भारतीय नागरिकों के लिए किसी दूसरे देश से बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया (गैर-धार्मिक कानून)

अगर एक भारतीय नागरिक किसी दूसरे देश से  बच्चे को गोद लेना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान चरण पूरे करने होंगे:

चरण 1:

जिस देश से आप बच्चा गोद ले रहे हैं, वहां के कानून के अनुसार गोद लेने की सारी ज़रूरी प्रक्रियाएँ पूरी करें।

चरण 2:

जिस देश से आप बच्चा गोद लेना चाहते हैं, वहां की संस्था पहले आपके ज़रूरी कागज़ और रिपोर्ट देखेगी। सब कुछ सही होने पर ही वह बच्चे को गोद लेने की मंज़ूरी देगी।अगर आपको यह जानना है कि कौन से कागज़ जमा करने हैं, तो आप उस संस्था से जानकारी ले सकते हैं।

इन रिपोर्टों की भी ज़रूरत होगी:

• होम स्टडी रिपोर्ट (परिवार और घर से जुड़ी जानकारी रिपोर्ट)

• चाइल्ड स्टडी रिपोर्ट (बच्चे से जुड़ी जानकारी रिपोर्ट)

• बच्चे की मेडिकल जांच रिपोर्ट

चरण 3:

अगर बच्चे के पास किसी दूसरे देश का पासपोर्ट है, तो उसे भारत आने के लिए भारतीय वीज़ा लेना होगा। इस वीजा के लिए आप उस देश में मौजूद भारतीय दूतावास में आवेदन कर सकते हैं।

चरण 4:

गोद लिए गए बच्चे को भारत लाने से पहले उसके लिए आव्रजन (इमिग्रेशन) की मंज़ूरी लेना ज़रूरी है। यह मंज़ूरी गृह मंत्रालय से, उस देश में मौजूद भारतीय दूतावास या उच्चायोग से ली जाती है।

भारत के प्रवासी नागरिक (ओ.सी.आई) या भारत में रहने वाले विदेशी नागरिक के लिए गोद लेने की प्रक्रिया (गैर-धार्मिक कानून)

अगर आप भारत के प्रवासी नागरिक (ओ.सी.आई) या भारत में रहने वाले विदेशी नागरिक हैं, तो बच्चे को गोद लेने के लिए नीचे दिए गए चरणों को पूरा करना होगा:

चरण 1: पहले यह तय करें कि आप बच्चा गोद ले सकते हैं या नहीं। इस प्रक्रिया से बच्चे को आप तभी गोद ले सकते हैं, जब आप एक ओ.सी.आई हो या भारत में रहने वाले विदेशी नागरिक हों (यानी आप भारत में ही रहते हैं।)।

चरण 2: आपको पहले केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। यह आपको बाल दत्तक ग्रहण संसाधन सूचना एवं मार्गदर्शन प्रणाली (CARINGS) की वेबसाइट पर ले  जाएगा, जहां आपको अपना आवेदन भरना होगा।

चरण 3: अपने आवेदन के साथ, जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे, जैसे:

• फोटो

• पैन कार्ड

• जन्म प्रमाण-पत्र (अगर आप शादीशुदा हैं, तो अपने पति या पत्नी का भी जन्म प्रमाण पत्र)

• निवास प्रमाण-पत्र (आधार कार्ड/वोटर कार्ड/पासपोर्ट/बिजली बिल/टेलीफोन बिल)

• पिछले साल की आय का प्रमाणपत्र (सैलरी स्लिप / सरकारी आय प्रमाण पत्र / आयकर रिटर्न)

• डॉक्टर का मेडिकल प्रमाण पत्र, जिससे यह साबित होता हो कि आप किसी भी पुरानी, ​​​​संक्रामक, घातक या जानलेवा बीमारी से पीड़ित नहीं हैं और गोद लेने के लिए स्वस्थ हैं (विवाहित जोड़े के मामलों में, पति या पत्नी का भी मेडिकल प्रमाण पत्र जरूरी है)

• शादी का प्रमाण-पत्र/तलाक के कागज़  या तलाक से जुड़ा कोर्ट का फैसला / कोर्ट से दी गयी घोषणा-पत्र या व्यक्तिगत कानून के तहत तलाक से जुड़ा हलफनामा/पति/पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र (अगर लागू हो) ।

चरण 4:

विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी (एस.ए.ए) आपके घर की जांच करेगी। इसके बाद तय होगा कि आपका बच्चा गोद लेने का आवेदन मंजूर होगा या नहीं। इस जांच का रिजल्ट CARINGS  (बाल दत्तक ग्रहण संसाधन सूचना एवं मार्गदर्शन प्रणाली) वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।

चरण 5:

अगर आपका आवेदन  मंजूर हो जाता है, तो आपकी बारी के हिसाब से  CARINGS के जरिए एसएए (विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरण) आपके पास तीन बच्चों की जानकारी भेजेगी। आप 48 घंटे के अंदर एक बच्चे को चुन सकते हैं। इसके बाद उस बच्चे की आपसे मुलाकात कराई जाएगी, ताकि देखा जा सके कि बच्चा और आप एक-दूसरे के लिए सही हैं या नहीं। यह प्रक्रिया 20 दिनों में पूरी होगी। अगर आप चुने हुए बच्चे को गोद लेने से मना कर देते हैं, तो आपका नाम गोद लेने वाली सूची में सबसे नीचे कर दिया जाएगा।

चरण 6:

बच्चा गोद लेने के बाद एस.ए.ए अगले दो साल तक हर छह महीने में बच्चे और परिवार की स्थिति देखेगी और रिपोर्ट तैयार करेगा। कोई भी दिक्कत होने पर, सलाह और मदद दी जाएगी। अगर बच्चे को गोद लेने के बाद कोई दिक्कत आती है, तो बच्चे को वापस ले लिया जा सकता है और बच्चे को दोबारा गोद देने के लिए रखा जा सकता है।

भारत में रहने वाले भारतीयों के लिए गोद लेने की प्रक्रिया (गैर-धार्मिक कानून)

अगर आप भारत में रहने वाले भारतीय हैं, तो आप भारत में ही बच्चा गोद ले सकते हैं। इसके लिए आपको नीचे दिए गए चरण पूरे करने होंगे:

चरण 1:  

बच्चे को गोद लेने के लिए पहले केंद्रीय दत्तक संसाधन संस्था (CARA) की वेबसाइट पर पंजीकरण करें। यह आपको चाइल्ड एडॉप्शन रिसोर्स इंफॉर्मेशन एंड गाइडेंस सिस्टम (CARINGS) पर ले जाएगा। जहां आप नाम, पता और नौकरी की जानकारी जैसी जानकारी भरें।

चरण 2:

पंजीकरण के बाद, आपको आवेदन में माँगे गए जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। आपको कौन से दस्तावेज जमा करने होंगे, यहां देखें। आवेदन फॉर्म भरने के बाद, आपको एक रसीद/पावती पर्ची दी जाएगी।

चरण 3:

आवेदन और दस्तावेज जमा करने के बाद, आप रसीद पर्ची पर दिए गए रजिस्ट्रेशन नंबर से अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।

चरण 4:

आप बच्चे को गोद ले सकते हैं या नहीं, यह तय करने के लिए CARA या विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी (SAA) आपके घर आकर जांच करेगी।

चरण 5:

आपका आवेदन स्वीकार भी हो सकता है और रद्द भी। अगर आवेदन रद्द होता है, तो उसका कारण CARINGS पर लिखा होगा। अगर आपको लगता है कि फैसला सही नहीं है, तो आप बाल न्यायालय में अपील कर सकते हैं।

अपील करने की प्रक्रिया को जानने के लिए कृपया यहां देखें।

चरण 6:

अगर आपका आवेदन स्वीकार हो जाता है, तो आपकी बारी के हिसाब से CARINGS के ज़रिए एसएए (विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरण)आपको तीन बच्चों की जानकारी देगा। आप 48 घंटे के अंदर एक बच्चे को चुन सकते हैं। इसके बाद उस बच्चे की आपसे मुलाकात कराई जाएगी, ताकि देखा जा सके कि बच्चा और आप एक-दूसरे के लिए सही हैं या नहीं। यह प्रक्रिया 20 दिनों में पूरी होगी। अगर आप चुने हुए बच्चे को गोद लेने से मना कर देते हैं, तो आपका नाम गोद लेने वाली सूची में सबसे नीचे कर दिया जाएगा।

चरण 7:

बच्चे को चुनने के 10 दिनों के भीतर, आपको बच्चे को अपने साथ रखना होगा। जब तक कोर्ट से गोद लेने की अंतिम मंजूरी नहीं मिलती, तब तक बच्चा आपकी देखरेख में रहेगा। बच्चे को अपने साथ ले जाने से पहले आपको एक सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर करने होंगे।

चरण 8:

इसके बाद एसएए (या दूसरी संबंधित संस्था) बच्चे को गोद लेने की मंजूरी के लिए कोर्ट में आवेदन करेगी। अगर आपके शहर में एसएए नहीं है, तो यह काम दूसरी संस्था करेगी। कोर्ट की कार्यवाही बंद कमरे में की जाएगी, और कोर्ट करीब दो महीने के अंदर अपना फैसला देगा। कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद, तीन कामकाजी दिनों के अंदर बच्चे का नया जन्म प्रमाण-पत्र बन जाएगा, जिसमें आपका नाम बच्चे के माता-पिता के रूप में दर्ज होगा।

चरण 9:

बच्चा गोद लेने के बाद, दो साल तक हर छह महीने में एसएए आपके घर आकर या आपसे मिलकर यह देखेगा कि बच्चा कैसा है, उसकी अच्छी तरह देखभाल हो रही है या नहीं और रिपोर्ट तैयार करेगा। कोई भी दिक्कत होने पर, सलाह और मदद दी जाएगी। अगर बच्चे को गोद लेने के बाद कोई दिक्कत आती है, तो बच्चे को वापस ले लिया जा सकता है और बच्चे को दोबारा गोद देने के लिए रखा जा सकता है।

 

 

रिश्तेदारों के बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया (गैर-धार्मिक कानून)

अगर आप अपने किसी रिश्तेदार के बच्चे को गोद लेना चाहते हैं, तो गैर-धार्मिक कानून के तहत भारत में या भारत के बाहर भी बच्चे को गोद ले सकते हैं।

भारत में रहने वाले रिश्तेदारों के बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया

भारत में रहने वाले अपने रिश्तेदार के बच्चे को गोद लेने के लिए, नीचे दिए गए चरणों को पूरा करें।

चरण 1:

सबसे पहले यह देखें कि क्या आप बच्चे को गोद ले सकते हैं।  इसके लिए आपका बच्चे से नीचे बताए गए रिश्तों में से कोई एक रिश्ता होना चाहिए:

  • आप उस बच्चे का चाचा या चाची हो,
  • आप उसके मामा या मामी हो,
  • आप उसके दादा-दादी हो,
  • आप उसके नाना-नानी हो।

आप या तो एक भारतीय नागरिक हों या अनिवासी भारतीय (एन.आर.आई) हों या भारतीय प्रवासी नागरिक (ओ.सी.आई) हों । इसके अलावा, आप भारत में कम-से-कम एक साल से में रह रहें हों।

चरण 2:

सबसे पहले CARA की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करें। इसके बाद आपको CARINGS पोर्टल पर भेज दिया जाएगा।

वहाँ आपको कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे, जैसे—

  • निवास प्रमाण-पत्र।
  • अगर बच्चा 5 साल से ज़्यादा का है, तो उस बच्चे की सहमति भी ज़रूरी होगी।
  • बच्चे के असली माता-पिता (Biological) की सहमति या बाल कल्याण समिति (CWC) द्वारा बच्चे के कानूनी अभिभावक को बच्चे को गोद देने की अनुमति देने वाला पत्र।
  • गोद लेने के लिए कोर्ट का आदेश, जैसा कि चरण 3 में बताया गया है।
  • आपका और आपके पति/पत्नी के रिश्ते, आपकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति की जानकारी देने वाला शपथ-पत्र (हलफनामा)।

चरण 3:

इसके बाद, आपको इस प्रारूप में गोद लेने के लिए एक आवेदन कोर्ट में  दाखिल करना होगा। एक बार आवेदन मिलने के बाद, आपको इसे CARINGS की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।

विदेश में रहने वाले रिश्तेदारों के बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया

विदेश में रहने वाले अपने रिश्तेदार के बच्चे को गोद लेने के लिए, नीचे दिए गए चरणों को पूरा करें।

चरण 1:

सबसे पहले यह देखें कि क्या आप बच्चे को गोद ले सकते हैं। अगर आप अनिवासी भारतीय (एन.आर.आई) या भारत के प्रवासी नागरिक (ओ.सी.आई) हैं, तो आप अपने किसी रिश्तेदार के बच्चे को गोद ले सकते हैं।

चरण 2:

आप जिस देश में रह रहें हैं, उयह संस्था अधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण एजेंसी (Authorised Foreign Adoption Agency) या केंद्रीय प्राधिकरण (Central Authority) हो सकती है।

अगर आपके देश में ऐसी कोई संस्था नहीं है, तो आप वहां के सरकारी विभाग या भारतीय दूतावास/उच्चायोग (अगर भारतीय नागरिक हैं) से पूछ / संपर्क कर सकते हैं। वह आपको घर की जाँच (होम स्टडी) और रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी देंगे।

चरण 3:

जरूरी दस्तावेज जमा करें। इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए कृपया उस संस्था से पूछें, जिससे आप संपर्क कर रहे हैं।

चरण 4:

एक बार आपके दस्तावेज जमा हो जाने के बाद, वह संस्था आपका आवेदन जिला बाल संरक्षण इकाई (डी.सी.पी.यू) को आपके परिवार की जानकारी की रिपोर्ट (फैमिली बैकग्राउंड रिपोर्ट ) तैयार करने के लिए भेजेगी। इसके लिए आपको फीस भी देनी पड़ सकती है।

इस रिपोर्ट के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए यहां देखें। इसके बाद यह रिपोर्ट उस देश की संस्था को भेज दी जाएगी, जहाँ बच्चा गोद लिया जाएगा।

चरण 5:

जिस जिला में बच्चा रह रहा हो, उस जिले के कोर्ट में गोद लेने के लिए एक आवेदन दाखिल करें।आवेदन के साथ बच्चे के असली (Biological) माता-पिता की सहमति पत्र और दूसरे सभी दस्तावेजों भी जमा करने होंगे। ये सभी दस्तावेज नीचे दिए गए हैं:

  • अगर बच्चे की उम्र 5 साल से ज़्यादा है, तो उसकी सहमति भी ज़रूरी होगी।
  • जिस देश में बच्चे को ले जाना चाहते हैं, उस देश की अनुमति।
  • बच्चे के साथ आपका रिश्ता (वंशावली/फैमिली ट्री)
  • आपकी, बच्चे और उसके असली माता-पिता की हाल की पारिवारिक फोटो
  • बच्चे के असली माता-पिता की सहमति या बाल कल्याण समिति (सी.डब्ल्यू.सी) से बच्चे को उसके कानूनी अभिभावक गोद देने का अनुमति पत्र।
  • परिवार की जानकारी की रिपोर्ट (फैमिली बैकग्राउंड रिपोर्ट)

इसके बाद, कोर्ट के गोद लेने के आदेश की प्रमाणित (Certified) कापी जिला बाल संरक्षण इकाई (डी.सी.पी.यू) को दें।

चरण 6: जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) से गोद लेने का आदेश मिलने के 10 दिनों के अंदर, संबंधित संस्था गोद लेने के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एन.ओ.सी) जारी कर देगी।

 

 

 

सौतेले माता-पिता द्वारा बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया (गैर-धार्मिक कानून)

अगर आप उस बच्चे के सौतेले माता-पिता हैं, जिसे आप गोद लेना चाहते हैं, तो उसके लिए आप नीचे दी गई प्रक्रिया को पूरा  करें।

चरण 1:

आपको और आपके पति या पत्नी (बच्चे के असली माता-पिता) को CARA की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद आपको CARINGS पर भेज दिया जाएगा, जहाँ आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी, नौकरी से जुड़ी जानकारी आदि भरनी होगी।

चरण 2:

इसके बाद आपको जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे, जो इस प्रकार हैं:

  • आप और आपके पति/पत्नी के पते का प्रमाण (निवास प्रमाण पत्र)।
  • ऊपर बताए गए पति-पत्नी (दोनों पक्षों) का कानूनी रूप से शादीशुदा  होने का प्रमाण-पत्र।
  • अगर बच्चे का असली माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गई है, तो उनका मृत्यु प्रमाण-पत्र।
  • गोद लिए जाने वाले बच्चे, उसके असली माता-पिता, बच्चे को गोद लेने वाले पति या पत्नी और गवाहों की सत्यापित फोटो (Attested Photographs)।
  • जैसा कि चरण 3 में बताया गया है, उसके अनुसार, बाल कल्याण समिति (सी.डब्ल्यू.सी) से दिया गया अनुमति प्रपत्र।
  • कोर्ट द्वारा जारी किया गया गोद लेने का आदेश (Adoption Order), जैसा कि चरण 4 में बताया गया है।

चरण 3:

बच्चे को गोद लेने के लिए आपको सी.डब्ल्यू.सी से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए आपको यह फॉर्म भरना होगा, जिसमें आपकी और आपके पति/पत्नी की सहमति भी दर्ज होगी। अगर दोनों पति-पत्नी अपनी-अपनी पिछली शादी से हुए बच्चों को गोद देने के लिए तैयार हैं, तो दोनों को अलग-अलग सहमति फॉर्म भरने होंगे।

चरण 4:

आपको अपने पति या पत्नी के साथ परिवार/जिला/शहर या सिविल कोर्ट में एक आवेदन दाखिल करना होगा। इसके बाद, आपको कोर्ट से गोद लेने के आदेश की एक प्रमाणित कॉपी लेनी होगी और उसकी एक कॉपी CARINGS की वेबसाइट पर ऑनलाइन जमा करनी होगी।

भारत के प्रवासी नागरिक (ओ.सी.आई) या अनिवासी भारतीय (एन.आर.आई) या दूसरे देश में रहने वाले विदेशी नागरिक द्वारा गोद लेने की प्रक्रिया (गैर-धार्मिक कानून के तहत)

अगर आप भारतीय प्रवासी नागरिक (ओ.सी.आई), अनिवासी भारतीय (एन.आर.आई) या विदेश में रहने वाले विदेशी नागरिक हैं, तो बच्चे को गोद लेने के लिए नीचे दिए गए चरणों को पूरा करें:

चरण 1:

आप जिस देश में रह रहें हैं, उस देश के प्राधिकरण यानी अधिकृत (जिसको अधिकार हो) विदेशी गोद देने वाली एजेंसी या केंद्रीय प्राधिकरण से बात करें। आप जिस देश में रहते हैं, अगर उस देश में कोई अधिकृत विदेशी गोद देने वाली एजेंसी या केंद्रीय प्राधिकरण नहीं है, तो आपको उस देश में संबंधित सरकारी विभाग से बात करें। अगर आप भारतीय नागरिक हैं, तो  भारतीय दूतावास या उच्चायोग से भी मदद ले सकते हैं। ये संस्था या विभाग आपको होम स्टडी और पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन करेंगे। गोद लेने वाली विदेशी एजेंसियों की सूची के लिए यहां देखें।

चरण 2:

आपको जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। कौन-कौन से दस्तावेज़ देने होंगे, इसकी पूरी जानकारी आपको वही संस्था या विभाग देगा, जिससे आपने संपर्क किया है।

चरण 3:

गोद लेने के लिए आपको दो बच्चों की प्रोफाइल दिखाई जाएंगी। इनमें से आपको 96 घंटे (4 दिन) के अंदर किसी एक बच्चे को चुनना होगा। जैसे ही आप एक बच्चे को चुन लेते हैं, दूसरे बच्चे की प्रोफाइल हटा दी जाएगी।अगर आप ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो दोनों बच्चों की प्रोफाइल हटा दी जाएगी। किसी एक बच्चे को चुनने के बाद, आपको तीस दिनों के अन्दर उस बच्चे को गोद लेने के लिए अपनी सहमति देनी होगी। आपको बच्चे की बाल अध्ययन रिपोर्ट (Child Study Report) और मेडिकल जाँच रिपोर्ट पर अपने साइन करने होगा। अगर आप 30 दिनों के अंदर  ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका नाम वरीयता सूची में सबसे नीचे चला जाएगा और उस बच्चे की प्रोफाइल भी हटा दी जाएगी।आप बच्चे से व्यक्तिगत रूप से भी मिल सकते हैं, और किसी डॉक्टर से उसकी मेडिकल रिपोर्ट को दिखा सकते हैं।

चरण 4:

गोद लेने की प्रक्रिया के लिए संबंधित संस्था अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करेगी। इसके बाद यह CARINGS पोर्टल पर भी दिखाई देगा।

चरण 5:

अगर आपको NOC मिल जाता है, तो कोर्ट का आदेश आने तक आप बच्चे को प्री-एडॉप्शन फोस्टर केयर (गोद लेने से पहले बच्चे की कुछ समय के लिए देखभाल) में अपने साथ रख सकते हैं। इसके लिए आपको घोषणा पत्र देना होगा। इसके बाद आपको बच्चे की स्थायी जिम्मेदारी (permanent custody) दे दी जाएगी, जब:

• बच्चे का पासपोर्ट और वीजा जारी हो जाता है।

• कोर्ट गोद लेने का आदेश जारी कर देती है।

चरण 6:

संबंधित संस्था आपकी ओर से वहां के कोर्ट में गोद लेने की अर्जी दाखिल करेगी। इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में होगी। गोद लेने की अर्जी दाखिल होने की तारीख से दो महीने के अन्दर कोर्ट इस मामले पर फैसला देने की कोशिश करेगी।  

चरण 7:

गोद लेने का आदेश जारी होने के बाद, आपको दो महीने के अन्दर भारत आकर बच्चे को अपने साथ ले जाना होगा।

इसके बाद आगे की ये प्रक्रियाएँ पूरी की जाएंगी:

• कोर्ट से गोद लेने का आदेश मिलने के बाद, संबंधित संस्था तीन कामकाजी दिनों के अन्दर अनुरूपता प्रमाण-पत्र (Conformity Certificate) जारी कर देती है।

• गोद लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, संबंधित संस्था इसकी जानकारी आव्रजन विभाग और दूसरे संबंधित सरकारी विभागों को दे देगी।

• संबंधित संस्था बच्चे के लिए भारतीय पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र और ओसीआई कार्ड (अगर जरूरी हो तो) बनवाने में आपकी मदद करेगा।

चरण 8:

संबंधित संस्था बच्चे को गोद देने के बाद उसकी स्थिति की जानकारी लेने के लिए समय-समय पर जांच  करेगी। पहले साल में यह जांच हर तीन महीने में और दूसरे साल में हर छह महीने में की जाएगी। अगर किसी तरह की परेशानी आती है, तो परिवार को सलाह और मदद दी जाएगी। 

अगर बच्चे को गोद लेने के बाद कोई दिक्कत आती है, तो बच्चे को वापस लिया जा सकता है और उस बच्चे को फिर से गोद लेने के लिए कानूनी रूप से उपलब्ध घोषित किया जा सकता है।

 

हिंदू कानून के तहत गोद लेने की प्रक्रिया

हिंदू कानून के तहत गोद लेने के लिए कोई तय प्रक्रिया नहीं है।आपको किसी खास दिए गए नियमों को मानना जरूरी नहीं होता, लेकिन कुछ मामलों में गोद लेने का दस्तावेज़ (Adoption Deed) बनवाना पड़ सकता है।

गोद लेने की प्रक्रिया और इस दस्तावेज़ के प्रारूप के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए आप किसी वकील से सलाह ले सकते हैं।

अगर आप एक अभिभावक हैं

अगर आप बच्चे के अभिभावक (Guardian) हैं, तो कुछ मामलों में बच्चे को गोद लेने या गोद देने के लिए आपको कोर्ट से अनुमति लेनी होती है। ये मामले इस प्रकार हैं:

• जब माता और पिता दोनों की मृत्यु हो गई हो;

• जब बच्चे के माता और पिता दोनों ने पूरी तरह से सांसारिक जीवन  को त्याग दिया हो।

• जब बच्चे के पिता और माता दोनों ने बच्चे को छोड़ दिया हो।

• जब संबंधित कोर्ट ने बच्चे के माता-पिता दोनों को मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित कर दिया हो।

• जब बच्चे के माता-पिता के बारे में कोई जानकारी न हो।