इनकम टैक्स रिटर्न या फॉर्म (आई.टी.आर)

आखिरी अपडेट Aug 30, 2022

इनकम टैक्स रिटर्न (आई.टी.आर) एक ऐसा फॉर्म है जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति द्वारा एक वित्तीय वर्ष में अर्जित आय और ऐसी आय पर भुगतान किए गए टैक्स की जानकारी को आयकर विभाग में सूचित किया जाता है।

आय की प्रकृति और स्थिति के आधार पर, करदाताओं के विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग आई.टी.आर फॉर्म निर्धारित हैं। प्रत्येक करदाता को केवल एक विशिष्ट आई.टी.आर फॉर्म के तहत टैक्स रिटर्न दाखिल करना होता है, और आपके आय के लिए जो आई.टी.आर फॉर्म लागू है, आपको वही फॉर्म भरना होगा। गलत आई.टी.आर फॉर्म दाखिल करने पर उसे अमान्य और दोषपूर्ण माना जाएगा।

इनकम टैक्स फॉर्म/आयकर प्रपत्र

आईटीआर फॉर्म आयकर विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। जब इनकम रिटर्न के डेटा के लिए आईटीआर-1 (सहज), आईटीआर-2, आईटीआर-3, आईटीआर-4 (सुगम), आईटीआर-5, आईटीआर-6, आईटीआर-7 भरे जाने के बाद सत्यापित होने पर ही आपको आयकर विभाग से एक पावती फॉर्म प्राप्त होगा।

आईटीआर-1 (सहज)

50 लाख तक की कुल आय वाले भारत में जो भी लोग रहते हैं, उन व्यक्तियों को यह आईटीआर फॉर्म दाखिल करना होगा। आप भारत के निवासी होंगे अगर आप:

• पिछले साल में यहाँ कम से कम 182 दिनों के लिए रहें हो,

• भारत में पिछले साल के पूर्व के चार वर्षों में कम से कम 365 दिनों के लिए रहें हो, और पिछले वर्ष में कम से कम साठ दिनों के लिए रहें हो, आपको यह फॉर्म तब भरना होगा जब आपका आय का स्रोत:

• आपका वेतन या पेंशन हो,

• एक घर की संपत्ति हो,

• और आपके अन्य स्रोत जैसे ब्याज आदि। (इसमें लॉटरी जीत, घुड़दौड़ आदि से आय शामिल नहीं है)

• 5,000 रुपये तक की कृषि आय हो।

यदि आप एक ऐसे व्यक्ति हैं जो भारत में नहीं रह रहे हैं या किसी कंपनी में निदेशक हैं या भारत के बाहर आप एक ऐसे व्यक्ति हैं जिसकी किसी भी स्रोत से आय हो, तो आप पर आईटीआर-1 फॉर्म लागू नहीं होता है।

आईटीआर-2

यह फॉर्म निम्नलिखित पर लागू होता है:

• एक व्यक्ति जिस पर आईटीआर-1 लागू नहीं होता है, या

• एक अविभाजित हिन्दू परिवार (एचयूएफ) जिसकी कुल आय में किसी व्यवसाय या पेशे का लाभ और वृद्धि शामिल नहीं है।

उदाहरण के लिए, यदि रमा किसी कंपनी में निदेशक हैं, तो उन्हें आईटीआर-2 के तहत टैक्स रिटर्न दाखिल करना होगा, क्योंकि वह आईटीआर-1 के अंतर्गत नहीं आती हैं।

आपको यह फॉर्म तब भरना होगा जब आय का स्रोत:

• आपके पूंजीगत लाभ से हो,

• एक से अधिक गृह संपत्ति से हो,

• विदेशी आय/विदेशी संपत्ति से हो।

आईटीआर-3

यह फॉर्म केवल निम्नलिखित पर ही लागू होता है:

• एक व्यक्ति या अविभाजित हिन्दू परिवार (एचयूएफ) जिसके लिए आईटीआर-1, आईटीआर-2 और आईटीआर-4 फॉर्म लागू नहीं होते हैं, और

• जिसकी आय किसी व्यवसाय या पेशे के लाभ और वृद्धि से होती है।

उदाहरण के लिए, अगर श्याम किसी फर्म में पार्टनर है और सालाना 50 लाख रुपये से ज्यादा कमाता है तो उसे आईटीआर-3 भरना होगा।

आईटीआर-4 (सुगम)

यह फॉर्म भारत में रहने वाले व्यक्तियों, एचयूएफ और फर्मों (सीमित देयता भागीदारी को छोड़कर) पर लागू होता है, जिनकी कुल वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक है।

आय का निम्नलिखित स्रोत होने पर आईटीआर-4 लागू होता है:

• व्यवसाय से आय,

• पेशे से आय,

• वेतन या पेंशन से आय,

• एक गृह संपत्ति से आय,

• ब्याज आदि जैसे अन्य स्रोतों से आय (इसमें लॉटरी जीत और घुड़दौड़ से आय शामिल नहीं है) एक व्यक्ति जो भारत में नहीं रहता है या किसी कंपनी का निदेशक है, तो उसे यह आईटीआर -4 फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है।

आईटीआर-5

यह फॉर्म निम्नलिखित पर लागू होता है:

• फर्म,

• एलएलपी(सिमित देयता भागीदारी),

• व्यक्तियों का संघ/व्यक्तियों का निकाय,

• कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति,

• स्थानीय प्राधिकरण,

• प्रतिनिधि निर्धारिती -एक प्रतिनिधि निर्धारिती किसी अनिवासी व्यक्ति का एजेंट हो सकता है, यह एक अवयस्क/विक्षिप्त दिमाग/ मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति का अभिभावक हो सकता है, यह एक संरक्षक आदि हो सकता है जो किसी अन्य व्यक्ति की ओर से आय प्राप्त करने या प्रबंध करने के लिए अधिकृत होता है।

• सहकारी समिति

• समिति पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत सोसायटी या समिति यह व्यक्तियों, एचयूएफ, कंपनी और आईटीआर -7 दाखिल करने वाले व्यक्तियों पर लागू नहीं है।

आईटीआर -6

जो चैरिटी या चैरिटी कारणों से कर में छूट का दावा करने वाली कंपनियों के अलावा, यह फॉर्म बाकी सभी कंपनियों के लिए लागू है। आप यहां कर मुक्त संस्थानों की सूची देख सकते हैं।

आईटीआर-7

यह फॉर्म व्यक्तियों (कंपनियों सहित) पर लागू होता है, जैसे:

• किसी ट्रस्ट के तहत चैरिटी या धार्मिक उद्देश्यों के लिए रखी गई संपत्ति से आय प्राप्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर,

• राजनीतिक दलों पर,

• समाचार एजेंसियां, म्युचुअल फंड, ट्रेड यूनियन आदि पर,

• सभी विश्वविद्यालय या कॉलेज पर।

आईटीआर-सत्यापन प्रपत्र

यह फॉर्म उन स्थितियों पर लागू होता है जहां आईटीआर-1 (सहज), आईटीआर-2, आईटीआर-3, आईटीआर-4 (सुगम), आईटीआर-5, आईटीआर-7 में इनकम रिटर्न का डेटा दाखिल किया जाता है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक रूप से सत्यापित नहीं रहता है।

 

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