एक पुरुष उस महिला से शादी नहीं कर सकता जिसका पति जीवित है और जिसका तलाक नहीं हुआ है। यदि मुस्लिम विवाह विघटन अधिनियम, 1939 के तहत महिला को तलाक का आधार उपलब्ध है, तो उसे उस आधार को साबित करना होगा और किसी अन्य व्यक्ति से शादी करने से पहले अदालत की डिक्री प्राप्त करनी होगी।

इस्लामी कानून के तहत निषिद्ध संबंध कौन-कौन से हैं?

आखिरी अपडेट Sep 2, 2022

कानून के तहत कुछ रिश्ते प्रतिबंधित हैं। इसका मतलब है कि कोई भी व्यक्ति कुछ विशेष प्रकार के रिश्तेदारों से निकाह नहीं कर सकता है।

खून के रिश्ते

आप अपनी मां, दादी, नानी, बेटी, पोती, नातिन, बहन, भतीजी, भांजी, पर-भतीजी, पर-भांजी, मौसी, या बुआ से निकाह नहीं कर सकते। आप किसी ऐसे व्यक्ति से भी निकाह नहीं कर सकते जो ऐसे रिश्तेदारों के माध्यम से आपसे जुड़ा हो। जैसे, आप अपनी परपोती से निकाह नहीं कर सकते।

निकाह के माध्यम से रिश्तेदार

दूसरी, तीसरे या चौथे निकाह के मामले में आप अपनी पत्नी की माँ / दादी/ नानी, पत्नी की बेटी / पोती/ नातिन, बेटे की पत्नी से निकाह नहीं कर सकते।

धाय के माध्यम से रिश्तेदार

खून के रिश्तों और निकाह के माध्यम से निषिद्ध सभी संबंध धाय संबंधों पर भी लागू होते हैं। जैसे, एक आदमी अपनी धाय माँ की बेटी से निकाह नहीं कर सकता।

 

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इस्लामिक कानूनों की कई विचारधाराएं हैं। इस्लामी विवाह पर कानून विद्वानों द्वारा कुरान की व्याख्या से आता है।

इस्लामी निकाह के लिए योग्यता का मापदंड क्या हैं?

जब वह निम्नलिखित शर्तों को पूरा करेगा: तभी निकाह कर सकता है यदि वह दोनों युवावस्था (आमतौर पर 15 वर्ष) प्राप्त कर चुके हों।

इस्लामी निकाह के लिए आवश्यक शर्तें क्या हैं?

वैध निकाह के लिए एक व्यक्ति द्वारा या उसकी ओर से एक प्रस्ताव रखा जाना चाहिए और इसे दूसरे द्वारा स्वीकार किया जाना चाहिए।

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निकाह, इस्लामिक कानून के तहत एक संविदा (कॉन्ट्रेक्ट) होता है। निम्नलिखित शर्तों को पूरा करके यह संविदा दर्ज किया जा सकता है |

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