रैगिंग के लिए सज़ा

आखिरी अपडेट Sep 5, 2022

यदि कोई छात्र किसी अन्य छात्र की रैगिंग करते पकड़ा जाता है, तो उसे दंडित किया जा सकता है। सज़ा का यह रूप हो सकता है-

छात्र के खिलाफ संस्‍थागत कार्रवाई- उदाहरण के लिए, कॉलेज से निलंबन, छात्रावास से निलंबन, आदि।

छात्र के खिलाफ पुलिस में शिकायत- यदि छात्र के खिलाफ शिकायत या एफआईआर दर्ज की जाती है, तो भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 के तहत मामला बनाया जा सकता है, जिससे जेल अवधि या जुर्माना जैसे गंभीर आरोप लगेंगे।

संस्‍थागत दंड

यदि आप रैगिंग करते हुए पकड़े जाते हैं, तो ऍण्‍टी-रैगिंग कमेटी आपको इस प्रकार से दंडित कर सकती है-

  • कक्षाओं में उपस्थिति‍ से और शैक्षणिक विशेषाधिकारों से निलंबन।
  • छात्रवृत्ति / फेलोशिप और अन्य लाभों को वापस लेना।
  • आपको किसी भी परीक्षण / परीक्षा में शामिल होने से वंचित करना।
  • परिणाम रोकना।
  • आपको किसी भी क्षेत्रीय, राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय बैठक, टूर्नामेंट, युवा उत्सव, आदि में कॉलेज का प्रतिनिधित्व करने से वंचित करना।
  • छात्रावास से निलंबन / निष्कासन।
  • आपका कॉलेज-प्रवेश रद्द।
  • एक से चार सेमेस्टर तक की अवधि के लिए कॉलेज से निष्‍कासन।
  • कॉलेज से ऐसी निकासी कि उसके परिणामस्वरूप किसी अन्य कॉलेज में एक निश्चित अवधि के लिए प्रवेश से वंचित करना।

पुलिस से शिकायत

रैगिंग के अधिक गंभीर मामलों में, यदि प्राथमिकी या पुलिस शिकायत दर्ज की जाती है, तो छात्र को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 के तहत दंडित किया जा सकता है। IPC के तहत दंडनीय कुछ गतिविधियां-

शारीरिक शोषण

रैगिंग में एक छात्र को शारीरिक शोषण और उसके साथ हिंसक

व्‍यवहार करना शामिल हो सकता है। ऐसे मामले में, जो छात्र किसी अन्य छात्र की रैगिंग कर रहा था, उसे निम्नलिखित तरीके से दंडित किया जा सकता है –

  • यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी को चोट पहुँचाता है, या ऐसे तरीके से कार्य करता है जिससे किसी को चोट लगने की संभावना है, तो उसे 1 वर्ष तक की जेल सजा और / या एक हज़ार रुपये के जुर्माने तक की सजा हो सकती है। उदाहरण के लिए, किसी छात्र के साथ मारपीट को इस कानून के तहत अपराध माना जा सकता है। यदि यह खतरनाक हथियारों (उदाहरण के लिए, बंदूक) का प्रयोग किया जाता है, तो सजा, जुर्माने के साथ या बिना जुर्माने के 3 साल तक की जेल हो सकती है।
  • अगर कोई जानबूझकर किसी को कष्‍ट या चोट पहुंचाता है, या ऐसे तरीके से काम करता है जिससे किसी को चोट लगने की संभावना है, तो उसे 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।  मसलन, यदि किसी छात्र की पिटाई होती है और उसके हाथ-पांव टूटते हैं, तो उसे इस कानून के तहत अपराध माना जा सकता है। यदि यह खतरनाक हथियारों (उदाहरण के लिए, एक बंदूक) का प्रयोग करके किया जाता है, तो सजा या तो आजीवन कारावास, या 10 साल तक की जेल और जुर्माना है।
  • यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी व्यक्ति पर उसकी सहमति के बिना किसी भी प्रकार के बल का प्रयोग करता है, तो उस व्यक्ति पर अपराध करने / चोट, भय या चिढ़ पैदा करने का आरोप लग सकता है और उसे 3 महीने तक की जेल की सजा हो सकती है और / या 500 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई छात्र किसी अन्य छात्र को सड़क पर धकेलता है और उसे सड़क पर चलने वाले वाहनों की चपेट में लाने से डराता है।

यौन शोषण

रैगिंग के नाम पर अगर कोई किसी का यौन उत्पीड़न करता है, तो यह एक अपराध है। उदाहरण के लिए, यदि कोई किस महिला को लैंगिक रूप से और ज़बरदस्ती छूता है, या उसे परेशान करता है, या चुपके चुपके उसका पीछा करता है, तो यह एक अपराध है। यहाँ और पढ़ें

आने-जाने पर रोक लगाना,अड़ंगा डालना

रैगिंग में एक छात्र के आने-जानेे को प्रतिबंधित करना या उसे बंद कर देना शामिल हो सकता है। ऐसे मामले में, जो छात्र किसी अन्य छात्र की रैगिंग कर रहा था, उस पर निम्नलिखित अपराधों का आरोप लगाया जा सकता है-

  • यदि कोई अपनी मनमर्जी़ से किसी व्यक्ति को बाधित करता है ताकि वह एक निश्चित दिशा में जाने में सक्षम नहीं हो तो, इसे एक अपराध माना जाता है।  उदाहरण के लिए, किसी छात्र को कॉलेज की कैंटीन में न आने देना। इसके लिए सजा 1 महीने तक की जेल और / या 500रुपये  का जुर्माना है।
  • यदि कोई जबरन किसी व्यक्ति को रोक देता है ताकि वह एक निश्चित सीमा से आगे नहीं बढ़ पाए (यानी उसे बंद कर दे), यह एक अपराध है। मसलन, यदि कोई छात्र किसी अन्य छात्र को पेड़ से बांध दे, तो इसे इस कानून के तहत एक अपराध माना जा सकता है। इसकी सज़ा, 1 साल तक की जेल और / या 1000 रुपये तक जुर्माना, हो सकती है।

ब्‍लैकमेल

रैगिंग में किसी छात्र को ब्लैकमेल करना और डराना-धमकाना भी शामिल हो सकता है। ऐसे मामले में, जो छात्र किसी अन्य छात्र की रैगिंग कर रहा था, उस पर निम्नलिखित अपराधों का आरोप लगाया जा सकता है-

  • अगर कोई जानबूझकर किसी अन्य व्यक्ति को चोट लगाने से डराता है, ताकि वह व्यक्ति उसे, या किसी दूसरे को, कुछ मूल्यवान चीज़ दे दे, तो यह एक अपराध है। मसलन, राम श्याम को धमकी देता है कि श्याम अगर उसे पैसे नहीं देगा, तो राम उसके बारे में अपमानजनक सामग्री प्रकाशित करेगा, और इसलिए श्याम उसे पैसे देता है। यहाँ, राम को इस अपराध के तहत दंडित किया जाएगा। इसके लिए सजा 3 साल तक की जेल और / या जुर्माना है।
  • यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को धमकी देता है कि वह उसे या किसी अन्य व्यक्ति (जैसे, परिवार के सदस्य या दोस्त) को, उसकी प्रतिष्ठा या संपत्ति को नुकसान पहुंचाएगा, और इस तरह उस व्यक्ति को डराता है या उसे ऐसा करने के लिए बाध्‍य करता है जो करना उसके लिए बिल्‍कुल भी ज़रूरी नहीं है या फिर उसे ऐसा कुछ करने से रोकता है जिसे करने के लिए वह जवाबदेह है, तो यह एक अपराध है। उदाहरण के लिए, यदि राम ने श्याम को धमकी दी कि जब तक श्याम उसे पैसे नहीं देगा, राम उसके घर को जला देगा, और इस कारण श्याम ने उसे पैसे दिये, तो राम ने यह अपराध किया। इसके लिए सज़ा कम से कम 2 साल तक की जेल और / या जुर्माना है। अन्य मामलों में अधिक गंभीर सज़ा हो सकती है।

कृपया ध्यान दें कि इनमें से किसी भी कार्य को करने के प्रयास या धमकी को भी रैगिंग माना जाता है। अगर आपको या आपके किसी परिचित की रैगिंग हो रही है, तो आप शिकायत कर सकते हैं। इसके बारे में यहाँ और जानें

अधिक जानकारी के लिए इस सरकारी संसाधन को पढ़ें

Comments

    PRADIP KUMAR GOSWAMI

    February 19, 2026

    Dar. Ramesh chndra college me mere beete ke sath raging hua principal se complen karne par koai karwai nhi kiya is liye me apne larke ko is college se likal rha hu.

    Sikha

    April 19, 2026

    अगर आपके बेटे के साथ Ragging in educational institutions हुआ है और कॉलेज ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो आप यह प्रक्रिया अपना सकते हैं:
    1. प्रिंसिपल को लिखित शिकायत दें
    • सबसे पहले कॉलेज के प्रिंसिपल को लिखित शिकायत दें।
    • शिकायत की एक रसीद या कॉपी अपने पास रखें।
    2. कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी में शिकायत
    • हर कॉलेज में एंटी-रैगिंग कमेटी होती है।
    • वहाँ औपचारिक शिकायत दर्ज करें और कार्रवाई की मांग करें।
    3. UGC एंटी-रैगिंग पोर्टल पर शिकायत
    • आप University Grants Commission के एंटी-रैगिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं।
    • हेल्पलाइन: 1800-180-5522
    • यहाँ शिकायत करने पर कॉलेज पर कार्रवाई हो सकती है।
    4. पुलिस में शिकायत (FIR)
    • रैगिंग एक अपराध है, इसलिए नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर सकते हैं।
    • इसके तहत संबंधित छात्रों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
    5. कॉलेज से नाम वापस लेना (Withdrawal)
    • प्रिंसिपल को आवेदन देकर अपने बेटे का नाम वापस (TC/Withdrawal) लेने की प्रक्रिया शुरू करें।
    कॉलेज से Transfer Certificate (TC) और अन्य दस्तावेज ले लें।उच्च शिक्षा विभाग/विश्वविद्यालय में शिकायत
    • जिस विश्वविद्यालय से कॉलेज संबद्ध है, वहाँ भी शिकायत भेज सकते हैं।

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