LGBTQ+ व्यक्तियों को तालाबंद कर रखना

यदि आपको किसी खास जगह से बाहर जाने से रोका जाता है, या आपको किसी खास क्षेत्र के अंदर बाधित कर दिया गया है, उदाहरण के लिए, यदि आपको एक कमरे के अंदर बंद कर दिया गया है, तो आपको गैरकानूनी ढ़ंग से रोक कर रक्खा गया है। इस तरह के कृत्य को नाजायज बंधक बनाना कहते हैं, और जिसने आपको बंधक बनाया है उसे 1 साल तक की जेल की सजा और / या 1000 रुपये का जुर्माना हो सकता है।

यदि आपका परिवार, आपको अपने साथी से मिलने या साथ होने से रोकने के लिए या, आपके अपने नये लिंग पहचान या यौन अभिविन्यास को व्यक्त करने पर गुस्सा होने के चलते, आपको जबरन घर के अंदर बंद कर दिया जाता है, तो यह कानूनन अपराध है, और कोई भी आपको आपकी इच्छा के विरुद्ध जबरन बंदी नहीं बना सकता है, क्यों कि यह आपकी आज़ादी, और आपके घूमने की आजादी का उल्लंघन है।

अपनी सहायता के लिए लोगों से संपर्क करें

  • ऐसी परिस्थिति से बाहर निकलने और तत्काल मदद पाने के लिए, आप कॉल कर सकते हैं:
  • ऐसे हेल्पलाइन, जो पुलिस अधिकारियों को आपकी मदद के लिये भेजें, या आपको तत्काल कदम उठाने के लिए आपका मार्गदर्शन करें।
  • गैरसरकारी संगठनें, जो आपको ऐसी परिस्थितियों से मुक्त करने में सक्षम हैं।
  • करीबी और भरोसेमंद परिवार के सदस्य और दोस्त।

शिकायत दर्ज करना

आप अपनी लिंग पहचान या यौन अभिविन्यास की परवाह किए बिना निकटतम पुलिस स्टेशन का रुख कर सकते हैं और ऐसे व्यक्ति के खिलाफ प्राथिमिकी (एफआईआर) दर्ज करा सकते हैं, जिसने आपको बंदी बना कर रक्खा हो, या आपको नाजायज तरीके से बंधक बनाया हुआ हो। आपको भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 340/342 के अंतर्गत एक प्राथिमिकी (एफआईआर) दर्ज करानी होगी।

दहेज पर महिला का अधिकार है?

अगर शादी में या उसके बाद दहेज पति या ससुराल वालों या किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा लिया गया है। इस स्थिति में, उन्हें आपको (दुल्हन) दहेज सौंपना होगा, क्योंकि यह आपकी संपत्ति है।

आपके पति और उनके परिवार को दहेज के रूप में दी गई किसी भी संपत्ति पर आपका (दुल्हन) अधिकार है।

दहेज लेने वाले व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह इसे दुल्हन को ही सौंप दे।

अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो 6 महीने से दो साल के बीच की जेल और/या 5,000 और 10,000 रुपये के बीच जुर्माना लगाया जा सकता है।

संपत्ति आपके पति या ससुराल वालों को कब मिली, इसके आधार पर इसमें अलग-अलग दिशा-निर्देश हैं।
उदाहरण के लिए, राज और सिमरन की शादी 20 अगस्त को है। सिमरन के पिता ने शादी में राज के चाचा अमन को दहेज के रूप में नया घर दिया है। ऐसे में अमन को घर सिमरन को देना होगा। ऐसा नहीं करने पर उसे कानून के तहत सजा दी जाएगी।

  • अगर शादी के 7 साल के भीतर आपकी मृत्यु हो जाती है, तो संपत्ति आपके बच्चों को सौंप दी जाएगी। जब तक वे 18 साल के नहीं हो जाते, तब तक यह उनके लिए ट्रस्ट में रखी जाएगी। अगर आपकी कोई संतान नहीं है, तो संपत्ति आपके माता-पिता को दे दी जाएगी।
  • अगर संपत्ति शादी से पहले मिली थी, तो अमन को शादी के 3 महीने के भीतर (20 नवंबर से पहले) सिमरन को देनी होगी।
  • अगर संपत्ति शादी के दिन या उसके बाद मिली थी, तो अमन को इसे लेने की तारीख से 3 महीने के भीतर (20 नवंबर के बाद) सिमरन को देनी होगी।
  • अगर सिमरन अपनी शादी के समय 18 साल से कम की थी। इस स्थिति में, अमन को 18 साल की होने के 3 महीने के भीतर कार सिमरन को देनी होगी। अमन इसे तब तक अपने पास रख सकता है, जब तक सिमरन 18 साल की नहीं हो जाती है।

अगर आप (दुल्हन) दहेज / संपत्ति पर कब्जा करने से पहले मर जाती हैं, तो आपके उत्तराधिकारी आपके पति या ससुराल वालों से संपत्ति पर दावा कर सकते हैं।

अगर शादी के 7 साल के भीतर आपकी मृत्यु हो जाती है, तो संपत्ति आपके बच्चों को सौंप दी जाएगी। जब तक वे 18 साल के नहीं हो जाते, तब तक यह उनके लिए ट्रस्ट में रखी जाएगी। अगर आपकी कोई संतान नहीं है, तो संपत्ति आपके माता-पिता को दे दी जाएगी।  

अपराध दोहराने की सजा

अगर किसी को पहले भी बलात्कार/सामूहिक बलात्कार  के अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है और इसके बाद उसे  फिर से बलात्कार/सामूहिक बलात्कार के लिए दोषी ठहराया जाता है। इस स्थिति में, उसे उम्रकैद की सजा या मौत की सजा मिलती है।1

आप चिकित्सा उपचार कैसे ले सकते हैं?

ट्रिगर वॉर्निंग: निम्नलिखित विषय में शारीरिक हिंसा पर जानकारियां दी गई है, जिससे कुछ पाठकों को असहज महसूस हो सकता है। 

एसिड अटैक सर्वाइवर के इलाज की चिकित्सा प्रक्रिया इस प्रकार है:

चरण 1: पहला कदम और तत्काल उपचार 

सर्वाइवर को तत्काल चिकित्सा उपचार देने के लिए निकटतम अस्पताल ले जाया जाना चाहिए। उपचार मुफ्त दिया जाना चाहिए। प्राथमिक उपचार दिया जाना चाहिए और सर्वाइवर को स्थिर करने की कोशिश की जानी चाहिए। सर्वाइवर को चिकित्सा सहायता प्रदान करने से इनकार करने वाले किसी भी अस्पताल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

चरण 2: सर्वाइवर का चिकित्सा उपचार 

एक बार जब सर्वाइवर प्राथमिक उपचार प्राप्त कर लेता है, तो उसे या तो आगे के इलाज के लिए विशेषीकृत अस्पताल में स्थानांतरित किया जा सकता है या उसका उसी अस्पताल में इलाज किया जा सकता है, अगर संस्थान के पास ऐसा करने की सुविधा है।

चरण 3: सर्वाइवर के लिए चिकित्सा प्रमाणपत्र 

जिस अस्पताल में सर्वाइवर का पहले इलाज किया जा रहा है, उस अस्पताल को उस व्यक्ति को एक प्रमाण पत्र देना चाहिए, जिसमें यह लिखा गया हो कि वह व्यक्ति एसिड अटैक का सर्वाइवर है। इस प्रमाणपत्र का उपयोग उपचार और अन्य सर्जरी या किसी अन्य राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश की योजनाओं के लिए किया जा सकता है, जिसका व्यक्ति लाभ उठाना चाहता है। इसके अलावा, इसे पीड़ित मुआवजा योजना के तहत मुआवजे का दावा करने के लिए आवेदन के साथ संलग्न किया जाना चाहिए।

सेक्सुअल फ़ेव़र या डिमांड क्या है?

[जारी चेतावनी: इस लेख में शारीरिक हिंसा, यौन हिंसा, दुर्व्यवहार और गाली-गलौज के बारे में जानकारी है जो कुछ पाठकों को विचलित कर सकती है। 

यदि कोई पुरूष किसी महिला से उनकी सहमति के बिना और उनकी अरुचि के बावजूद यौन संबंध बनाने की मांग करता है या सेक्सुअल डिमांड रखता है, तो ऐसा करना एक अपराध है। कानून के तहत केवल पुरुष को ही अपराध के लिए दंडित किया जा सकता है।

यदि अनुरोध या डिमांड के बाद भी कोई व्यक्ति किसी को शारीरिक रूप से चोट पहुँचाता है या किसी प्रकार का बलपूर्वक व्यवहार करता है, तो ऐसे कार्यों के लिए और अधिक/कड़ी सजा है। यदि अपराधी का व्यवहार किसी महिला को चोट पहुँचाता है, भय पैदा करता है या परेशान करता है और उसकी सहमति के बिना किया जाता है, तो इसका मतलब है कि अपराधी ने उस पर बल प्रयोग किया है।

सेक्सुअल फ़ेवर या डिमांड करने पर तीन साल तक की जेल की सजा और जुर्माना है।

कार्य स्थल पर यौन शोषण 

यदि किसी महिला के साथ उनके कार्यस्थल पर ऐसा कुछ होता है, तो उसके पास न केवल पुलिस के पास जाने का विकल्प होता है, बल्कि वे आंतरिक समिति के पास भी शिकायत दर्ज करा सकती है, जो यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए कार्यस्थलों में एक आंतरिक तंत्र है।

इस कानून के तहत क्या अपराध और दंड आते हैं?

इस कानून के अंतर्गत प्रत्येक अपराध संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-संयोजनीय है।

अपराध दंड
चिकित्सा पेशेवर या कोई भी व्यक्ति, जो एक पंजीकृत केंद्र का मालिक है, या एक पंजीकृत केंद्र में कार्यरत है या अपनी पेशेवर या तकनीकी सेवाएं प्रदान करता है, उसके द्वारा कानून का उल्लंघन करने पर उसे निम्न दंड भुगतना होगा। पहली बार अपराध करने पर-3 साल तक की जेल, साथ ही 10000 रुपये तक का जुर्माना। बाद के अपराधों के लिए-5 साल तक की जेल के साथ 50,000 रुपये तक का जुर्माना।
चिकित्सकों और पंजीकृत चिकित्सकों के लिएः जब तक मामला निपटाया नहीं जाता और दोषसिद्ध होने पर रजिस्टर से प्रथम अपराध के लिए पांच वर्ष की अवधि के लिए उनका नाम हटा दिया जाता है तब तक पंजीकरण का निलंबन। कोई भी व्यक्ति जो लैंगिक चयन या प्रसव पूर्व निदान प्रक्रियाओं की मांग कर रहा है और कानून तोड़ रहा है (उन गर्भवती महिलाओं को छोड़कर जो इस प्रक्रिया से गुजरने के लिए मजबूर है)। पहली बार अपराध करने पर -3 साल तक की जेल, साथ ही 50,000 रुपये तक का जुर्माना। बाद के अपराधों के लिए-5 साल तक की जेल के साथ ही 1,00,000 रुपये तक का जुर्माना।
लैंगिक निर्धारण या लैंगिक चयन सुविधाओं का विज्ञापन 3 साल तक की जेल, साथ ही 10,000 रुपये तक का जुर्माना।

 

कंप्यूटर से संबंधित डेटा की चोरी

कभी-कभी, कंप्यूटर पर संग्रहीत आपका व्यक्तिगत डेटा चोरी हो सकता है। यह भी एक प्रकार की चोरी है।

पहचान की चोरी वह कार्य है जब कोई व्यक्ति आपकी किसी विशिष्ट पहचान सुविधा का उपयोग करता है, जैसे कि आपका पासवर्ड, इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर, आदि। उदाहरण के लिए, यदि कोई आपका पासवर्ड चुराता है और इसका उपयोग आपके सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से एक तस्वीर पोस्ट करने के लिए करता है। यह 3 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये के जुर्माने के साथ दंडनीय है।

जब कोई व्यक्ति किसी प्रकार के संचार उपकरण का उपयोग करके किसी को धोखा देने के लिए नकली पहचान ग्रहण करता है, तो उसे प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) कहा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि राम दिखाता है कि श्याम ऑनलाइन है। यह 3 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये के जुर्माने के साथ दंडनीय है।

कंप्यूटर से संबंधित डेटा की चोरी के बारे में शिकायत

कंप्यूटर से संबंधित डेटा की चोरी के मामले में, कृपया इसमें शामिल प्रक्रियाओं को समझने के लिए यहां देखें।

रैगिंग की शिकायतों के खिलाफ अपील

कोई भी छात्र ऍण्‍टी-रैगिंग कमेटी द्वारा दी गयी किसी भी सजा के खिलाफ अपील कर सकता है। आपका अपील प्राधिकारी इस बात पर निर्भर करेगा कि सजा का निर्णय कौन करता है। अपील करने के लिए सही प्राधिकरण खोजने के लिए नीचे देखें-

  • यदि आप किसी विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज के निर्णय से दुखी हैं, तो आपको विश्वविद्यालय के कुलपति से अपील करनी चाहिए
  • यदि आप विश्वविद्यालय के निर्णय से व्यथित हैं, तो आपको विश्वविद्यालय के कुलाधिपति से अपील करनी चाहिए
  • यदि आप राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (संसद द्वारा स्थापित) के निर्णय से दुखी हैं, तो आपको उस संस्था के चांसलर / अध्यक्ष से अपील करनी चाहिए।

 

अधिक जानकारी के लिए इस सरकारी संसाधन को पढ़ें

ब्लैकमेल करना

अगर किसी ने आपके बच्चे पर यौन उत्पीड़न किया है या आपके बच्चे के साथ किए गए यौन कर्म को दर्ज कर लिया है, तो आपको इस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत करनी चाहिए। माता-पिता के रूप में, आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ब्लैकमेलिंग के कारण आपको, आपके बच्चे को और आपके परिवार को मानसिक आघात से न गुजरना पड़े, और ऐसे मामलों को आप पुलिस को, और अन्य अधिकारियों को रिपोर्ट कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि सीमा के ट्यूशन शिक्षक ने उसका यौन उत्पीड़न किया है, और उसने इसका एक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया है और फिर वह उसके माता-पिता से पैसे और कई अन्य तरह की सहायता के लिए ब्लैकमेल कर रहा है, तो ऐसी परिस्थितियों में, उसके माता-पिता को तत्काल पुलिस को, और अन्य अधिकारियों से शिकायत करनी चाहिए जो उस पर कार्रवाई करेंगे।

यदि कोइ व्यक्ति, किसी अन्य व्यक्ति को उसकी प्रतिष्ठा, संपत्ति या शारीरिक क्षति पहुँचाने की धमकी देता है, या किसी ऐसे व्यक्ति को क्षति पहुँचाने की धमकी देता जो उसका करीबी है तो उस व्यक्ति को, ऐसे धमकी देने की सजा, दो साल का जेल, और / या जुर्माना होगा।

अगर कोई आपको ब्लैकमेल कर रहा है तो कृपया पुलिस को 100 नंबर पर कॉल करें। आप बाल यौन उत्पीड़न की रिपोर्ट भी वहाँ कर सकते हैं।

घरेलू हिंसा कहां हो सकती है?

यह जरूरी नहीं है कि घरेलू हिंसा हमेशा आपके घर तक ही सीमित हो।1) घरेलू हिंसा कहीं भी हो सकती है, जैसे आपके रोजगार या शिक्षा का स्थान, आपके बच्चे का स्कूल, बाज़ार, आदि2)

आप इसकी परवाह किए बिना कि घरेलू हिंसा कहां हुई है, शिकायत दर्ज करा सकती हैं और एक वकील की मदद से, अपने उत्पीड़क के खिलाफ मामला दर्ज करवाने के लिए अदालत जा सकती हैं।