अधिनियम के तहत अंतर-धार्मिक विवाह के पंजीकरण की प्रक्रिया

आखिरी अपडेट Jul 12, 2022

विशेष विवाह के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया इस प्रकार है:

विवाह अधिकारी को नोटिस देना

जब भी इस कानून के तहत विवाह किया जाता है, तो विवाह करने वाले दम्पत्ति उस जिले के विवाह अधिकारी को लिखित रूप में नोटिस देंगे। दम्पत्ति में से कम से कम एक व्यक्ति का नोटिस की तारीख से पहले कम से कम तीस दिनों के लिए उस जिले का निवासी होना चाहिए। विवाह के पंजीकरण के लिए दोनों पक्षों द्वारा हस्ताक्षरित आवेदन पत्र प्राप्त करने के बाद, विवाह अधिकारी सार्वजनिक नोटिस देगा और आपत्तियों के लिए तीस दिनों की अनुमति देगा, और उस अवधि के भीतर प्राप्त किसी भी आपत्ति को सुनेगा।

विवाह अधिकारी ऐसे सभी नोटिस अपने कार्यालय के रिकॉर्ड में जमा करेगा और विवाह नोटिस बुक में ऐसे प्रत्येक नोटिस की एक असल कॉपी भी दर्ज करेगा। यह विवाह नोटिस बुक किसी भी व्यक्ति द्वारा, बिना किसी शुल्क के उचित समय पर निरीक्षण के लिए उपस्थित होनी चाहिए।

विवाह अधिकारी अपने कार्यालय में कुछ ध्यान देने योग्य जगह जैसे नोटिस बोर्ड पर एक कॉपी लगाकर इस तरह के हर नोटिस को प्रकाशित करेगा। जब विवाह करने वाले पक्षों में से कोई भी स्थायी रूप से विवाह अधिकारी के जिले में नहीं रहता है, तो अधिकारी उस जिले के विवाह अधिकारी को भी एक भी कॉपी देगा, जहां दोनों पक्ष स्थायी रूप से रह रहे हैं, और विवाह अधिकारी अपने कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर भी इसकी एक कॉपी लगाएगा।

विवाह के लिए घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करना

शादी होने से पहले दोनों पक्ष और तीन गवाह विवाह अधिकारी की उपस्थिति में एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे, और यह घोषणा पत्र विवाह अधिकारी द्वारा भी हस्ताक्षरित किया जाएगा। यह घोषणा अधिनियम की तीसरी अनुसूची में निर्दिष्ट रूप में की जाएगी।

विवाह करना और विवाह का प्रमाणपत्र

जब विवाह संपन्न हो गया है और सभी शर्तें पूरी हो गई हैं, तो विवाह अधिकारी विवाह प्रमाणपत्र बुक में एक प्रमाण पत्र में सभी बातों को दर्ज करेगा। इस प्रमाण पत्र पर शादी करने वाले दोनों पक्षों और तीन गवाहों द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह प्रमाणपत्र तभी बिना किसी विवाद के मान्य होगा, जब विवाह कानूनी रूप से किया गया हो और गवाहों के हस्ताक्षर संबंधित सभी औपचारिकताओं का पालन किया गया हो।

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