गैर-धार्मिक कानून के तहत गोद लेना
गैर-धार्मिक कानून के तहत गोद लेने के लिए, आपको संभावित यानी होने वाले माता-पिता बनने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं:
स्वास्थ्य
• आपको शारीरिक रूप से फिट होना चाहिए यानी आपको कोई जानलेवा बीमारी न हो।
• आपको आर्थिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत होना चाहिए और बच्चे को गोद लेने के बाद उसको अच्छी परवरिश देने का पूरा इरादा होना चाहिए।
वैवाहिक स्थिति (आपकी शादी हुई है या नहीं )
• गोद लेने वाले अकेले माता/पिता: इसमें आपकी शादी हुई है या नहीं, या आपके पहले से बच्चे हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता यानी एक अकेला/तलाकशुदा/शादीशुदा व्यक्ति भी बच्चे को गोद ले सकता है। अगर आप एक लड़की को गोद लेना चाहते हैं, तो आपको एक महिला होना चाहिए। एक अकेली महिला लड़का और लड़की दोनों बच्चों को गोद ले सकती है। जबकि, एक अकेला पुरुष एक लड़की को गोद नहीं ले सकता है।
• गोद लेने वाले शादीशुदा माता-पिता: शादीशुदा जोड़े के मामलों में, पति-पत्नी दोनों को गोद लेने के लिए सहमति देनी होती है। साथ ही, उनका रिश्ता कम से कम 2 साल से स्थिर और मजबूत होना चाहिए।
मौजूदा बच्चे (अगर पहले से आपके बच्चे हैं)
जिन पति-पत्नी के पहले से 3 या उससे ज़्यादा बच्चे हैं, उन्हें बच्चा गोद लेने की इजाज़त नहीं है। लेकिन कुछ खास मामलों में छूट है, जैसे- खास देखभाल की जरूरत वाले बच्चे, ऐसे बच्चे जिन्हें लंबे समय से कोई गोद नहीं ले रहा या जब बच्चे के सौतेले माता-पिता या रिश्तेदार बच्चे को गोद ले रहे हों।
उम्र
बच्चे और उसे गोद लेने वाले माता-पिता के बीच कम से कम 25 साल उम्र का अन्तर होना चाहिए।
• सौतेले माता-पिता और रिश्तेदारों वाले गोद लेने के मामलों को छोड़कर,अलग-अलग उम्र के बच्चों को गोद लेने के लिए पति-पत्नी की कुल (जोड़कर) उम्र देखी जाती है।यह समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें कि आप किस उम्र के बच्चे को गोद ले सकते हैं।
| बच्चे की उम्र |
गोद लेने वाले माता-पिता (पति-पत्नी) की मिलाकर अधिकतम उम्र, जिसके अंदर वे बच्चे को गोद ले सकते हैं। |
गोद लेने वाले अकेले माता/पिता की अधिकतम उम्र, जिसके अंदर ही वे बच्चे को गोद ले सकते हैं। |
| 4 साल तक |
90 साल |
45 साल |
| 4 साल से लेकर 8 साल तक |
100 साल |
50 साल |
| 8 साल से लेकर 18 साल तक |
110 साल |
55 साल |
हिंदू कानून के तहत गोद लेना
हिंदू कानून के तहत गोद लेने के लिए, आपको बच्चे का माता-पिता बनने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं।
हिंदू कानून के तहत, एक हिंदू पुरुष या महिला किसी हिंदू बच्चा या बच्ची को गोद ले सकते हैं।
एक हिन्दू पुरुष जो एक बच्ची को गोद लेता है, तो वह उससे कम से कम 21 साल बड़ा होना चाहिए। इसी तरह,अगर एक हिंदू महिला जो एक बच्चा (लड़के) को गोद लेती है, वह उससे कम से कम 21 साल बड़ी होनी चाहिए।
हिन्दू दत्तक भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत गोद लेने के लिए, आपको कुछ तय शर्तें को भी पूरा करना होता है:
उम्र
• आपकी उम्र 18 साल से ज़्यादा हो और आप मानसिक रूप से स्वस्थ हो।
वैवाहिक स्थिति यानी आप शादीशुदा हैं या नहीं
• गोद लेने वाले शादीशुदा माता-पिता: अगर आप शादीशुदा हैं, तो बच्चे को गोद लेने के लिए आपको आपकी पत्नी या पति की सहमति लेनी होती है। लेकिन अगर आपका जीवनसाथी मानसिक रूप से कमजोर हो, या फिर उसकी मृत्यु हो चुकी हो, या अब वह हिंदू न हो। इस स्थिति में उसकी सहमति जरूरी नहीं होती है।
अगर एक ही पत्नी है, तो वही बच्चे की गोद लेने वाली माँ मानी जाएगी। वहीं अगर एक से ज्यादा पत्नियां हैं, तो सबसे बड़ी पत्नी को गोद लेने वाली माँ माना जाएगा और बाकी पत्नियां बच्चे की सौतेली माँ ही होंगी।
• गोद लेने वाले अकेले माता/पिता: अगर आप शादीशुदा नहीं है या फिर विधवा/विधुर हैं, तो आप एक बच्चे को गोद ले सकते हैं। अगर आप बाद में शादी करते हैं, तो आपका जीवनसाथी उस बच्चे का सौतेला पिता या सौतेली माँ माना जाएगा।
मौजूदा बच्चे (अगर पहले से आपके बच्चे हैं)
• अगर आप एक लड़की को गोद ले रहे हैं, तो आपके पास पहले से कोई जीवित हिंदू बेटी या पोती (अपनी या सौतेली) नहीं होनी चाहिए। इसी तरह, अगर आप एक लड़के को गोद ले रहे हैं, तो आपके पास कोई जीवित हिंदू बेटा, पोता या परपोता (अपना या सौतेला) नहीं होना चाहिए।