यदि आप अधिनियम या बाल श्रम कानून के नियमों का पालन करने में विफल रहे हैं तो कानून आपराधिक मुकदमा चलाने के विकल्प प्रदान करता है। कानूनी भाषा में इसे “कंपाउंड ऑफेन्स या अपराध” कहते हैं। कंपाउंडिंग का मतलब है निपटारा करना। यदि आप निम्नलिखित दो श्रेणियों में से एक में आते हैं, तो आप अपने अपराध को कम कर सकते हैं:
- पहला वह जो पहली बार अपराध करता है।
- दूसरे वे माता पिता या अभिभावक, जो बाल श्रम प्रावधानों और कानून का पालन नहीं करते हैं।
अपराध को कम करने के लिए, इन चरणों का पालन करें:
- आप सबसे पहले इसके लिए आवेदन करें और आवेदन के लिए पैसे का भुगतान करने के बाद ही जिला मजिस्ट्रेट से संपर्क करें।
- केंद्र सरकार को आवेदन के साथ की गई भुगतान की राशि: अधिकतम जुर्माने की 50% होनी चाहिए
- यदि आप दिए गए समय के भीतर राशि का भुगतान नहीं करते हैं, तो आपको इस अपराध के लिए अधिकतम 25% अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा। जब आप राशि का भुगतान कर देंगे तो जिला मजिस्ट्रेट आपको “कंपाउंडिंग का सर्टिफिकेट” जारी करेगा।
यदि आप राशि का भुगतान करने में विफल रहते हैं, तो मामले की आगे की कार्यवाही बाल श्रम कानूनों के अनुसार जारी रखी जाएगी, यानी आप पर मुकदमा चलाया जाएगा और दंडित किया जाएगा, लेकिन यदि आप राशि का भुगतान करते हैं, तो आपको अदालत में पेश नहीं किया जा सकता है, क्योंकि आप पहले ही भुगतान कर चुके हैं और मामले का निपटारा कर चुके हैं।




Kamal Singh Bisht
July 15, 2026
Mai dheradun uttrakhand se hu mere bagal Mai ek baccha kam karta jiska nam bholu h din ka diyari 100 rupees es mahangai mai 12 ghate duty ese malik ko tho jail honi chahiye child help line pe kahi bar call kardi par khali bolte h kal ayege etni Tarik ko ayenge
Sikha
September 26, 2026
यह मामला बाल श्रम का गंभीर मामला है। अगर भोलू नाबालिग है और उससे रोज़ 12 घंटे काम कराया जा रहा है, तो केवल ₹100 मजदूरी देना ही मुद्दा नहीं है—उसकी उम्र, काम का प्रकार और परिस्थितियाँ देखकर कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।
आपने Child Helpline 1098 पर कई बार शिकायत की है लेकिन केवल तारीख दी जा रही है, तो अब सिर्फ फोन पर शिकायत करते रहने के बजाय लिखित शिकायत और escalation कीजिए।
अभी ये कदम उठाइए
1. अगर बच्चा अभी भी काम कर रहा है और तत्काल खतरे में है → 112 पर कॉल करें।
उत्तराखंड सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर Child Helpline 1098 और Emergency Police 112 उपलब्ध हैं।
2. उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को सीधे शिकायत करें।
आयोग ने अपनी आधिकारिक हेल्पलाइन में 0135-2972450 / 9258127046 दिए हैं। उन्हें बताइए कि 1098 पर कई बार शिकायत के बावजूद मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
3. श्रम विभाग में भी शिकायत करें।
उत्तराखंड Labour Department बाल श्रम सहित श्रमिकों की परिस्थितियों से जुड़े कानूनों के प्रवर्तन में संबंधित विभाग है।
4. शिकायत में यह जानकारी जरूर दें:
* बच्चा: भोलू
* अनुमानित उम्र/उम्र, अगर पता हो
* वह कहाँ काम करता है और क्या काम करता है
* मालिक का नाम/दुकान या प्रतिष्ठान का नाम
* रोज़ कितने घंटे काम करता है
* ₹100 प्रतिदिन दिया जाता है
* कब से काम कर रहा है
* 1098 पर की गई शिकायतों की तारीख/complaint number
* यह भी लिखें कि अब तक मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
बच्चे की फोटो/वीडियो केवल तभी लें जब ऐसा करना सुरक्षित हो।बच्चे को खतरे में डालकर सबूत इकट्ठा न करें।