आपके कॉलेज में रैगिंग रोधी कोई दस्ता नहीं है, आप विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा स्थापित हेल्पलाइन 1800 - 180 - 5522 पर कॉल कर सकते हैं या उन्हें helpline@antiragging.in पर ईमेल कर सकते हैं।

रैगिंग विरोधी कानून के तहत नियुक्त अधिकारी

आखिरी अपडेट Sep 5, 2022

रैगिंग को रोकने के लिए, प्रत्येक कॉलेज और विश्वविद्यालय को निम्नलिखित प्राधिकारणों  का गठन करना चाहिये-

ऍण्‍टी-रैगिंग कमेटी

प्रत्येक कॉलेज के लिए एक ऍण्‍टी-रैगिंग कमेटी का गठन करना अनिवार्य है, जिसमें निम्नलिखित सदस्यों होते हैं-

  • कॉलेज के प्रमुख
  • पुलिस के प्रतिनिधि
  • स्थानीय मीडिया
  • युवाओं के लिए काम करने वाले एन.जी.ओ.
  • अभिभावक प्रतिनिधि
  • संकाय प्रतिनिधि
  • छात्र प्रतिनिधि (फ्रेशर्स और सीनियर्स, दोनों)
  • परा-शिक्षण कर्मचारी

ऍण्‍टी रैगिंग कमेटी के कर्तव्य हैं –

  • सुनिश्चित करें कि संबद्ध कॉलेज, भारत में रैगिंग पर कानून का पालन कर रहा है
  • ऍण्‍टी-रैगिंग दल की गतिविधियों पर नज़र रखें
  • ऍण्‍टी-रैगिंग दल से सिफारिशें प्राप्‍त करें और रैगिंग प्रकरणों पर अंतिम कार्रवाई करें

ऍण्‍टी-रैगिंग दस्‍ता

प्रत्येक कॉलेज के लिए एक ऍण्‍टी-रैगिंग दस्‍ते का गठन करना अनिवार्य है, जो कॉलेज के प्रमुख, जैसे प्रिंसिपल या डीन द्वारा नामज़द होता है। इस दस्ते में कैंपस समुदाय के विभिन्न सदस्य जैसे शिक्षक, छात्र स्वयंसेवक आदि लोगों का प्रतिनिधित्‍व हाते है। पुलिस या मीडिया जैसे बाहरी प्रतिनिधि इस दस्ते का हिस्सा नहीं होते हैं।

ऍण्‍टी-रैगिंग दस्ते के कर्तव्य-

  • रैगिंग की किसी भी घटना की जांच-पड़ताल करना। कॉलेज के प्रमुख, माता-पिता या अभिभावक, संकाय के सदस्य, छात्र आदि सहित कोई भी किसी रैगिंग घटना के बारे में सूचित करने या शिकायत दर्ज करने के लिए ऍण्‍टी-रैगिंग दस्ते से संपर्क कर सकता है।
  • रैगिंग की घटना की जांच रिपोर्ट और अपनी सिफारिशें ऍण्‍टी-रैगिंग कमेटी को भेजें, जो फिर आगे की कार्रवाई करेगी।
  • हॉस्टल जैसे किसी भी स्थान पर जहां रैगिंग होने की संभावना होती है, वहां का औचक दौरा और निरीक्षण आदि करें।

मेंटरिंग / परामर्श सेल / कक्ष

प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष के अंत में प्रत्येक कॉलेज के लिए एक मेंटरिंग सेल का गठन करना अनिवार्य है। यह उन छात्रों से बना होता है, जिन्होंने कॉलेज या संस्थान में शामिल होने वाले नये छात्रों के संरक्षक बनने की स्वयं पहल की है।

मेंटरिंग सेल का कर्तव्य, फ्रेशर्स या नये छात्रों को सहायता और मेंटरशिप / परामर्श देना है। कृपया ध्यान दें कि कानून के अनुसार, छह फ्रेशर्स पर एक मेंटर हो सकता है, और अधिक सीनियर स्तर के प्रत्येक मेंटर के मार्गदर्शन में छह संरक्षक होंगे। उदाहरण के लिए, यदि राम द्वितीय वर्ष का छात्र है, जिसमें छह फ्रेशर्स की मेंटरिंग की जानी है और श्याम तृतीय वर्ष का छात्र है, तो श्याम, राम और पांच अन्य ऐसे मेंटरों का मार्गदर्शन करेगा।

रैगिंग पर निगरानी सेल

प्रत्येक विश्वविद्यालय के लिए रैगिंग पर एक निगरानी सेल का गठन करना अनिवार्य है। रैगिंग पर निगरानी सेल के कर्तव्य हैं-

  • रैगिंग को रोकने के लिए विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी कॉलेजों की गतिविधियों का समन्वय करें।
  • मेंटरिंग सेल, ऍण्‍टी-रैगिंग स्क्वॅड और कॉलेजों के प्रमुखों से ऍण्‍टी-रैगिंग समिति की गतिविधियों पर रिपोर्ट प्राप्‍त करें।
  • रैगिंग विरोधी उपायों को प्रचारित करने के लिए कॉलेजों के प्रयासों की समीक्षा करें।
  • माता-पिता और छात्रों से रैगिंग जैसे कृत्‍यों में शामिल न होने, और रैगिंग में शामिल पाये जाने पर सज़ा भुुगतने के लिए तैयार रहने हेतु हस्ताक्षरित शपथपत्र प्राप्‍त करें।
  • ऍण्‍टी-रैगिंग उपायों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिहाज़ से विश्वविद्यालय के किसी भी उपनियम या अध्यादेश में संशोधन करें।
अधिक जानकारी के लिए इस सरकारी संसाधन को पढ़ें

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