वायु प्रदूषण कानून के उल्लंघन की शिकायत किससे कर सकते हैं?

आखिरी अपडेट Apr 10, 2026

पुलिस

कोई भी व्यक्ति पास के किसी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। आप वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार प्रतिष्ठान, उद्योग या व्यक्ति के खिलाफ सार्वजनिक उपद्रव1 के तहत एफआईआर भी दर्ज करा सकते हैं।

केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) भारत में जल और वायु प्रदूषण को रोकने और उसे नियंत्रित करने के लिए गठित एक निकाय है। यह निकाय पर्यावरण और वन मंत्रालय को तकनीकी सेवाएं देता है। साथ ही प्रदूषण के स्तर को विनियमित करने और कम करने में मदद करने के लिए वायु और जल गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम भी चलाता है। दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण की शिकायत करने के लिए यहां जाएं।

आप वायु प्रदूषण की शिकायत अपने राज्य के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय या उसकी वेबसाइट पर जाकर कर सकते हैं।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शाक्तियां कुछ इस तरह हैंः

  • बोर्ड औद्योगिक संयंत्रों से उत्सर्जन के बारे में जानकारी मांग सकता है, संयत्र के परिसर में प्रवेश और उसका निरीक्षण कर सकता है। औद्योगिक संयंत्रों से उत्सर्जन के नमूने लेकर उन्हें विश्लेषण के लिए भी भेज सकता है।
  • प्रदूषण फैलाने वाले प्रतिष्ठानों को बंद करने का निर्देश दे सकता है, ऐसे प्रतिष्ठानों की पानी या बिजली की आपूर्ति को काट या कम कर सकता है।
  • राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वायु प्रदूषण फैलाने से रोकने के लिए कोर्ट में जा सकता है।

कोर्ट

जिला अधिकारी

कोई भी व्यक्ति वकील की मदद से किसी भी सार्वजनिक उपद्रव के खिलाफ उपाय के लिए दीवानी मुकदमा दायर करने के लिए मजिस्ट्रेट से संपर्क कर सकता है। मजिस्ट्रेट के पास सेक्शन 152 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत प्रदूषणकारी गतिविधियों को रोकने के लिए 5 (उपद्रव हटाने का आदेश) नोटिस जारी करने की शक्ति है।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल

प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज की जा सकती हैं। ये शिकायतें एक व्यक्ति, अधिवक्ता, कानूनी फर्म या एनजीओ के प्रतिनिधि या भारत सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर दायर की जा सकती है।

जब कार्यवाही शुरू होती है, तो एनजीटी राहत और मुआवजा दे सकता है। साथ ही क्षतिग्रस्त संपत्ति और पर्यावरण क्षेत्र की वापसी और बहाली का आदेश दे सकता है। एनजीटी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले जिम्मेदार व्यक्ति से मृत्यु, विकलांगता, चोट या बीमारी, मजदूरी के नुकसान और मेडिकल खर्च के लिए मुआवज़ा देने का आदेश भी दे सकता है।

ट्रिब्यूनल के पास अनुदान देने की शक्ति भी है, जैसे-

  • अंतरिम आदेश या स्टे (रोक) देने की शक्ति
  • किसी व्यक्ति को रोकने और छोड़ने का आदेश देने की शक्ति

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शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया

इस सबके बावजूद, शिकायत का समाधान न होने पर, आप उपभोक्ता मंचों से संपर्क हेतु किसी वकील की मदद ले सकते हैं।

उपभोक्ता शिकायत मंच

उपभोक्ता संरक्षण कानून संबद्ध प्राधिकरणों को निर्दिष्‍ट करता है कि कोई उपभोक्ता-अधिकारों का उल्‍लंघन होने पर उनसे संपर्क कर सकता है।

उपभोक्ता शिकायतों के प्रकार

उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत प्रत्येक व्यक्ति को निम्नलिखित प्रकार की उपभोक्ता शिकायतें दर्ज करने का अधिकार है |

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