आवेदन की प्रोसेसिंग

आखिरी अपडेट Jul 13, 2022

अगर किसी आवेदित सूचना के चलते, किसी व्यक्ति के जीवन पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं और इसकी तत्काल आवश्यकता है, तो ‘पीआईओ’ को आवेदित सूचना 48 घंटे के अंदर ही दे देनी चाहिए।

इस कानून के तहत, ‘पीआईओ’ कुछ आवेदनों का उत्तर देने से इंकार कर सकता है। इस अधिनियम से कौन सी सूचना को छूट दी गई है, यह जानने के लिए कृपया अधिनियम की धारा 8 और 9 को पढ़ें।

अगर आवेदित सूचना 30/35 दिनों के भीतर नहीं दी जाती है, तो आपको यह मान लेना होगा कि ‘पीआईओ’ / ‘एपीआईओ’ ने आपकी आवेदित सूचना को देने से इनकार कर दिया है। इसके लिये, ‘पीआईओ’ सूचना के लिए आवेदन शुल्क के अलावा कुछ भी चार्ज नहीं कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

क्या आपके पास कोई कानूनी सवाल है जो आप हमारे वकीलों और वालंटियर छात्रों से पूछना चाहते हैं?

Related Resources

सूचना का अधिकार- कर

उदाहरण के लिए, यदि आप जानना चाहते हैं कि आपके टैक्स रिटर्न में देरी क्यों हो रही है, तो इसके लिए आप एक आरटीआई आवेदन दाखिल कर सकते हैं।

LGBTQ+ व्यक्ति को उत्पीड़न और हिंसा की संभावनाएं

आपको निम्नलिखित कारणों के चलते कई तरह के उत्पीड़न या हिंसा का सामना करना पड़ सकता है:
Crimes and Violence

आवेदन के संबंध में शिकायत करना

पीआईओ ने आपके आरटीआई आवेदन को जिस तरीके से हैन्डल किया है, उसके शिकायत करनी है, तो अधिनियम के तहत स्थापित उच्च अधिकारीगण-केंद्रीय सूचना आयोग
citizen rights icon

एफ़आईआर कहां दर्ज की जा सकती है

किसी भी पुलिस थाने में एफआइआर दर्ज की जा सकती है।

बाल श्रम रोकने में स्कूलों की भूमिका

बाल श्रम को रोकने में विद्यालय की अहम भूमिका होती है।

कर में कटौती

कटौती एक व्यय है जिसे किसी व्यक्ति की सकल कुल आय से घटाया जाता है ताकि उस धनराशि को कम किया जा सके जिस पर कर लगाया जा रहा है। यह कटौती आय की राशि से कम, अधिक या उसके बराबर हो सकती है। यदि कटौती योग्य राशि आय की राशि से अधिक है तो […]