निकाह के दौरान किए गए प्रस्ताव को 'इजाब' कहा जाता है।

इस्लामी निकाह के लिए प्रस्ताव और स्वीकृति की क्या जरूरत है?

आखिरी अपडेट Sep 2, 2022

किसी एक पक्ष द्वारा या उसकी ओर से निकाह का प्रस्ताव दिया जाना चाहिए और दूसरे पक्ष द्वारा यह प्रस्ताव स्वीकार किया जाना चाहिए । दूल्हा और दुल्हन दोनों को एजब ए क़ुबूल (क़ुबूल है) कहना होगा, जिसका अर्थ है “मैं सहमत हूं”।

निकाह की रस्म के दौरान यह उनकी अपनी इच्छा से और स्पष्ट रूप से कहा जाना चाहिए। प्रस्ताव और स्वीकृति की प्रक्रिया एक ही बैठक में की जानी चाहिए, यानी, एक बैठक में दिया गया प्रस्ताव और दूसरी बैठक में की गई स्वीकृति से वैध निकाह का गठन नहीं होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

क्या आपके पास कोई कानूनी सवाल है जो आप हमारे वकीलों और वालंटियर छात्रों से पूछना चाहते हैं?

Related Resources

इस्लामी निकाह के लिए योग्यता का मापदंड क्या हैं?

जब वह निम्नलिखित शर्तों को पूरा करेगा: तभी निकाह कर सकता है यदि वह दोनों युवावस्था (आमतौर पर 15 वर्ष) प्राप्त कर चुके हों।

इस्लामी निकाह के लिए आवश्यक शर्तें क्या हैं?

वैध निकाह के लिए एक व्यक्ति द्वारा या उसकी ओर से एक प्रस्ताव रखा जाना चाहिए और इसे दूसरे द्वारा स्वीकार किया जाना चाहिए।

इस्लामी कानून के तहत निषिद्ध संबंध कौन-कौन से हैं?

कानून के तहत कुछ रिश्ते प्रतिबंधित हैं। इसका मतलब है कि कोई भी व्यक्ति कुछ विशेष प्रकार के रिश्तेदारों से निकाह नहीं कर सकता है।

इस्लामिक कानून की विभिन्न विचारधाराएं कौनसी हैं?

इस्लामिक कानूनों की कई विचारधाराएं हैं। इस्लामी विवाह पर कानून विद्वानों द्वारा कुरान की व्याख्या से आता है।

वैध निकाह किसे कहते है?

विवाह की वैधता को निकाहनामा के माध्यम से जांचा जा सकता है, जिसे धार्मिक रूप से मान्य इस्लामी विवाह का अभिन्न अंग माना जाता है।

क्या इस्लामी निकाह एक संविदा (कॉन्ट्रेक्ट) है?

निकाह, इस्लामिक कानून के तहत एक संविदा (कॉन्ट्रेक्ट) होता है। निम्नलिखित शर्तों को पूरा करके यह संविदा दर्ज किया जा सकता है |