजी की जाती है।
लेकिन पटाखे फोड़ना या जलाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है क्योंकि यह वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण दोनों के लिए जिम्मेदार है। इससे होने वाली आवाज़ खतरनाक होती है, और यह कभी-कभी बहरापन का कारण बन भी हो सकता है।

सिगरेट बेचना

सिगरेट बेचने पर कुछ प्रतिबंध और निषेध हैं। निम्नलिखित कार्य अवैध हैं :

  • 18 साल से कम उम्र के लोगों को सिगरेट या तंबाकू उत्पाद बेचना
  • 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे को आप न तो सिगरेट या तंबाकू उत्पाद बेच सकते हैं, और न ही उससे ये चीज़ें बिकवा सकते हैं। यदि आप नाबालिगों (18 वर्ष से कम उम्र) को सिगरेट बेचते हुए पकड़े जाते हैं, तो पुलिस आपको हिरासत में ले सकती है और आपको 24 घंटों के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी। इस अपराध के लिये आपको सात साल तक के जेल की सज़ा हो सकती है, और एक लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। याद रखें, यदि इस अपराध के लिये आपकी गिरफ्तारी होती है, तो आपको ज़मानत का अधिकार है।
  • किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज़ के दायरे में सिगरेट या तंबाकू उत्पाद बेचना
  • किसी शिक्षण संस्थान के 100 गज़ के दायरे में सिगरेट या तंबाकू उत्पाद बेचने के अपराध पर आपको 200 रुपये के जुर्माने की सज़ा हो सकती है।

अधिक जानकारी के लिए इस सरकारी संसाधन को पढ़ें

LGBTQ+ व्यक्तियों के लिए लिंग सकारात्मक चिकित्सा (जेंडर अफर्मेटिव थेरेपी) और सुधारात्मक चिकित्सा (करेक्टिव थेरेपी)

आमतौर पर वे लोग, जो जन्म में मिले आपने लिंग से खुद को जोड़ नहीं पाते हैं, वे हीं शल्य चिकित्सा द्वारा अपने लिंग को स्वयं-निर्धारित लिंग में बदलना चाहते हैं। हालांकि आपको अपने स्वयं-निर्धारित लिंग से अपनी पहचान बनाने के लिये किसी भी तरह की सर्जरी कराने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस तरह की स्थितियों में, नीचे दी गई दो सबसे सामान्य तरह की शल्य चिकित्साएं की जाती हैं:

  • लिंग सकारात्मक चिकित्सा (जेंडर अफर्मेटिव थेरेपी -GAT), प्रक्रियाओं का एक सेट है जिसमें मनोवैज्ञानिक सलाह से लेकर लिंग पुनर्निर्धारण शल्य चिकित्सा (सेक्स रीअस्साइनमेंट सर्जरी) तक शामिल है, जिसका उद्देश्य आपके बाह्याकृति को भी बदलना है ताकि वह आपके स्वयं-निर्धारित लिंग से ज्यादा से ज्यादा अनुरूप हो सके। उदाहरण के लिए, रीता जन्म के समय एक लड़की के रूप में पैदा हुई, लेकिन बड़े होने के दौरान, वह खुद को पुरुष रूप में देखने लगी। वह स्तन निवारण (ब्रेस्ट रिमूवल) शल्य चिकित्सा आदि जैसे लिंग सकारात्मक चिकित्सा (जेंडर अफर्मेटिव थेरेपी) के माध्यम से वह अपनी वाह्याकृति में पुरुषत्व ला सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि लिंग सकारात्मक चिकित्सा (जेंडर अफर्मेटिव थेरेपी) करा कर खुद को एक पुरुष या महिला के रूप में अभिपुष्टि करना आपका संवैधानिक अधिकार है, और इस चलते आपके लिये लिंग सकारात्मक चिकित्सा (जेंडर अफर्मेटिव थेरेपी) कराने में कोई कानूनी या अन्य अड़चन नहीं है।

  • सुधारात्मक शल्य चिकित्सा (करेक्टिव सर्जरी) / अंतर लिंग शल्य चिकित्सा (इंटरसेक्स सर्जरी) उन प्रक्रियाओं को इंगित करता है, जो यौन विशेषताओं और जननांगों को संशोधित करने के लिए की जाती हैं जब वे अनियमित होते हैं, अर्थात जब जननांग, न पुरुष जननांग जैसे हैं, न स्त्री जननांग जैसे। उदाहरण के लिए, एक बच्चा, नकुल, पुरुष और महिला दोनों जननांगों के साथ पैदा होता है, लेकिन बड़े होने के दौरान वह महसूस करता है कि वह एक पुरुष है, तो वह खुद को पुरुष लिंग से ज्यादा अनुरूप बनाने के लिए अपने जननांग की सुधारात्मक शल्य चिकित्सा (करेक्टिव सर्जरी) करवा सकता है।

हालांकि अभी कोई राष्ट्रव्यापी अधिनियम नहीं हैं, पर तमिलनाडु जैसे कुछ राज्यों ने, कम उम्र के शिशुओं पर अनावश्यक चिकित्सा प्रक्रियाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है, ताकि अवैध सुधारात्मक शल्य चिकित्सा (करेक्टिव सर्जरी) को रोका जा सके।

लिंग सकारात्मक चिकित्सा (जेंडर अफर्मेटिव थेरेपी) और सुधारात्मक शल्य चिकित्सा (करेक्टिव सर्जरी)

भारत में लिंग सकारात्मक चिकित्सा (जेंडर अफर्मेटिव थेरेपी) और सुधारात्मक शल्य चिकित्सा (करेक्टिव सर्जरी) के निर्वाह्य योग्यता, प्रक्रिया, आदि के लिए ना ही कोई कानून है, और ना ही कोई दिशानिर्देश।

यदि आप अपने यौन अभिविन्यास या लिंग निर्धारण के चलते, चिकित्सा या मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य सेवाओं को पाने के दौरान किसी भी तरह का भेदभाव का सामना करना पड़ता हैं, तो आप कार्रवाई यहां दिए गए विकल्पों के आधार पर कर सकते हैं।

पुलिस द्वारा अवैध प्रवेश, तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी

ट्रिगर वॉर्निंग: निम्नलिखित विषय सूची में ड्रग्स और नशीले पदार्थों के बारे में जानकारी दी जा रही है जो कुछ पाठकों को विचलित कर सकती है। 

पुलिस अधिकारियों और कुछ दूसरे अधिकारियों के पास इस कानून के तहत किए गए अपराधों के संबंध में लोगों की तलाशी लेने और गिरफ्तार करने का अधिकार है, और कई मामलों में वे बिना वारंट के भी गिरफ्तारी कर सकते हैं।

जगह या वाहन की तलाशी 

अगर पुलिस अधिकारी को अपनी खोजबीन के आधार पर यह लगता है या उसके पास नारकोटिक्स दवाओं, साइकोट्रोपिक या नियंत्रित पदार्थों के संबंध में किए जा रहे अपराध के बारे में लिखित जानकारी है, तो वे किसी भी इमारत, स्थान या वाहन जैसे कार, ट्रक, आदि में प्रवेश कर सकते हैं और उसकी तलाशी ले सकते हैं। अगर कोई उनके प्रवेश में बाधा डालता है, तो वे दरवाजा तोड़कर भी कार्यवाही कर सकते हैं या उन्हे अपने रास्ते में आने वाली किसी भी अड़चन को दूर करने का अधिकार है।

किसी भी व्यक्ति की तलाशी लेना 

अगर कोई अधिकृत पुलिस अधिकारी आपकी तलाशी लेना चाहता है, तो आप मजिस्ट्रेट या कुछ राजपत्रित अधिकारियों की उपस्थिति में तलाशी लेने के लिए कह सकते हैं। ऐसा एक बार अनुरोध कर देने के बाद आपको पुलिस अधिकारी द्वारा तब तक हिरासत में रखा जा सकता है जब तक कि आपको किसी मजिस्ट्रेट या किसी उपयुक्त राजपत्रित अधिकारी के सामने पेश नहीं किया जाता। हालांकि, अगर पुलिस अधिकारी को लगता है कि राजपत्रित अधिकारी या मजिस्ट्रेट की प्रतीक्षा करना संभव नहीं है, तो वह तलाशी ले सकता है।

कृपया ध्यान दें कि महिलाओं की तलाशी केवल एक महिला अधिकारी ही कर सकती है।

जब्ती 

तलाशी की प्रक्रिया में, पुलिस अधिकारी के पास निम्नलिखित को भी जब्त करने का अधिकार होता है:

• ड्रग्स, पदार्थ और इसे बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कोई भी चीज़

• किसी भी वस्तु, वाहन या जानवर जिसे इस प्रक्रिया में इस्तेमाल किया गया हो

• कोई भी दस्तावेज या लेख जो सबूत हो सकते हैं और साबित कर सकते हैं कि ड्रग्स के संबंध में अपराध किया गया था

गिरफ़्तारी 

तलाशी और जब्ती करते समय, अगर पुलिस अधिकारी को लगता है कि ड्रग्स या नशीले पदार्थों के संबंध में कोई अपराध किया गया है, तो वह संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार भी कर सकता है। ऐसी गिरफ्तारी के लिए उसे हमेशा वारंट की जरूरत नहीं होती है।

पुलिस अधिकारी की तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी के अधिकार सार्वजनिक स्थान जैसे होटल, रेस्तरां, दुकान या जनता के लिए सुलभ किसी दूसरे स्थान तक हो सकते हैं।

जब आपको गिरफ्तार किया जाता है तो आपके कुछ अधिकार होते हैं। इन अधिकारों के बारे में अधिक जानने के लिए कृपया यहां पढ़ें।

तत्काल मामले-किसी वारंट की जरूरत नहीं 

आदर्श रूप से यह तलाशी और जब्ती के दिन के समय, यानी सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच और उचित न्यायाधीश के वारंट के साथ की जानी चाहिए, अगर पुलिस अधिकारी को लगता ​​है कि वारंट पाने में लगने वाले समय में जरूरी सबूत छुपाए जा सकते हैं या संदिग्ध व्यक्ति भाग सकता है, वह बिना वारंट के तलाशी और जब्ती कर सकता है। ऐसे मामलों में उसे ऐसा करने के अपने कारणों को लिखित रूप में नोट करना होगा और 72 घंटे के भीतर अपने तत्काल पर्यवेक्षक को सूचित करना होगा।

 

ध्वनि वर्जित क्षेत्र (साइलेंट जोन)

अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास के 100 मीटर के भीतर का क्षेत्र, और अदालतों के प्रांगण साइलेंट जोन में आते हैं। साइलेंट जोन में आप निम्नलिखित कार्य नहीं कर सकते:

• किसी भी प्रकार का संगीत (या गाना) बजाना

• किसी माईक या लाउडस्पीकर का प्रयोग करना

• किसी प्रकार का साउंड एम्पलीफायर बजाना

• कोई ड्रम या टॉम-टॉम बजाना

• म्युज़िकल या किसी प्रकार का प्रेशर हॉर्न बजाना, या तुरही बजाना या ढिंढोरा पीटना या

• किसी भी प्रकार का वाद्य यंत्र बजाना, या

• भीड़ को आकर्षित करने के लिए किसी भी तरह का नकल (या मिमिकरी) करना, गाना/संगीत या अन्य किसी प्रकार का प्रदर्शन करना।

रात में शोर करना

साइलेंट ज़ोन और आवासीय क्षेत्रों में आप रात के समय (रात्रि 10.00 बजे से सुबह 6.00 बजे के बीच) ध्वनि प्रदूषण या शोरगुल नहीं कर सकते:निम्न चीजों की मनाही है

• आपात स्थिति को छोड़कर हॉर्न का उपयोग मना है।

• बहुत अधिक आवाज करने वाला पटाखे फोड़ना मना है

• निर्माण-कार्य में इस्तेमाल होने वाली मशीन/उपकरण चलाना जिससे बहुत आवाज़ होती हो

अगर आप इनमें से किसी का भी उल्लंघन होते हुए देखते हैं तो आप पुलिस एवं इससे संबंधित अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं, और ऐसी शिकायत दर्ज होने पर संबंधित अधिकारी शोर को रोकने के लिए कार्रवाई करेंगे।

ध्वनि प्रदूषण करने पर सजा

यदि कोई भी व्यक्ति साइलेंट जोन में ध्वनि प्रदूषण करता है, तो उसे जुर्माना लगाया जाएगा और जेल की सजा भी हो सकती है।

सिगरेट और तंबाकू उत्पादों का विज्ञापन करना

आपको सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पादों का विज्ञापन नहीं करना चाहिए, चाहे इसके लिए आपको पैसे भी क्यों न दिए जाएं। इसका मतलब यह भी है कि आप स्पौंसरशिप के लिए भी, सिगरेट और तंबाकू उत्पादों को बेचने वाली कंपनियों के ब्रांड के नाम तक का विज्ञापन नहीं कर सकते हैं। आप निम्नलिखित तरीकों में से, किसी भी तरीके से विज्ञापन नहीं कर सकते हैं, न प्रत्यक्ष रूप से, ना ही अप्रत्यक्ष रूप से :

  • सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पादों के विज्ञापनों को प्रदर्शित करें, या उनके प्रदर्शन की अनुमति दें
  • सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन वाले फिल्म या वीडियो टेप को बेचें, या उनकी बिक्री की अनुमति दें
  • किसी भी ऐसे पर्चे, विज्ञप्ति या दस्तावेज को, जिसमें सिगरेट या अन्य तम्बाकू उत्पादों का विज्ञापन हो, जनता में वितरित करें, या उनके वितरण की अनुमति दें,
  • किसी भी जमीन, घर, दीवार, होर्डिंग, फ्रेम, खम्भे या निर्माण पर, सिगरेट या तम्बाकू उत्पादों किसी भी विज्ञापन को लगायें, या प्रदर्शित करें
  • किसी भी ऐसे अनुबंध पर हस्ताक्षर करें या सहमत हों, जो किसी भी सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पादों को, या किसी भी ट्रेडमार्क या सिगरेट के ब्रांड नाम के उपयोग को बढ़ावा दे।

सिगरेट या तम्बाकू उत्पादों का विज्ञापन करते हुए जब आप पहली बार पकड़े जाते हैं, तो आपको 2 साल तक की कैद होगी और/या 1000 रुपये तक का जुर्माना होगा। पहली बार के बाद, आपको 5 साल तक की कैद होगी और 10,000 रुपये तक का जुर्माना देना होगा। यह याद रखें कि यदि आप इस अपराध के लिये गिरफ्तार होते हैं तो आपको, जमानत का अधिकार है।

जहां सिगरेट या तंबाकू उत्पाद बेचे जाते हैं, तो वहां एक विस्तृत चेतावनी पैकेज पर होनी ही चाहिये। अगर सिगरेट का आयात किया गया है, तो भी एक चेतावनी का लेबल होना ही चाहिए। सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर लगे चेतावनी लेबल को अच्छी तरह पढ़ें, समझने के लिए।

अधिक जानकारी के लिए इस सरकारी संसाधन को पढ़ें

LGBTQ+ व्यक्तियों के लिंग सकारात्मक चिकित्सा (जेंडर अफर्मेटिव थेरेपी) और सुधारात्मक शल्य चिकित्सा (करेक्टिव सर्जरी) के लिए सहमति

जब आप लिंग सकारात्मक चिकित्सा (जेंडर अफर्मेटिव थेरेपी) और सुधारात्मक शल्य चिकित्सा (करेक्टिव सर्जरी) सहित किसी भी शल्य चिकित्सा के लिए जाते हैं, तो याद रखें कि यह शल्य चिकित्सा आपकी लिखित सहमति के बिना नहीं किया जा सकता है। किसी भी चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए सहमति देने की आयु 18 वर्ष है, पर ऐसे किसी भी व्यक्ति द्वारा दी गई सहमति, जिसका दिमागी संतुलन ठीक नहीं है, या 12 वर्ष से कम उम्र के एक बच्चे के द्वारा दी गई सहमति, वैध नहीं है।

आपके निर्धारित लिंग की पहचान को मान्यता देने के लिये, कोई भी व्यक्ति जिसे आप जानते हैं, या अस्पताल, या चिकित्सक आपको लिंग सकारात्मक चिकित्सा (जेंडर अफर्मेटिव थेरेपी) और सुधारात्मक शल्य चिकित्सा (करेक्टिव सर्जरी) एक कानूनी शर्त के रूप में कराने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है।

किसी भी शल्य चिकित्सा करने वाले डॉक्टर को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि आपके द्वारा दी गई सहमति एक वास्तविक सहमति है।

  • आपके पास सहमति देने की पात्रता और सामर्थ्यता, दोनो होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, ऐसा कोई भी व्यक्ति जिसका दिमागी संतुलन ठीक नहीं है,सहमति देने का पात्र नहीं है।
  • आपकी सहमति अपनी स्वेेच्छा से होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि आपको किसी प्रक्रिया से गुजरने के लिए परिवार के सदस्यों द्वारा मजबूर किया जा रहा है, तो यह वास्तविक सहमति नहीं है।
  • आपकी सहमति, इस उपचार प्रक्रिया की पर्याप्त जानकारी के आधार पर होनी चाहिए, ताकि आप यह जान सकें कि आप किसके लिए अपनी सहमति दे रहें हैं। प्रक्रिया के बारे में पर्याप्त जानकारियों में निम्नलिखित शामिल हैं:
    • इस उपचार की प्रकृति और प्रक्रिया;
    • इसके उद्देश्य और लाभ;
    • इसके संभावित प्रभाव और वे जटिलताएं जो उभर सकती हैं;
    • उपलब्ध अन्य विकल्प (यदि हो तो);
    • मुख्य जोखिमों की रूप रेखा; तथा
    • उपचार से आपके इनकार करने के ये प्रतिकूल परिणाम हैं।

हालांकि, पर्याप्त जानकारियों में सुदूर खतरें, असामान्य जटिलताएं और असावधान शल्य चिकित्सा के संभावित परिणाम शामिल नहीं हैं।

यदि आप चिकित्सा या मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य सेवा पाने के दौरान किसी भी भेदभाव का सामना करते हैं, तो इस तरह की समस्या को दूर करने के लिए आप कार्रवाई कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई आपकी सहमति लिये बिना आपकी सर्जरी करता है, तो यह अवैध है, और आप इसके बदले राहत की मांग कर सकते हैं। अपने पास क्या विकल्प हैं, इसके लिए कृपया यहां देखें।

बार-बार अपराध करना

ट्रिगर वॉर्निंग: निम्नलिखित विषय सूची में ड्रग्स और नशीले पदार्थों के बारे में जानकारी दी जा रही है जो कुछ पाठकों को विचलित कर सकती है। 

इस कानून के तहत बार-बार अपराध करने वालों को बहुत कड़ी सजा दी जाती है। अगर आपको भारत में ड्रग कानूनों के तहत अपराध करने, उकसाने या करने का प्रयास करने या यहां तक ​​कि साजिश करने के लिए एक बार पहले दोषी ठहराया गया था, तो उसी अपराध के लिए दूसरी बार की सजा आपको मिली पिछली सजा की तुलना में, कारावास और जुर्माना दोनों के लिए,1.5 गुना तक अधिक हो सकती है।

कुछ गंभीर मामलों में, अगर आपको किसी दवा की व्यावसायिक मात्रा के संबंध में अपराध के लिए दोषी ठहराया गया था और अब उसी अपराध के लिए फिर से दोषी ठहराया जा रहा है, तो आपको मृत्युदंड दिया जा सकता है। 2014 से पहले, बाद के कुछ अपराधों के लिए मृत्युदंड अनिवार्य रूप से लगाया जाता था, लेकिन अब यह बदल गया है और न्यायाधीश के विवेक पर छोड़ दिया गया है।