एक पंजीकृत फार्मासिस्ट के कार्य, जो दुराचार की श्रेणी में आएंगे और जिन कार्यों के खिलाफ शिकायत की जा सकती है, उनमें शामिल हैं:
कानून का उल्लंघन
- फार्मासिस्ट अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन (एक फार्मासिस्ट के कर्तव्यों से जुड़े उल्लंघन शामिल हैं, जिन्हें यहां देखा जा सकता है)।
- यदि फार्मेसी में काम करने वाला पंजीकृत फार्मासिस्ट किसी अन्य फार्मेसी / फार्मेसी कॉलेज / संस्थान / उद्योग / किसी अन्य संगठन में शिक्षण संकाय या अन्य के रूप में काम करता हुआ पाया जाता है, तो यह दुराचार के तहत आता है।
दवाओं का प्रबंधन
- ऐसी दवाओं का वितरण करना, जिसके लिए पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी प्रिसक्रिप्शन की आवश्यकता होती है।
- पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी की स्वीकृति / सहमति के बिना, खुद प्रिसक्रिप्शन बनाना।
पंजीकरण प्रमाण पत्र और संबंधित जानकारी
- फार्मेसी के मालिक को फार्मेसी में भाग लिए बिना अपने फार्मासिस्ट पंजीकरण प्रमाण पत्र का उपयोग करने की अनुमति देना।
- एक से अधिक फार्मेसी में उनके फार्मासिस्ट पंजीकरण प्रमाण पत्र देना।
- पांच वर्षों तक मरीजों के पर्चे / वितरण रिकॉर्ड को न बनाए रखना, और 72 घंटे के भीतर रोगी या एक अधिकृत प्रतिनिधि अनुरोध करने पर इन रिकॉर्ड को प्रदान करने से इनकार कर देना।
- फार्मेसी में राज्य फार्मेसी काउंसिल द्वारा दिए गए पंजीकरण प्रमाण पत्र को प्रदर्शित नहीं करना।
अनुचित आचरण या अपराध
- रोगी के साथ व्यभिचार या अनुचित आचरण करना, या किसी पेशेवर स्थिति का दुरुपयोग करके रोगी के साथ अनुचित संबंध बनाना।
- नैतिक अपराध या आपराधिक कृत्यों से जुड़े अपराधों के लिए अदालत द्वारा दी जाने वाली सजा।
- रोगियों की प्राप्ति के लिए एजेंटों का उपयोग करना।
सूचना की गोपनीयता न बनाए रखना और उन्हें उजागर करना
- रोगों और उपचारों के बारे में वैसे लेखों को छापना और साक्षात्कार देना, जिसका प्रभाव विज्ञापन के तौर पर या पेशे की बढ़ोतरी के लिये किया जा सकता हो। हालांकि एक फार्मासिस्ट अपने नाम के तहत सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छ रहन सहन के मामलों में प्रेस में लिखने के लिये स्वतंत्र हैं। वे अपने नाम के तहत सार्वजनिक व्याख्यान दे सकते हैं, वार्ता कर सकते हैं, और इनकी घोषणा प्रेस में भी कर सकते हैं।
- अपने पेशे के अभ्यास के दौरान मालूम हुए मरीज के रहस्यों का खुलासा करना। हालांकि, प्रकटीकरण की अनुमति निम्नलिखित मामलों की जा सकती है:
- अदालत में, पीठासीन न्यायिक अधिकारी के आदेश के तहत;
- उन परिस्थितियों में, जहां एक विशिष्ट व्यक्ति और / या समुदाय के लिए किसी गंभीर और ज्ञात जोखिम की संभावना हो; तथा
- उल्लेखनीय रोगों के मामले में।
- केवल धार्मिक आधार पर एक पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी के पर्चे पर लिखी दवाओं को देने से इनकार करना।
- किसी भी मेडिकल या अन्य पत्रिका में मरीजों की अनुमति के बिना उनकी तस्वीरें या मामले की रिपोर्ट प्रकाशित करना, जिससे मरीज़ की पहचान की जा सकती हो। हालांकि, अगर पहचान का खुलासा नहीं होता है, तो सहमति की आवश्यकता नहीं है।
इसके अलावा, यदि कोई पंजीकृत फार्मासिस्ट फार्मेसी चला रहा है और अन्य फार्मासिस्टों की मदद के लिए काम कर रहा है, तो अंतिम जिम्मेदारी पंजीकृत फार्मासिस्ट की होती है।
यह सभी प्रकार के पेशेवर दुराचारों की एक संपूर्ण सूची नहीं है। हालांकि, ऊपर वर्णित परिस्थितियों को पेशेवर दुराचारों के रूप में माना जा सकता है, और जिम्मेदार फार्मेसी काउंसिल उस पर कार्रवाई कर सकती है। इसके अलावा, इसका मतलब यह होगा कि यहां वर्णित फार्मासिस्ट के किसी भी निर्धारित नैतिक मानकों के उल्लंघन के आधार पर उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

Ravi Kumar
July 15, 2026
जिला औरंगाबाद प्रखंड बारुण में अवैध तरीके से मेडिकल एजेंसी का काम किया जा रहा है एवं सभी दवाइयां डुप्लीकेट बेचा जा रहा है
Sikha
September 26, 2026
यह गंभीर शिकायत है, क्योंकि यदि किसी मेडिकल एजेंसी/दुकान में बिना वैध लाइसेंस दवाइयाँ बेची जा रही हैं या नकली दवाइयाँ बेची जा रही हैं, तो इससे लोगों के स्वास्थ्य को सीधा खतरा हो सकता है।
आप औरंगाबाद, बारुण में हैं, इसलिए शिकायत सीधे Bihar Drugs Control Administration को करनी चाहिए। बिहार का आधिकारिक Drugs Control सिस्टम लाइसेंसधारी retailers/wholesalers और inspections आदि का रिकॉर्ड रखता है।
शिकायत में ये बातें जरूर लिखें
* मेडिकल एजेंसी/दुकान का पूरा नाम और पता
* संचालक/मालिक का नाम, यदि मालूम हो
* बिना लाइसेंस मेडिकल एजेंसी चलाने का संदेह
* किन दवाओं को नकली/डुप्लीकेट बताया जा रहा है
* दवाओं के बिल/पैकिंग/बैच नंबर, यदि उपलब्ध हों
* दुकान की फोटो/वीडियो
* यदि किसी व्यक्ति को ऐसी दवा से नुकसान हुआ है तो उसकी जानकारी
Drug Inspector द्वारा तत्काल निरीक्षण और दवाओं के नमूने लेकर laboratory testing कराने का अनुरोध
कहाँ शिकायत करें
बिहार के State Drugs Controller के लिए उपलब्ध आधिकारिक केंद्रीय सूची में Drugs Controller, Bihar का संपर्क 9430099336 और ईमेल [sdcbihar-bih@gov.in](mailto:sdcbihar-bih@gov.in) दिया गया है।
आप शिकायत की एक प्रति जिला स्तर के Drug Inspector/Drug Control अधिकारी, औरंगाबाद को भी दें और लिखित receiving लें।
यदि विभागीय शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती है, तो बिहार के लोक शिकायत निवारण में परिवाद दर्ज किया जा सकता है। बिहार पोर्टल पर शिकायत के लिए 1800 345 6284 टोल-फ्री नंबर दिया गया है और ऑनलाइन शिकायत की सुविधा भी है।
आप बिहार सरकार के Sahyog RTMS पर भी शिकायत दर्ज करके उसका reference number प्राप्त कर सकते हैं; पोर्टल शिकायत की tracking और escalation की सुविधा देता है।