विल की विषय-वस्तु

आखिरी अपडेट Jul 12, 2022

आप अपनी ऐसी सभी संपत्ति काेेे किसी को भी दे सकते हैं, जिस पर आपका पूर्ण स्वामित्व हो। आप ऐसी संपत्ति को किसी को नहीं दे सकते हैं, जिस पर आपका स्वामित्व न हो। कुछ मामलों में आपके पास ऐसी संपत्ति हो सकती है, जिस पर आपका आजीवन हित हो अथार्त किसी व्यक्ति ने अपनी विल के जरिये आपको वह संपत्ति आपके जीवन-काल में उपयोग के लिए दी हो, लेकिन उस पर आपका स्वामित्व न हो।

आप अपनी विल में ऐसी किसी भी चल या अचल सम्पति को शामिल कर सकते हैं, जिसे आपने स्वयं अर्जित किया हो। यदि आप हिंदू संयुक्त परिवार के सदस्य हों, तो अपनी पैतृक संपत्ति में से अपने हिस्से को ही आप अपनी विल में शामिल कर सकते हैं।

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वसीयत बदलना

आप अपनी इच्छानुसार जितनी बार चाहें अपनी वसीयत को बदल सकते हैं। वसीयत के पंजीकृत होने के बाद भी, आप के द्वारा इसमें परिवर्तन करना संभव है।

विल का पंजीकरण

विल का पंजीकृत करना अनिवार्य नहीं है।

प्रोबेट की प्रक्रिया

कुछ मामलों में आपको, एक वसीयत के लाभार्थी के रूप में अपना अधिकार स्थापित करने के लिए, उस वसीयत के ‘प्रोबेट’ को प्राप्त करना आवश्यक है।

वसीयत के लिये एक निष्पादक (Executor) की नियुक्ति

जिस व्यक्ति को आप अपनी मृत्यु के बाद, वसीयत में दिए गए अनुदेशों को निष्पादित करने अथार्त लागू करने का दायित्व सौंपते हैं, उसे आपकी विल का निष्पादक कहा जाता है।

मृत्यु के बाद भी भरण-पोषण का उत्तरदायित्व

माता-पिता के भरण-पोषण का कर्तव्य किसी व्यक्ति के लिये, स्वयम् के मृत्यु के बाद भी रहती है।