कोई भी व्यक्ति जो:
- दहेज देता है या
- दहेज लेता है, और
- कोई भी जो दहेज के लेन-देन में मदद करता है।
उसको कानून के तहत सजा दी जाएगी।
उदाहरण के लिए,
राज (दूल्हा) और सिमरन (दुल्हन) की शादी हो रही है। सिमरन के पिता अमरीश राज के पिता अनुपम को दहेज में 10 लाख रुपये और एक कार देते हैं।
कहानी 1: दहेज लेने में बिचौलिया/ब्रोकर शामिल हो: अगर यश (जो एक बिचाौलिया/ब्रोकर है) के द्वारा दहेज के लेने-देन की बात हो रही है और अमरीश शिकायत दर्ज करते हैं, तो इस कानून के तहत अनुपम और यश दोनों को सजा मिलेगी।
कहानी 2: जब दूल्हा दहेज लेने में शामिल हो: अगर राज दहेज मांगने की बातचीत में शामिल है, तो शिकायत दर्ज होने पर उस पर भी मुकदमा चलाया जाएगा।
कहानी 3: जब दहेज की शिकायत किसी और द्वारा की जाती है: अगर शिकायत किसी और द्वारा की जाती है, या अधिकारियों को पता चलता है कि दहेज दिया या लिया जा रहा है। इस स्थिति में, तीनों पक्ष यानी अनुपम, यश और अमरीश को सजा दी जाएगी। अगर दहेज की चर्चा में राज भी शामिल था, तो उसे भी सजा हो सकती है।
सजा में कम से कम पांच साल तक की जेल हो सकती है। अगर दहेज के पैसे 15,000 से कम है, तो जुर्माना 15,000 रुपये का होगा। वहीं अगर जुर्माना 15,000 रुपये से ज्यादा है, तो जुर्माना दहेज के पैसों के बराबर होगा।
उदाहरण के लिए, अगर दहेज के पैसे 30,00,000 है, तो जुर्माना 30,00,000 रुपये ही होगा।

