वास्तुकार (आर्किटेक्ट) कौन होता है?

आखिरी अपडेट Jul 13, 2022

वास्तुकार वह व्यक्ति है, जो इमारतों को डिजाइन करता है और उनके निर्माण कार्य में अपना परामर्श देता है। भारतीय कानून उस वास्तुकार को मान्यता देता है जब उसका नाम और अन्य निजी सूचनाएं रजिस्टर ऑफ आर्किटेक्ट्स में दर्ज हो जाता है। इसका ब्याेरा वास्तुकला परिषद् (कॉउन्सिल ऑफ आर्किटेक्चर) रखता है। एक बार आर्किटेक्ट्स रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराने के बाद वास्तुकार को अपने पेशे को करने की अनुमति होती है। ऐसे रजिस्टर में वास्तुकार का नाम इस प्रकार दर्ज होने का अर्थ यह है कि वह वास्तुकला में निपुण है। नाम पंजीकृत करवाने के कुछ तरीके हैं, जो किसी विदेशी या भारतीय योग्यता के आधार पर हो सकते हैं।

भारतीय योग्यता के लिए, भारतीय विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान की जाने वाली वास्तुकला की एक बैचलर डिग्री, नेशनल डिप्लोमा इन आर्किटेक्चर, बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बी. आर्क) की उपाधि, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (Indian Institute of Technology, IIT), भारतीय वास्तुकला संस्थान (Indian Institute of Architects) की सदस्यता, आदि द्वारा प्रदान की जाती है।

भारत, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, स्विटजरलैंड आदि जैसे देशों से विभिन्न डिग्रियों को मान्यता प्रदान करता है। इस सूची को आप यहां देख सकते हैं।

एक भारतीय नागरिक जिसके पास कोई भी योग्यता प्रमाण पत्र नहीं हैं, और यदि वह अपने पेशे में कम से कम पांच सालों से लगा है तो केन्द्र सरकार उसके आवेदन को पंजीकरण करने पर विचार कर सकती है।

एक आवेदक तब भी पंजीकृत माना जा सकता है यदि वह कानूनी नियमों से केंद्र सरकार द्वारा आर्किटेक्ट अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त संस्थान से पंजीकृत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

क्या आपके पास कोई कानूनी सवाल है जो आप हमारे वकीलों और वालंटियर छात्रों से पूछना चाहते हैं?

Related Resources

एक अधिवक्ता का अपने मुवक्किलों के प्रति कर्तव्य

ऐसे कई कर्तव्य हैं जो एक अधिवक्ता को अपने मुवक्किल के प्रति निभाने होते हैं।

नैदानिक मनोवैज्ञानिक के खिलाफ शिकायत दर्ज करना

आप नैदानिक ​​मनोवैज्ञानिकों के ‘दुराचार’ के संबंध में कई मंचों पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

चिकित्सा पेशेवर (मेडिकल प्रोफेशनल) के खिलाफ शिकायत दर्ज करना

आप पेशेवर दुराचार के संबंध में अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए स्टेट मेडिकल काउंसिल या मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं।