अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों के खिलाफ क्रूर और अपमानजनक अत्याचार

आखिरी अपडेट Nov 1, 2022

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों के खिलाफ किए गए निम्न में से किसी भी अपराध को कानून ने अत्याचार माना हैछ

• किसी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को शारीरिक या मानसिक रूप से चोट पहुँचाना या उनका बहिष्कार करना।

• किसी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को कोई भी घिनौना पदार्थ जो मनुष्य के खाने के योग्य नहीं है, जैसे गाय का गोबर, मानव मल आदि के साथ जबरदस्ती कुछ खिलाना।

• किसी भी घिनौने पदार्थ (जैसे मृत जानवरों के शरीर, या मल) को किसी ऐसे स्थान के अंदर या गेट पर फेंकना जहां अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोग रहते हैं, या किसी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति के पड़ोस में फेंकना, लेकिन केवल तभी जब ऐसा उनका अपमान या उन्हें तंग करने के लिए किया जाए।

• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को चप्पलों की माला पहनाना, या उन्हें नग्न या अर्ध-नग्न करके घुमाना।

• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को ऐसा कुछ भी करने के लिए मजबूर करना जो किसी व्यक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाता हो, जैसे कि उन्हें कपड़े उतारने, अपना सिर या मूंछम मुंडवाने या अपना चेहरा रंगने के लिए मजबूर करना।

• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति से बंधुआ मजदूरी करवाना । लेकिन यदि सरकार इस प्रकार की सार्वजनिक सेवा को अनिवार्य कर दे-तो यह अपराध नहीं होगा।

• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को किसी मानव या पशु के शव को ले जाने या उसेउसको निपटाने के लिए मजबूर करना।

• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को हाथ से मैला ढोने या मानवीय मल की सफाई करने के लिए मजबूर करना, या किसी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सदस्य को हाथ से मैला ढोने या मानवीय मल की सफाई करने के लिए नियुक्त करना।

• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को जानबूझकर अपमान करना और जलील करना, यदि यह सार्वजनिक स्थान पर किया जाता है।

• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की किसी व्यक्ति को उसके जाति के नाम का प्रयोग करते हुए गाली देना अपशब्द कहना यदि यह सार्वजनिक स्थान पर किया जाता है।

• किसी भी वस्तु को नुकसान पहुंचाना, जैसे डॉ. अम्बेडकर की मूर्ति या तस्वीर, जो अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।

• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों के प्रति घृणा को बढ़ावा देने वाली कोई भी बात कहना या प्रकाशित करना।

• ऐसा कुछ भी कहना या लिखना जो किसी स्वर्गवासी व्यक्ति का अपमान करता हो, जो अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए महत्वपूर्ण हो, जैसे कि उनके नेता के बारे में।

• आमतौर पर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले किसी भी जल स्रोत को खराब दूषित करना।

• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को ऐसे सार्वजनिक स्थान पर जाने से रोकना जहां उसे जाने का अधिकार है।

• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को निम्न कार्य करने से रोकना:

  • किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र या संसाधन जैसे जल निकायों, नलों, कुओं, श्मशान घाटों आदि का उपयोग करने से रोकना।
  • घोड़े या वाहन की सवारी करना या जुलूस निकालने से रोकना।
  • किसी धार्मिक स्थान में प्रवेश करने या किसी धार्मिक समारोह में भाग लेने से, जो जनता के लिए खुला हो जो सार्वजनिक हो ।
  • स्कूल, अस्पताल या सिनेमा हॉल जैसे सार्वजनिक स्थान में प्रवेश करने से रोकना।
  • कोई व्यवसाय या नौकरी करने से रोकना।

• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति पर जादू टोना करने का आरोप लगाना और उन्हें शारीरिक या मानसिक रूप से चोट पहुँचाना।

• धमकी देना, या वास्तव में उन्हें सामाजिक या आर्थिक रूप से बहिष्कृत करना। इन सब के लिए जुर्माने के साथ-साथ 6 महीने से 5 साल तक की कैद हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

क्या आपके पास कोई कानूनी सवाल है जो आप हमारे वकीलों और वालंटियर छात्रों से पूछना चाहते हैं?

Related Resources

उपभोक्ता शिकायत मंच

उपभोक्ता संरक्षण कानून संबद्ध प्राधिकरणों को निर्दिष्‍ट करता है कि कोई उपभोक्ता-अधिकारों का उल्‍लंघन होने पर उनसे संपर्क कर सकता है।

शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया

इस सबके बावजूद, शिकायत का समाधान न होने पर, आप उपभोक्ता मंचों से संपर्क हेतु किसी वकील की मदद ले सकते हैं।

उपभोक्ता शिकायतों के प्रकार

उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत प्रत्येक व्यक्ति को निम्नलिखित प्रकार की उपभोक्ता शिकायतें दर्ज करने का अधिकार है |

ऑनलाइन बैंक धोखाधड़ी को रोकने के लिए बैंकों की जिम्मेदारी

बैंकों को अपने ग्राहकों को इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन के लिए अनिवार्य रूप से एसएमएस अलर्ट के लिए पंजीकरण करने के लिए कहना चाहिए।

राज्यों द्वारा उठाए जाने वाले एहतियाती और निवारक उपाय

अनुसूचित जातियों के सदस्यों के खिलाफ अत्याचारों को रोकने के लिए कानून को राज्य सरकारों द्वारा विशेष उपाय करने की आवश्यकता है
citizen rights icon

ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म के खिलाफ उपभोक्ता शिकायतें

खुदरा विक्रेताओं के माध्यम से खरीदे गए डिजिटल और अन्य उत्पादों से जुड़े अनुचित व्यापार व्‍यवहारों के खिलाफ भी शिकायत कर सकते हैं।