गैर-शारीरिक व्यवहार जो अवांछित और यौन प्रकृति का है, ‘यौन प्रताड़ना’ (सेक्सुअल हरासमेंट) के रूप में जाना जाता है।
‘यौन प्रताड़ना’, शारीरिक या गैर-शारीरिक क्रियाएं हो सकती हैं जैसे:
यौन संबंधित वाक्य बोलना या भाव व्यक्त करना।
- यौन अंगों के बारे में बोलना, इशारा करना या दिखाना ताकि बच्चा इसे देख सके।
- किसी यौन संबंधित वस्तु, या यौन अंग के किसी भी भाग को बच्चे को दिखाना।
- किसी बच्चे को उसके अपने शरीर के अंगों को किसी और को दिखाने के लिए कहना या मजबूर करना।
पीछा करना और धमकी देना
- किसी बच्चे को, फ़ोन, एसएमएस, इंटरनेट या किसी अन्य माध्यम से, बार-बार या लगातार, सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से देखना, उसका पीछा करना, या उससे संपर्क करना।
- किसी बच्चे को, किसी भी प्रकार के माध्यम से किसी यौन क्रिया में शामिल करने के लिए फुसलाना या धमकी देना।
अश्लील चित्रण संबंधी
- बच्चे को, किसी भी रूप में अश्लील चित्र दिखाना।
- बच्चे को चॉकलेट जैसी चीज़ों को देकर लुभाना ताकि बच्चा किसी भी अश्लील कृत्य में भाग ले सके।
एक बच्चे को यौन प्रताड़ित करने का दंड, 3 साल तक की जेल की सजा के साथ साथ जुर्माने की सजा भी हो सकती है।
यदि कोई भी आपकी पहचान या यौन अभिविन्यास को उजागर करने के लिए धमकी देता है, और अपनी चुप्पी बनाए रखने के लिए पैसे या कुछ और महंगी चीज मांगता है, तो वे जबरन वसूली करने का अपराध कर रहे हैं। यहां तक कि इस प्रक्रिया में आपको घायल करने की धमकी भी, जबरन वसूली के अपराध के रूप में मानी जाएगी। उदाहरण के लिए, यदि कोई आपसे आपकी लिंग पहचान को गुप्त रखने के बदले में आपसे पैसे मांगता है, तो यह जबरन वसूली का मामला है, जिसके लिए आपको पुलिस से शिकायत दर्ज करनी चाहिए।
ऐसे मामलों में, आप हेल्पलाइन पर कॉल करके तत्काल सहायता प्राप्त कर सकते हैं। आप अपने यौन अभिविन्यास या लिंग पहचान की परवाह किए बिना पुलिस से शिकायत कर सकते हैं। आप भारतीय दंड संहिता,1860 की धारा 383 के अंतर्गत पुलिस में एक प्राथिमिकी (एफआईआर) दर्ज करा सकते हैं।
आपसे कुछ काम कराने के लिए ब्लैकमेल करना
यदि कोई आपसे किसी काम कराने के बदले में, आपको शारीरिक या आपकी प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने की धमकी देता है, तो यह ब्लैकमेल है और इसे कानूनी रूप से आपराधिक धमकी माना जाता है। आपकी पहचान या यौन अभिविन्यास को उजागर न करने के बदले में ऐसे काम करने के लिए कहा जा सकता है। कानूनन यह एक अपराधिक धमकी है, यदि निम्नलिखित चीज़ें आपसे करने के लिए कही जाती हैं तो:
ये गैरकानूनी काम, जैसे किसी कंपनी से निजी डेटा की चोरी करना आदि।
आपको किसी ऐसे कार्य करने से रोकना जो कानूनन आपको करना था, उदाहरण के लिए, आपने किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और आपको ब्लैकमेल, मामला समाप्त करने के बदले में किया जा रहा है।
आपको भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 503 के अंतर्गत एक प्राथिमिकी (एफआईआर) दर्ज करानी होगी।
दहेज के लेन-देन के लिए कोई भी समझौता मान्य नहीं है। अगर आपके होने वाले या मौजूदा ससुर आपको दहेज देने पर कोई समझौता करने के बाद दहेज नहीं देते हैं, तो आप उनके खिलाफ अदालत नहीं जा सकते हैं। समझौते को ऐसा माना जाएगा जैसे कि वह कभी हुआ ही नहीं था। समझौते का कोई कानूनी प्रभाव नहीं है।
चेतावनीः दी गई जानकारी शारीरिक हिंसा औरयौन हिंसा के बारे में जानकारी है, जो कुछ पाठकों को परेशान और विचलित कर सकती है।
बलात्कार के इरादे से जब कई लोग/लोगों का समूह किसी महिला के साथ रेप करता है, तो यह सामूहिक बलात्कार कहलाता है। सामूहिक बलात्कार के मामले में, समूह का हर एक व्यक्ति अपराध का दोषी होता है।1
बलात्कार के अपराधी को 20 साल की कठोर कैद से लेकर उम्रकैद और जुर्माना की सज़ा है।2
अगर सर्वाइवर 18 साल से कम उम्र की है, तो अपराधी को उम्रकैद के साथ-साथ जुर्माना या मौत की सजा भी दी जा सकती है।
इसके अलावा, अपराधियों को सर्वाइवर के इलाज और पुनर्वास को पूरा करने के लिए उचित जुर्माना देना होगा। यह जुर्माना सर्वाइवर को दिया जाता है।
किसी पर एसिड फेंकने या फेंकने वाले की मदद करने का अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती दोनों है।
संज्ञेय अपराध एक ऐसा अपराध होता है, जिसमें पुलिस अधिकारी बिना वारंट के अपराधी को गिरफ्तार कर सकता है।
गैर-जमानती अपराध एक ऐसा अपराध है जिसमें ज़मानत नहीं मिलती है और इसे देने या न देने का विवेक न्यायालय का है। गैर-जमानती अपराधों में जमानत के बारे में अधिक जानने के लिए, आप गैर-जमानती अपराधों के लिए जमानत पर हमारे लेख को पढ़ सकते हैं।
[जारी चेतावनी: इस लेख में शारीरिक हिंसा, यौन हिंसा, दुर्व्यवहार और गाली-गलौज के बारे में जानकारी है जो कुछ पाठकों को विचलित कर सकती है।
अगर कोई व्यक्ति किसी महिला को यौन इरादे से अनुचित तरीके से छूता है, तो यह कानून के तहत अपराध है। स्पर्श बलपूर्वक भी हो सकता है या नहीं भी हो सकता है, लेकिन अपराधी को उसके अपराधों के लिए दंडित किया जाएगा। कानून के तहत केवल पुरुष को ही अपराध के लिए दंडित किया जा सकता है।
यौन स्पर्श करना अनुचित है अगर यह यौन इरादे से और किसी महिला की सहमति के बिना किया गया है। इसके कुछ उदाहरण निम्न हैं:
• किसी महिला को असहज, डरा हुआ या नाराज़ महसूस कराना। उदाहरण के लिए, किसी महिला को आवश्यकता से अधिक समय तक छूना।
• किसी महिला को यौन उत्पीड़न के इरादे से छूना। उदाहरण के लिए, किसी महिला की अनुमति के बिना उसके शरीर पर दिखाई देने वाली त्वचा पर स्पर्श करना, चाहे वह उसके कपड़ों के नीचे हो या उसके ऊपर।
• महिला को कोई चोट या नुकसान पहुंचाना। उदाहरण के लिए, किसी महिला को पीटना या उसके शरीर को बलपूर्वक छूना।
किसी महिला को गलत तरीके से छूने पर कम से कम एक साल और अधिकतम पांच साल की जेल की सजा का प्रावधान है।
यह कानून कुछ सीमित परिस्थितियों में प्रसव से पूर्व निदान की प्रक्रियाओं के उपयोग की अनुमति देता है।
भ्रूण में क्रमोसोमल संबंधी असामान्यताओं, जेनेटिक मेटाबोलिक रोगों, हीमोग्लोबिनोपैथी, लिंग से जुड़े जेनेटिक रोगों, जन्मजात विसंगतियों और अन्य असामान्यताओं या बीमारियों का पता लगाने के लिए प्रसव से पूर्व निदान की प्रक्रियाओं का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
उपर्युक्त असामान्यताओं का पता लगाने के लिए गर्भवती महिला की लिखित सहमति लेनी चाहिए, ऐसी प्रक्रियाओं का संचालन करने के लिए आवश्यक है कि :
• गर्भवती महिला 35 वर्ष से अधिक आयु की है;
• गर्भवती महिला को दो या अधिक स्वतः गर्भपात या भ्रूण हानि हुई है;
• गर्भवती महिला द्वारा औषधि, विकिरण, संक्रमण या रसायन जैसे संभावित लाभकारी एजेंट लिए गए हैं।
• गर्भवती महिला या उसके पति को मानसिक कमज़ोरी या शारीरिक विकृतियों का कोई पारिवारिक इतिहास रहा हो।
जैसा कि कानून में कहा गया है, यदि इन स्थितियों को पूरा करने के बाद प्रसव पूर्व निदान प्रक्रिया संचालित की जाती है तो गर्भवती महिला पर अल्ट्रासोनोग्राफी करने वाले व्यक्ति को इसका पूरा रिकॉर्ड रखना चाहिए।

किसी और के वाहन (वाहनों), जैसे स्कूटी, कार, साइकिल आदि को उनकी सहमति के बिना ले जाना चोरी माना जाता है। उदाहरण के लिए, यदि राम ने अपनी कार पार्क की है, और शाम उसे ले जाता है, तो इसे चोरी माना जाएगा।
यह 3 साल तक की जेल और/या जुर्माने के साथ दंडनीय है। यदि आपका वाहन चोरी हो गया है, तो शिकायत करने के लिए आप जो कदम उठा सकते हैं, उसे समझने के लिए यहां पढ़ें।
यदि आपकी रैगिंग की जा रही है, तो आप कॉलेज के अधिकारियों, राष्ट्रीय हेल्पलाइन या पुलिस से शिकायत कर सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि कोई अन्य व्यक्ति भी आपकी ओर से शिकायत कर सकता है। आप निम्न अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं-
राष्ट्रीय ऍण्टी-रैगिंग हेल्पलाइन
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एक हेल्पलाइन नंबर और ईमेल पता स्थापित किया है, जिस पर आप रैगिंग के किसी मामले को लेकर संपर्क कर सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5522 है, और ईमेल पता helpline@antiragging.in है।
ऑनलाइन शिकायत
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एक वेब पोर्टल स्थापित किया है जहाँ आप ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के लिए, यहां जाएं, जहां आपको कुछ विवरण देने के लिए कहा जाएगा, जैसे कि आपका नाम, कॉलेज, घटना का विवरण इत्यादि। आप अपनी शिकायत को “ट्रैक कम्प्लेंट” पर क्लिक करके भी देख सकते हैं।
ऍण्टी-रैगिंग दस्ता
आप अपने कॉलेज के ऍण्टी-रैगिंग दस्ते के साथ शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह दस्ता शिकायत की जांच करेगा, वे मामले की प्रकृति और उसकी गंभीरता का निर्धारण करेंगे और ऍण्टी-रैगिंग कमेटी को अपनी सिफारिशें देंगे। समिति फिर रैगिंग के लिए जिम्मेदार छात्रों को दंडित करेगी।
कृपया ध्यान दें कि आप रैगिंग की शिकायत संकाय के किसी भी सदस्य या कॉलेज के प्रमुख के पास भी दर्ज करवा सकते हैं।
पुलिस
रैगिंग के गंभीर प्रकरण में, आप रैगिंग के लिए जिम्मेदार छात्रों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं। पुलिस मामले की जांच करेगी, और रैगिंग के लिए जिम्मेदार छात्रों को दंडित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
अधिक जानने के लिए इस सरकारी संसाधन को पढ़ें
जब किसी वस्तु या किसी भी शरीर के भाग को किसी बच्चे के शरीर के किसी भाग में घुंसाया या प्रच्छेदित (पेनिट्रेट) किया जाता है, तो इसे एक अपराध माना जाता है जिसे ‘प्रच्छेदक यौन आक्रमण’ (पैनेट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट) कहा जाता है।
निम्नलिखित क्रियाएं प्रच्छेदक यौन आक्रमण (पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट) की श्रेणी में आती हैं:
- किसी भी बच्चे के योनि, मुंह, मूत्रमार्ग या गुदा में अपने लिंग, या शरीर के किसी अन्य भाग या वस्तु को घुसाना।
- किसी बच्चे को उसके अपने लिंग को, किसी अन्य व्यक्ति या चीज़ में घुसाने के लिए मजबूर करना।
- किसी बच्चे के साथ ‘मुख मैथुन’ करना, या किसी बच्चे को किसी और के साथ मुख मैथुन करने के लिए मजबूर करना।
इस अपराध के लिए सजा, जुर्माना के साथ साथ, 7 साल से लेकर आजीवन कारावास तक हो सकती है।