अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों के खिलाफ किए गए निम्न में से किसी भी अपराध को कानून ने अत्याचार माना हैछ
• किसी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को शारीरिक या मानसिक रूप से चोट पहुँचाना या उनका बहिष्कार करना।
• किसी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को कोई भी घिनौना पदार्थ जो मनुष्य के खाने के योग्य नहीं है, जैसे गाय का गोबर, मानव मल आदि के साथ जबरदस्ती कुछ खिलाना।
• किसी भी घिनौने पदार्थ (जैसे मृत जानवरों के शरीर, या मल) को किसी ऐसे स्थान के अंदर या गेट पर फेंकना जहां अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोग रहते हैं, या किसी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति के पड़ोस में फेंकना, लेकिन केवल तभी जब ऐसा उनका अपमान या उन्हें तंग करने के लिए किया जाए।
• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को चप्पलों की माला पहनाना, या उन्हें नग्न या अर्ध-नग्न करके घुमाना।
• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को ऐसा कुछ भी करने के लिए मजबूर करना जो किसी व्यक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाता हो, जैसे कि उन्हें कपड़े उतारने, अपना सिर या मूंछम मुंडवाने या अपना चेहरा रंगने के लिए मजबूर करना।
• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति से बंधुआ मजदूरी करवाना । लेकिन यदि सरकार इस प्रकार की सार्वजनिक सेवा को अनिवार्य कर दे-तो यह अपराध नहीं होगा।
• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को किसी मानव या पशु के शव को ले जाने या उसेउसको निपटाने के लिए मजबूर करना।
• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को हाथ से मैला ढोने या मानवीय मल की सफाई करने के लिए मजबूर करना, या किसी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सदस्य को हाथ से मैला ढोने या मानवीय मल की सफाई करने के लिए नियुक्त करना।
• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को जानबूझकर अपमान करना और जलील करना, यदि यह सार्वजनिक स्थान पर किया जाता है।
• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की किसी व्यक्ति को उसके जाति के नाम का प्रयोग करते हुए गाली देना अपशब्द कहना यदि यह सार्वजनिक स्थान पर किया जाता है।
• किसी भी वस्तु को नुकसान पहुंचाना, जैसे डॉ. अम्बेडकर की मूर्ति या तस्वीर, जो अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।
• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों के प्रति घृणा को बढ़ावा देने वाली कोई भी बात कहना या प्रकाशित करना।
• ऐसा कुछ भी कहना या लिखना जो किसी स्वर्गवासी व्यक्ति का अपमान करता हो, जो अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए महत्वपूर्ण हो, जैसे कि उनके नेता के बारे में।
• आमतौर पर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले किसी भी जल स्रोत को खराब दूषित करना।
• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को ऐसे सार्वजनिक स्थान पर जाने से रोकना जहां उसे जाने का अधिकार है।
• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को निम्न कार्य करने से रोकना:
- किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र या संसाधन जैसे जल निकायों, नलों, कुओं, श्मशान घाटों आदि का उपयोग करने से रोकना।
- घोड़े या वाहन की सवारी करना या जुलूस निकालने से रोकना।
- किसी धार्मिक स्थान में प्रवेश करने या किसी धार्मिक समारोह में भाग लेने से, जो जनता के लिए खुला हो जो सार्वजनिक हो ।
- स्कूल, अस्पताल या सिनेमा हॉल जैसे सार्वजनिक स्थान में प्रवेश करने से रोकना।
- कोई व्यवसाय या नौकरी करने से रोकना।
• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति पर जादू टोना करने का आरोप लगाना और उन्हें शारीरिक या मानसिक रूप से चोट पहुँचाना।
• धमकी देना, या वास्तव में उन्हें सामाजिक या आर्थिक रूप से बहिष्कृत करना। इन सब के लिए जुर्माने के साथ-साथ 6 महीने से 5 साल तक की कैद हो सकती है।


Mayaram
July 10, 2024
Mayaram. Pita nem dukhi.sc. garam babhanpurwa allipur tahasil utraula Jilla balrampur sc.pati .jamin ko kabja karke ghar bana liya hi.. bhokhanYadav .. aur makhnu nisad aur tirath.nisadh..chithru.nisadh. aur bhodu nisadh .. garam pardhan aur thana police aur Nepal sab enke sath hi.
Amitkumar
March 4, 2026
सर मेर पापा तीसरी बीबी के पास रहत है और पहली पत्नी गाव का खेता मे धान बोते है और अब वह जमीन बेच कर तीसरी बीवी के पास लेक जाना चाहता है सर जामीन ना बिके कैसे भी कर के रोक ले
Sikha
April 19, 2026
Kripya apni religious humse saanjha karein.
Arun yadav
March 19, 2026
Sir meri maa St hai or father obc hai maa ki jameen mere nam ho jayega kya
Sikha
July 18, 2026
हाँ, आपकी माँ की जमीन आपके नाम हो सकती है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि जमीन किस प्रकार की है और राज्य के आदिवासी भूमि (tribal land) संबंधी नियम क्या कहते हैं।
अगर आपकी माँ Scheduled Tribes वर्ग से हैं और जमीन उनके नाम पर है, तो सामान्यतः बेटे/बेटी को उत्तराधिकार में जमीन मिल सकती है। लेकिन कई राज्यों में ST जमीन को गैर-ST व्यक्ति को ट्रांसफर करने पर रोक होती है। इसलिए यहाँ एक महत्वपूर्ण बात आती है:
* अगर आप कानूनी रूप से ST माने जाते हैं, तो जमीन ट्रांसफर में सामान्यतः समस्या कम होती है।
* अगर आपके दस्तावेजों में आपकी जाति OBC है, तो कुछ राज्यों में ST जमीन सीधे आपके नाम mutation करने में दिक्कत आ सकती है।
भारत में बच्चे की जाति हमेशा सिर्फ माँ से तय नहीं होती; कई मामलों में पिता की जाति, पालन-पोषण, समुदाय में स्वीकार्यता आदि भी देखे जाते हैं। इसलिए आपका caste certificate बहुत महत्वपूर्ण होगा।
फिर भी:
* माँ की स्वयं अर्जित (self-acquired) जमीन हो तो वह वसीयत (Will) या gift deed के जरिए आपके नाम कर सकती हैं।
* पैतृक/tribal protected land पर राज्य के विशेष कानून लागू हो सकते हैं।
आपको ये काम करना चाहिए:
1. अपनी माँ की जमीन के कागज देखें।
2. अपना caste certificate चेक करें।
3. स्थानीय अंचल/तहसील कार्यालय में पूछें कि उस जमीन पर tribal transfer restriction लागू है या नहीं।
4. यदि संभव हो तो माँ से registered Will या gift deed बनवा लें।