भारत में रहने वाले भारतीयों के लिए गोद लेने की प्रक्रिया (गैर-धार्मिक कानून)

आखिरी अपडेट Sep 28, 2026

अगर आप भारत में रहने वाले भारतीय हैं, तो आप भारत में ही बच्चा गोद ले सकते हैं। इसके लिए आपको नीचे दिए गए चरण पूरे करने होंगे:

चरण 1:  

बच्चे को गोद लेने के लिए पहले केंद्रीय दत्तक संसाधन संस्था (CARA) की वेबसाइट पर पंजीकरण करें। यह आपको चाइल्ड एडॉप्शन रिसोर्स इंफॉर्मेशन एंड गाइडेंस सिस्टम (CARINGS) पर ले जाएगा। जहां आप नाम, पता और नौकरी की जानकारी जैसी जानकारी भरें।

चरण 2:

पंजीकरण के बाद, आपको आवेदन में माँगे गए जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। आपको कौन से दस्तावेज जमा करने होंगे, यहां देखें। आवेदन फॉर्म भरने के बाद, आपको एक रसीद/पावती पर्ची दी जाएगी।

चरण 3:

आवेदन और दस्तावेज जमा करने के बाद, आप रसीद पर्ची पर दिए गए रजिस्ट्रेशन नंबर से अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।

चरण 4:

आप बच्चे को गोद ले सकते हैं या नहीं, यह तय करने के लिए CARA या विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी (SAA) आपके घर आकर जांच करेगी।

चरण 5:

आपका आवेदन स्वीकार भी हो सकता है और रद्द भी। अगर आवेदन रद्द होता है, तो उसका कारण CARINGS पर लिखा होगा। अगर आपको लगता है कि फैसला सही नहीं है, तो आप बाल न्यायालय में अपील कर सकते हैं।

अपील करने की प्रक्रिया को जानने के लिए कृपया यहां देखें।

चरण 6:

अगर आपका आवेदन स्वीकार हो जाता है, तो आपकी बारी के हिसाब से CARINGS के ज़रिए एसएए (विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरण)आपको तीन बच्चों की जानकारी देगा। आप 48 घंटे के अंदर एक बच्चे को चुन सकते हैं। इसके बाद उस बच्चे की आपसे मुलाकात कराई जाएगी, ताकि देखा जा सके कि बच्चा और आप एक-दूसरे के लिए सही हैं या नहीं। यह प्रक्रिया 20 दिनों में पूरी होगी। अगर आप चुने हुए बच्चे को गोद लेने से मना कर देते हैं, तो आपका नाम गोद लेने वाली सूची में सबसे नीचे कर दिया जाएगा।

चरण 7:

बच्चे को चुनने के 10 दिनों के भीतर, आपको बच्चे को अपने साथ रखना होगा। जब तक कोर्ट से गोद लेने की अंतिम मंजूरी नहीं मिलती, तब तक बच्चा आपकी देखरेख में रहेगा। बच्चे को अपने साथ ले जाने से पहले आपको एक सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर करने होंगे।

चरण 8:

इसके बाद एसएए (या दूसरी संबंधित संस्था) बच्चे को गोद लेने की मंजूरी के लिए कोर्ट में आवेदन करेगी। अगर आपके शहर में एसएए नहीं है, तो यह काम दूसरी संस्था करेगी। कोर्ट की कार्यवाही बंद कमरे में की जाएगी, और कोर्ट करीब दो महीने के अंदर अपना फैसला देगा। कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद, तीन कामकाजी दिनों के अंदर बच्चे का नया जन्म प्रमाण-पत्र बन जाएगा, जिसमें आपका नाम बच्चे के माता-पिता के रूप में दर्ज होगा।

चरण 9:

बच्चा गोद लेने के बाद, दो साल तक हर छह महीने में एसएए आपके घर आकर या आपसे मिलकर यह देखेगा कि बच्चा कैसा है, उसकी अच्छी तरह देखभाल हो रही है या नहीं और रिपोर्ट तैयार करेगा। कोई भी दिक्कत होने पर, सलाह और मदद दी जाएगी। अगर बच्चे को गोद लेने के बाद कोई दिक्कत आती है, तो बच्चे को वापस ले लिया जा सकता है और बच्चे को दोबारा गोद देने के लिए रखा जा सकता है।

 

 

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