वायु प्रदूषण कानूनों के तहत होने वाले अपराध और उनकी सजा
| अपराध | कानून | सजा |
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वायु गुणवत्ता सीमा से ज्यादा वायु प्रदूषण करना |
कानून, उद्योगों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तय सीमा से ज्यादा वायु प्रदूषक को छोड़ने पर प्रतिबंध लगाता है। अगर वे ऐसा करते हैं, तो उद्योग के मालिक को जल्द ही राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सूचित और इसके लिए भुगतान करना होगा। एजेंसियां हानिकारक उत्सर्जन के प्रभाव को कम करने के लिए कोई भी सुधारात्मक उपाय प्रदूषक भुगतान सिद्धांत के हिसाब से करती हैं। |
उस राज्य का राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अपराधी को वायु प्रदूषण के उत्सर्जन से रोकने के लिए कोर्ट (मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट या प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट) में आवेदन कर सकता है। प्रदूषण करने वाले व्यक्ति या उद्योग को प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए राज्य विभागों द्वारा दी जाने वाली लागत ब्याज के साथ देनी होगी। |
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एक औद्योगिक संयंत्र को बिना उचित अनुमति के स्थापित करना या चलाना |
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बिना अनुमति लिए किसी औद्योगिक संयंत्र को स्थापित या संचालित करना एक अपराध है। कोई भी तय उत्सर्जन सीमा या उचित प्रदूषण नियंत्रण उपकरण से ज्यादा प्रदूषण करने पर अपराधी माना जाएगा। |
इसमें जुर्माने के साथ डेढ़ साल से छह साल तक की जेल की सजा है। अगर उल्लंघन जारी रहता है, तो जुर्माना की रकम बढ़ सकती है, जो इसे जारी रखने वाले हर दिन के लिए 5,000 रूपये (अधिकतम) लगाई जा सकती है। अगर प्रदूषण एक साल से ज्यादा समय तक जारी रहता है, तो अपराधी को जुर्माने के साथ दो से सात साल तक की जेल भी हो सकती है। |
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असुरक्षित स्थिति में वाहन (गाड़ी) का इस्तेमाल |
अगर कोई ऐसा वाहन सार्वजनिक जगह पर चलाया जाता है, जो ध्वनि और वायु प्रदूषण के निर्धारित मानकों का उल्लंघन करता है, तो यह एक दंडनीय अपराध है। | पहली बार के अपराध के लिए 1,000 रुपये का जुर्माना होगा। वहीं दूसरे बार के अपराध के लिए 2,000 रुपये का जुर्माना होगा। |
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पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण में) प्रमाणपत्र का उल्लंघन |
मोटर वाहन का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति अगर मंत्रालय द्वारा जारी वैध पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण) प्रमाण पत्र नहीं ले रहा हैं, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। |
इसकी सजा 10,000 रुपये का जुर्माना है। |
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पर्यावरण प्रदूषण: वायु, जल या भूमि का प्रदूषण |
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन यानी वायु, जल या भूमि का प्रदूषण या पर्यावरण को कोई नुकसान पहुंचाना अपराध है। |
सजा 5 साल तक की जेल के साथ जुर्माना है, जो 1,00,000 रुपये तक बढ़ सकता है। कानून का लगातार उल्लंघन होने पर 5,000 रुपये का हर दिन के लिए अतिरिक्त जुर्माना लगेगा। |
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पर्यावरण में हानिकारक प्रदूषकों को छोड़ना |
पर्यावरण में हानिकारक प्रदूषकों को छोड़ना सार्वजनिक उपद्रव वाला अपराध है, क्योंकि ये प्रदूषक हवा को जहरीला बनाते हैं और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। यहां तक कि सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान करना भी सार्वजनिक उपद्रव माना जाता है। |
सजा 500 रुपये का जुर्माना है। |
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ऐसी गतिविधियों में शामिल होना, जो समुदाय के स्वास्थ्य और शारीरिक आराम के लिए खतरनाक हो |
ऐसे उद्योगों और दूसरे ऐसी प्रक्रियाएं, जो वायु प्रदूषकों को हवा में छोड़ती हैं और हानिकारक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ लोगों को असुविधा पहुंचाती हैं, वह अपराध है। इसमें ऐसे व्यापार या व्यवसाय भी शामिल है, जो हानिकारक है और लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है और उनकी शारीरिक परेशानी के लिए खतरा हो। |
ऐसे उपद्रव (नुकसान पहुंचाने वाले काम) को रोकने के लिए मजिस्ट्रेट आदेश पारित कर सकता है। |
