अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति से संबंधित भूमि और संपत्ति

आखिरी अपडेट Oct 31, 2022

किसी भी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति की स्वामित्व भूमि या उनके नियंत्रण वाली या आवंटित किसी भी भूमि पर कब्जा करना अवैध है। एक अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति व्यक्ति को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर करना, जब तक कि यह कानूनी रूप से नहीं किया जाता है भी अवैध है।

अगर ऐसा:

• पीड़ित की सहमति के बिना, या

• उसे या उससे जुड़े किसी व्यक्ति को धमकी देकर, या

• झूठे रिकॉर्ड बनाकर,

किया जाता है तो संपत्ति का अधिग्रहण अवैध माना जाता है।

इसी तरह किसी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को उनकी संपत्ति से अवैध रूप से वंचित करना, या उस भूमि पर उनके अधिकारों का प्रयोग करने से रोकना भी एक अपराध है।

इसमें शामिल हैं:

• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति को वन अधिकार अधिनियम के तहत किसी भी वन अधिकार तक पहुँचने से रोकना।

• किसी भी जल स्रोत या सिंचाई स्रोत के अधिकारों का उपयोग करने से रोकना।

• फसलों को नष्ट करना या ले जाना।

घरों, धार्मिक स्थलों और/या अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए आग या बम का उपयोग करने के लिए 6 महीने से 7 साल तक की कैद हो सकती है। आप ऐसे अपराधों की रिपोर्ट कर सकते हैं।

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उपभोक्ता संरक्षण कानून संबद्ध प्राधिकरणों को निर्दिष्‍ट करता है कि कोई उपभोक्ता-अधिकारों का उल्‍लंघन होने पर उनसे संपर्क कर सकता है।