दहेज कुछ भी हो सकता है, जिसका मूल्य नकद और संपत्ति में हो। यह दुल्हन के परिवार द्वारा दूल्हे के परिवार को शादी करने की शर्त के तौर पर दिया जाता है।1 कानून शादी के दौरान मंगेतर के परिवार के साथ उपहारों के लेन-देन को नहीं रोकता है। बल्कि कानून का मकसद उपहारों के लेन-देन के नाम पर होने वाली जबरदस्ती को रोकना है। दुल्हन की तरफ से उपहार देना उसके परिवार की प्रथा के अनुसार और उनकी वित्तीय क्षमता के हिसाब से होना चाहिए। उदाहरण के लिए, कुछ समाजों में शादी में दुल्हन और दूल्हे, दोनों तरफ की महिला रिश्तेदारों को साड़ी और आभूषण दिए जाते हैं। यह उपहार का लेन-देन प्रथा के अनुसार होता है, इसलिए इसे दहेज नहीं माना जाएगा। कुछ उपहार देने के दूसरे रीति-रिवाज भी हो सकते हैं।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि दूल्हे का परिवार रिवाज के नाम पर दुल्हन के परिवार को उपहार देने के लिए मजबूर नहीं कर सकता, क्योंकि यह दहेज की मांग होगी।
आमतौर पर, दिए गए उपहार ऐसी कीमत के होने चाहिए, जो देने वाले व्यक्ति पर असाधारण वित्तीय बोझ न डालें।
उदाहरण के लिए, अगर दुल्हन के पिता को दूल्हे के परिवार के लिए उपहार खरीदने के लिए एक बड़ी कीमत का कर्ज लेना पड़ता है, तो इसे हम उनकी वित्तीय क्षमता के अनुसार दिया गया उपहार नहीं कह सकते हैं। यह उन पर ज्यादा आर्थिक बोझ हो सकता है और इसे दहेज का मामला कह सकते हैं।
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दहेज की मांग करना
शादी की शर्त के तौर पर वर या वधू के किसी भी रिश्तेदार से दहेज की मांग करना गैरकानूनी है।
अगर कोई दहेज मांगता है, तो उसे 6 महीने से 2 साल के बीच की जेल और जुर्माना या इनमें से एक हो सकता है। यहां जुर्माने की रकम 10,000 रुपये तक हो सकती है।
लेन-देन /दहेज देना या लेना
कोई भी व्यक्ति जो:
दहेज देता है या
दहेज लेता है, और
कोई भी जो दहेज के लेन-देन में मदद करता है।
उसको कानून के तहत सजा दी जाएगी।
उदाहरण के लिए,
राज (दूल्हा) और सिमरन (दुल्हन) की शादी हो रही है। सिमरन के पिता अमरीश राज के पिता अनुपम को दहेज में 10 लाख रुपये और एक कार देते हैं।
कहानी 1: दहेज लेने में बिचौलिया/ब्रोकर शामिल हो: अगर यश (जो एक बिचाौलिया/ब्रोकर है) के द्वारा दहेज के लेने-देन की बात हो रही है और अमरीश शिकायत दर्ज करते हैं, तो इस कानून के तहत अनुपम और यश दोनों को सजा मिलेगी।
कहानी 2: जब दूल्हा दहेज लेने में शामिल हो: अगर राज दहेज मांगने की बातचीत में शामिल है, तो शिकायत दर्ज होने पर उस पर भी मुकदमा चलाया जाएगा।
कहानी 3: जब दहेज की शिकायत किसी और द्वारा की जाती है: अगर शिकायत किसी और द्वारा की जाती है, या अधिकारियों को पता चलता है कि दहेज दिया या लिया जा रहा है। इस स्थिति में, तीनों पक्ष यानी अनुपम, यश और अमरीश को सजा दी जाएगी। अगर दहेज की चर्चा में राज भी शामिल था, तो उसे भी सजा हो सकती है।
सजा में कम से कम पांच साल तक की जेल हो सकती है। अगर दहेज के पैसे 15,000 से कम है, तो जुर्माना 15,000 रुपये का होगा। वहीं अगर जुर्माना 15,000 रुपये से ज्यादा है, तो जुर्माना दहेज के पैसों के बराबर होगा।
उदाहरण के लिए, अगर दहेज के पैसे 30,00,000 है, तो जुर्माना 30,00,000 रुपये ही होगा।
दहेज की मांग की शिकायत
आप इस कानून के तहत शिकायत कब दर्ज कर सकते हैं, इसकी कोई समय सीमा नहीं है। आप शादी के बाद कभी भी दहेज की शिकायत दर्ज करा सकती हैं। हालांकि, आप तलाक के बाद दहेज की शिकायत दर्ज नहीं करा सकती हैं।
दहेज लेने, देने, मांगने और इसका विज्ञापन देना अवैध है। अगर आपको अपनी शादी के समय दहेज देना पड़ा है या आपके परिवार के किसी व्यक्ति ने आपकी ओर से दहेज दिया है या आप व्यक्तिगत रूप से किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं, जिसे शादी के लिए दहेज देना पड़ा है। निम्न विकल्पों में से किसी भी विकल्प से आप शिकायत दर्ज कर सकते हैं-
स्थानीय थाने में एफआईआरदर्ज करें।
अपने जिले के दहेज निषेध अधिकारी से शिकायत करें।
दहेज के मामले के लिए उपयुक्त न्यायिक प्राधिकरण (मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट या न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) को लिखें।
सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी सामाजिक कल्याण संस्थान या मान्यता प्राप्त कल्याण संगठन से संपर्क करें और उनके माध्यम से अपनी शिकायत पर कार्रवाई करें।
अगर आपको दहेज देने के लिए मजबूर किया गया है तब भी आप अपराधियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
अगर आपको दहेज देने के लिए मजबूर किया गया है और आपने पुलिस में शिकायत की तो दहेज के अपराध का आरोप आपके खिलाफ नहीं लगाया जाएगा।
क्या मेहर दहेज नहीं है?
मुस्लिम विवाह के दौरान दिया जाने वाला मेहर दहेज नहीं है, क्योंकि मेहर का लेन-देन धार्मिक और चली आ रही प्रथा के तौर पर होता है और यह बिल्कुल कानूनी भी है।
दहेज देने के लिए समझौता
दहेज के लेन-देन के लिए कोई भी समझौता मान्य नहीं है। अगर आपके होने वाले या मौजूदा ससुर आपको दहेज देने पर कोई समझौता करने के बाद दहेज नहीं देते हैं, तो आप उनके खिलाफ अदालत नहीं जा सकते हैं। समझौते को ऐसा माना जाएगा जैसे कि वह कभी हुआ ही नहीं था। समझौते का कोई कानूनी प्रभाव नहीं है।
दहेज पर महिला का अधिकार है?
अगर शादी में या उसके बाद दहेज पति या ससुराल वालों या किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा लिया गया है। इस स्थिति में, उन्हें आपको (दुल्हन) दहेज सौंपना होगा, क्योंकि यह आपकी संपत्ति है। आपके पति और उनके परिवार को दहेज के रूप में दी गई किसी भी संपत्ति पर आपका (दुल्हन) अधिकार है। दहेज लेने वाले व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह इसे दुल्हन को ही सौंप दे।
अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो 6 महीने से दो साल के बीच की जेल और/या 5,000 और 10,000 रुपये के बीच जुर्माना लगाया जा सकता है।
संपत्ति आपके पति या ससुराल वालों को कब मिली, इसके आधार पर इसमें अलग-अलग दिशा-निर्देश हैं।
उदाहरण के लिए, राज और सिमरन की शादी 20 अगस्त को है। सिमरन के पिता ने शादी में राज के चाचा अमन को दहेज के रूप में नया घर दिया है। ऐसे में अमन को घर सिमरन को देना होगा। ऐसा नहीं करने पर उसे कानून के तहत सजा दी जाएगी। अगर शादी के 7 साल के भीतर आपकी मृत्यु हो जाती है, तो संपत्ति आपके बच्चों को सौंप दी जाएगी। जब तक वे 18 साल के नहीं हो जाते, तब तक यह उनके लिए ट्रस्ट में रखी जाएगी। अगर आपकी कोई संतान नहीं है, तो संपत्ति आपके माता-पिता को दे दी जाएगी।
अगर संपत्ति शादी से पहले मिली थी, तो अमन को शादी के 3 महीने के भीतर (20 नवंबर से पहले) सिमरन को देनी होगी।
अगर संपत्ति शादी के दिन या उसके बाद मिली थी, तो अमन को इसे लेने की तारीख से 3 महीने के भीतर (20 नवंबर के बाद) सिमरन को देनी होगी।
अगर सिमरन अपनी शादी के समय 18 साल से कम की थी। इस स्थिति में, अमन को 18 साल की होने के 3 महीने के भीतर कार सिमरन को देनी होगी। अमन इसे तब तक अपने पास रख सकता है, जब तक सिमरन 18 साल की नहीं हो जाती है।
अगर आप (दुल्हन) दहेज / संपत्ति पर कब्जा करने से पहले मर जाती हैं, तो आपके उत्तराधिकारी आपके पति या ससुराल वालों से संपत्ति पर दावा कर सकते हैं।
दहेज के लिए विज्ञापन पर रोक
अपने बेटे, बेटी या रिश्तेदार से शादी करने के बदले दहेज का किसी भी अखबार, पत्रिका या किसी दूसरे मीडिया में विज्ञापन देना, किसी भी पैसे की पेशकश करना, व्यापार या संपत्ति में हिस्सा देना अवैध है।
जो कोई भी इस तरह के विज्ञापन को छापता, प्रकाशित या प्रसारित करता है, उसे अपराधी माना जाएगा। ऐसे व्यक्ति को कानून के तहत सजा मिलेगी।
विज्ञापन देने वाले व्यक्ति और विज्ञापन को छापने या प्रकाशित करने वाले दोनों के लिए सजा 6 महीने से 5 साल के बीच की जेल या 15,000 रुपये तक का जुर्माना है।
विवाह के दौरान उपहारों की सूची बनाना
शादी में दूल्हा या दुल्हन द्वारा उनकी इच्छा से दिया गया उपहार या गिफ्ट देना दंडनीय नहीं है।
दुल्हन: जब उपहार दुल्हन की ओर से या दुल्हन से संबंधित किसी व्यक्ति द्वारा दिए जाते हैं, तो ऐसे उपहार एक रीति-रिवाज के अनुसार होने चाहिए। उपहारों की कीमत बहुत ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर कीमत ज्यादा है और उसे लेने के लिए ज़बरदस्ती की गई है, तो यह दहेज होगा। उपहार की कीमत का मूल्यांकन उपहार देने वाले उस व्यक्ति की वित्तीय स्थिति के आधार पर तय की जाएगी।
दूल्हा: दूल्हा किसी भी तरह का उपहार दे सकता है, जो रीति-रिवाज द्वारा प्रतिबंधित नहीं हो।
दूल्हा और दुल्हन दोनों के लिए जरूरी है कि वे किसी भी व्यक्ति से शादी के समय मिले उपहारों की अलग-अलग लिस्ट बनाएं। इस लिस्ट में निम्नलिखित जानकारी होनी चाहिए:
उपहार क्या है
उपहार की अनुमान लगाई गई कीमत
उपहार देने वाले व्यक्ति का नाम
दूल्हा या दुल्हन को उपहार देने वाले व्यक्ति से रिश्ता। इस लिस्ट में वे सभी रिश्तेदार शामिल हो सकते हैं, जो दूल्हा या दुल्हन को उपहार देते हैं यह लिस्ट नहीं बनाने के लिए कोई सजा नहीं है। हालांकि, कानून इस पर जोर देता है कि लिस्ट बनाई जानी चाहिए। क्योंकि अगर आपने शादी के समय मिले उपहारों की सूची बना ली है, तो यह माना जाएगा कि आपने दहेज नहीं लिया है।
लैंगिक चयन क्या होता है?
लैंगिक चयन में कोई भी प्रक्रिया, तकनीक, परीक्षण या प्रशासन या नुस्खे या किसी भी चीज का इस्तेमाल जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भ्रूण का लिंग क्या होगा।
भारत में लैंगिक चयन अवैध है और किसी भी प्रसव से पूर्व निदान प्रक्रिया की अनुमति केवल सीमित परिस्थितियों में ही दी जाती है। और यहां भी डॉक्टर को महिला की लिखित सहमति की आवश्यकता होती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र द्वारा गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीकों पर अधिक जानकारी के लिए इस सरकारी पुस्तिका को पढ़ें।