अशांत क्षेत्र में स्थिति सामान्य होने पर AFSPA को रद्द किया जा सकता है। सरकार ने 2015 में त्रिपुरा और 1997 में पंजाब और चंडीगढ़ में ऐसा किया है।

अशांत क्षेत्र में सेना नियंत्रण

आखिरी अपडेट Sep 19, 2022

जब सरकार को ऐसा लगता है कि देश के एक निश्चित क्षेत्र में खतरनाक स्थिति पैदा हो गई है और उस क्षेत्र पर सशस्त्र बलों के नियंत्रण की आवश्यकता है, तो ऐसे अशांत क्षेत्रों में AFSPA के प्रावधान लागू किए जाते हैं।

किसी क्षेत्र को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित करने के लिए कानून और व्यवस्था की मौजूदा स्थिति काफी गंभीर होनी चाहिए, जिसके आधार पर राज्यपाल/प्रशासक यह तय कर सकें कि वह क्षेत्र इतनी अशांत या खतरनाक स्थिति में है कि वहां सशस्त्र बलों का उपयोग आवश्यक है।

इस तरह की घोषणा एक सीमित अवधि के लिए होनी चाहिए और छह महीने की समाप्ति से पहले घोषणा की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए।

सरकार को यह घोषणा आधिकारिक राजपत्र में एक अधिसूचना के माध्यम से करनी होती है, जिसे नियमित अंतराल पर प्रकाशित किया जाता है, जिसमें सार्वजनिक या कानूनी सूचनाएं छपती हैं।

उदाहरण: भारत सरकार ने 1990 में जम्मू और कश्मीर को एक अशांत क्षेत्र घोषित किया था। उस दौरान विद्रोह और उग्रवाद में वृद्धि के कारण इसे एक अशांत क्षेत्र घोषित किया गया था।

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