राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम क्या है?

आखिरी अपडेट Apr 10, 2026

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में वायु गुणवत्ता को देखने के लिए राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम (एनएएमपी) की स्थापना की। एनएएमपी का मकसद हैः

  • आस-पास की वायु गुणवत्ता की स्थिति और रुझान को तय करना
  • यह देखना कि क्या आस-पास की तय वायु गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा
  • 5 साल से लगातार राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS) को पूरा नहीं कर रहे शहरों को पहचाना और उन्हें ऐसे शहरों के तौर पर चिह्नित करना
  • निवारक और सुधारात्मक उपायों को विकसित करने के लिए जानकारी और उचित समझ को इकट्ठा करना
  • प्रदूषण के कम होने, फैलाव, हवा आधारित गति, शुष्क जमाव, बारिश और प्रदूषकों के रासायनिक बदलाव के द्वारा पर्यावरण में होने वाली प्राकृतिक सफाई की प्रक्रिया को समझना

एनएएमपी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के चार प्रमुख प्रदूषकों सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन के ऑक्साइड, हवा में मौजूद कण पदार्थ और महीन कण पदार्थ की निगरानी करता है। यह आपेक्षिक नमी और तापमान के साथ-साथ हवा की गति और दिशा की भी जांच करता है।

एनएएमपी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, प्रदूषण नियंत्रण समितियों और राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (NEERI), नागपुर के संयुक्त प्रयासों से बनाया गया है।

 

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उपभोक्ता अधिकारों के उल्‍लंघन के लिए दंड

उपभोक्ता अधिकारों के उल्‍लंघन के लिए किसी व्यक्ति या संस्था को दंडित करने की शक्ति केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण के पास होती है।

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