संवैधानिक उपचार मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए हैं। संवैधानिक उपचार की मदद से मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होने पर व्यक्ति सीधे सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से राहत मांग सकता है।

संवैधानिक उपचार

यह लेख भारतीय संविधान से प्राप्त सभी संवैधानिक उपचारों के अर्थ और महत्व पर चर्चा करेगा। इन उपचारों के लिए कौन और कैसे आवेदन कर सकते हैं, यह भी इस लेख में समझाया जाएगा। भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 और 226 भारतीयों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक उपचार देते हैं।