शादी के 7 साल के अन्दर जब किसी महिला की अप्राकृतिक मौत (जैसे जलने या चोट लगने के कारण) होती है और वह दहेज की मांग के कारण क्रूरता या उत्पीड़न से भी पीड़ित थी, तब यह माना जाता है कि पति या ससुराल वालों द्वारा यह क्रूर अपराध किया गया है।
आत्महत्या को भी अप्राकृतिक मौत का एक रूप माना जाता है।
अगर ऊपर बताए गए सबूत मौजूद हैं, तो अदालत यह मान लेगी कि आरोपी ने अपराध किया है। इसके बाद आरोपी को यह साबित करना होगा कि उसने अपराध नहीं किया है।
इस अपराध के लिए सजा जुर्माने के साथ 3 साल तक की जेल है।
